गोपालगंज में गैंगरेप पीड़िता की आपबीती:6 लोगों ने पहले ननद को धमका कर रेप किया, फिर मुझे बंधक बनाया, 3 दिन तक गलत काम करते रहे

गोपालगंज में गैंगरेप पीड़िता की आपबीती:6 लोगों ने पहले ननद को धमका कर रेप किया, फिर मुझे बंधक बनाया, 3 दिन तक गलत काम करते रहे

“3 दिनों तक 6 दरिंदों ने मुझे सुनसान जगह पर बंधक बनाए रखा। थोड़ी-थोड़ी देर पर मेरे साथ कोई न कोई रेप करता था। मैं रोती रही, गिड़गिड़ाती रही, छोड़ देने की गुहार लगाती रही, लेकिन किसी ने मुझे नहीं छोड़ा। मुझे न ठीक से खाना दिया, न ही सोने दे रहे थे। मुझे ये भी नहीं पता था कि मैं किस हालत में घर लौटूंगी। जिंदा बचूंगी भी या ये सभी दरिंदे मुझे मार डालेंगे।” ये कहना है गोपालगंज की गैंगरेप पीड़िता का, जिसके साथ 6 लड़कों ने मिलकर 3 दिनों तक रेप किया। आरोपियों ने सिर्फ महिला बल्कि उसकी नाबालिग ननद को भी अपनी हवस का शिकार बनाया। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि चार अब भी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। घटना जादोपुर थाना क्षेत्र की है। अब घटना से जुड़ी तस्वीरें देखिए… अब सिलसिलेवार तरीके से पढ़िए पूरी खबर… शादी के बाद भी प्रेमी के संपर्क में थी महिला पुलिस के अनुसार, पीड़िता की शादी 2024 में गोपालगंज में हुई थी। शादी से पहले उसका एक युवक से प्रेम संबंध था। वह उसी से लव मैरिज करना चाहती थी। दोनों करीब पांच सालों से एक-दूसरे के संपर्क में थे, लेकिन परिवार की असहमति के कारण महिला की शादी कहीं और कर दी गई। शादी के बाद महिला अपने पुराने प्रेमी के संपर्क में रही। 2025 में उसका पति मजदूरी के लिए विदेश चला गया। घर में उसकी नाबालिग ननद और बुजुर्ग ससुर रहते थे। इस दौरान महिला और उसके प्रेमी के बीच मुलाकातों का सिलसिला फिर शुरू हो गया। पुलिस के मुताबिक, दोनों अक्सर देर रात घर के लोगों के सो जाने के बाद मिला करते थे। कभी-कभी बाजार जाने के बहाने भी उनकी मुलाकात होती थी। हालांकि, महिला के पति को इस संबंध की कोई जानकारी नहीं थी। आधी रात को मिलने गई, रास्ते में हो गई वारदात पुलिस जांच में सामने आया है कि 22 अप्रैल की रात करीब 8.30 बजे महिला अपनी नाबालिग ननद को साथ लेकर घर से करीब 100 मीटर दूर एक बगीचे में अपने प्रेमी से मिलने गई थी। उसी समय गांव के 6 युवक वहां कुछ दूरी पर पहले से मौजूद थे। उन्होंने महिला और उसके प्रेमी को अकेले में देखा और मौका पाकर वहां पहुंच गए। आरोपियों ने सबसे पहले महिला के प्रेमी के साथ मारपीट की और उसे वहां से भगा दिया। इसके बाद उन्होंने नाबालिग लड़की को पकड़ लिया और उसके साथ गैंगरेप किया। ननद को धमका कर छोड़ा, महिला को अगवा कर ले गए घटना के बाद आरोपियों ने पीड़ित ननद को धमकाते हुए कहा कि अगर उसने किसी को कुछ बताया तो उसकी भाभी की हत्या कर दी जाएगी। डर के कारण वह चुपचाप घर लौट आई और किसी को कुछ नहीं बताया। वहीं आरोपी महिला को अपने साथ दियारा इलाके में ले गए, जहां एक सुनसान जगह पर मौजूद एक झोपड़ी में उसे बंधक बनाकर रखा गया। तीन दिनों तक महिला के साथ दुष्कर्म पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने महिला को तीन दिनों तक बंधक बनाकर रखा और उसके साथ लगातार सामूहिक दुष्कर्म करते रहे। इस दौरान महिला को बाहर निकलने का कोई मौका