देवरिया में शनिवार की शाम चार बजे के करीब ट्रक से टकराकर बाइक सवार सड़क किनारे जल रही पराली में गिर गया, और आधे घंटे तक उसमें तड़पता रहा। बता दें कि पराली के जलने से धुंए का गुबार फैला था जिससे बाइक सवार को आगे चल रहा ट्रक दिखाई नहीं दिया और वह उसमें घुस गया। वहीं, उसका बेटा सड़क की दूसरी ओर जा गिरा, जिससे वह बच गया।
पराली के धुंए की वजह से दूसरा बाइक सवार भी गिरा
इसी बीच पीछे से आ रहा दूसरा बाइक सवार भी धुएं की वजह से फिसलकर गिर गया। उसकी बाइक भी आग में चली गई। लेकिन, वह खुद गिरकर बच्चे की ओर चला गया। उसने तुरंत बच्चे को उठाया और दूसरे किनारे पर चला गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिसकर्मियों और फायरकर्मियों ने रेस्क्यू कर आग बुझाई।
भांजी की शादी में जा रहा था मृतक, पराली के धुंए ने ढक रखा था सड़क
जानकारी के मुताबिक गौरी बाजार थाना क्षेत्र के विरवा गांव में मुसाफिर पत्नी सुनीता और तीन बच्चों टिंकू, काजल और छोटू के साथ रहता था। वह पुणे में काम करता था। उसकी भांजी की शादी थी इसीलिए शनिवार शाम 4 बजे मुसाफिर अपनी बहन इसरावती के घर ईशरपुरा जा रहा था। वह बाइक से रुद्रपुर-पचलड़ी मार्ग पर पहुंचा था। वहां काशीपुर गांव के पास के खेतों में पराली जलाई गई थी। पराली की आग सड़क किनारे झाड़ियों तक पहुंच गई थी।
धुंए के गुबार में नहीं दिखा ट्रक, टक्कर से घायल होकर पराली में गिरा
धुएं ने पूरी सड़क को ढक लिया था। कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था। मुसाफिर धुएं वाले क्षेत्र से गुजर रहा था। धुएं की वजह से उसे अपने आगे चल रहा ट्रक नहीं दिखा। उसकी बाइक पीछे से ट्रक में घुस गई। इसके चलते मुसाफिर झाड़ियों में लगी आग में गिर गया। घायल होने की वजह से वह उठ नहीं पाया, लोग पानी डालते थे लेकिन वह जिंदा जल गया। इसी बीच एक और बाइक सवार धुएं की वजह से सड़क पर फिसलकर गिर गया।
उसकी बाइक भी आग में चली गई। लेकिन, वह खुद मुसाफिर के बेट की तरफ जा गिरा। उसने जैसे ही बच्चे को देखा, तुरंत उसे उठा लिया और खुद भी सड़क के किनारे जा खड़ा हुआ। इस बीच मुसाफिर जलता रहा। पुलिस ने दोनों जली हुई बाइकों को कब्जे में लिया। घायल बच्चे को रुद्रपुर स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया, इस दर्दनाक हादसे के बाद मृतक के घर में कोहराम मचा हुआ है।