नहीं दिया गया। उधर, घर नहीं लौटने पर महिला के ससुर को चिंता हुई। उन्होंने पहले दिन ही थाने में जाकर गुमशुदगी की शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी थी, लेकिन असली घटना का खुलासा नहीं हो पाया था। डर के कारण ननद ने नहीं बताई सच्चाई दूसरे दिन जब महिला घर नहीं लौटी तो उसके ससुर ने नाबालिग बेटी से पूछताछ की, लेकिन उसने डर के कारण झूठ बोल दिया कि उसे कुछ नहीं पता है। आरोपियों की धमकी और भय के कारण वह लगातार चुप रही। यही वजह रही कि घटना का खुलासा होने में देरी हुई और आरोपी महिला को तीन दिनों तक बंधक बनाकर अपने साथ ही रखने में कामयाब रहें। रात में मौका मिलते ही भाग निकली महिला 25 अप्रैल की रात करीब 3 बजे महिला को भागने का मौका मिला। आरोपियों के सो जाने के बाद उसने खिड़की खोली और किसी तरह वहां से निकलने में सफल हो गई। वह सीधे अपने घर पहुंची और ससुर को पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिवार के लोग तुरंत उसे लेकर थाने पहुंचे। 26 अप्रैल को महिला ने अपने ससुर के साथ थाने पहुंचकर अपने नाम से लिखित शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर तेजी से कार्रवाई शुरू की। उसी दिन शाम तक पुलिस ने दो आरोपियों अनुज कुमार और नीतीश कुमार को गिरफ्तार कर लिया। जानिए महिला ने पुलिस को क्या बताया वो तीन दिन मेरे लिए किसी नरक से कम नहीं थे। छह लड़कों ने मुझे सुनसान जगह पर बंधक बनाकर रखा। मैं बार-बार हाथ जोड़कर छोड़ देने की गुहार लगाती रही, रोती रही, लेकिन किसी ने मेरी एक नहीं सुनी। आरोपियों ने बारी-बारी से मेरे साथ दरिंदगी की और लगातार तीन दिनों तक गैंगरेप करते रहे। मैं दर्द से तड़पती रही, चीखती रही, लेकिन वहां मेरी आवाज सुनने वाला कोई नहीं था। जब भी मैं विरोध करती, आरोपी मुझे मारते-पीटते और जान से मारने की धमकी देते थे। मुझे कहा गया कि अगर मैंने किसी को कुछ बताया तो मेरे परिवार को भी नहीं छोड़ेंगे। मुझे तीन दिनों तक खाने-सोने नहीं दिया महिला ने बताया, “उन तीन दिनों में मुझे न ठीक से खाने दिया गया, न सोने दिया गया। मैं पूरी रात जागकर रोती रहती थी। मेरे मन में यही डर था कि ये लोग मुझे मार देंगे।” तीसरी रात जब सभी आरोपी गहरी नींद में सो गए, तब मैंने हिम्मत जुटाई। किसी तरह खिड़की खोली और अंधेरे का फायदा उठाकर वहां से भाग निकली। घर पहुंचते ही मैं फूट-फूटकर रोने लगी।” चार आरोपी अब भी फरार इस मामले में नामजद अन्य चार आरोपी पवन कुमार श्रीवास्तव, बादल कुमार, बुलेट कुमार और अजय कुमार फिलहाल फरार हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया है। इसमें सदर-1 एसडीपीओ और जादोपुर थाना पुलिस शामिल है। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और एफएसएल टीम को बुलाकर वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए। तकनीकी और मानवीय दोनों आधारों पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। मेडिकल जांच और सबूत जुटाने पर फोकस दोनों पीड़िताओं को मेडिकल जांच के लिए सदर अस्पताल भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट, FSL रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर केस को मजबूत किया जाएगा, ताकि आरोपियों को सख्त सजा दिलाई जा सके। पूछताछ में आरोपियों के अलग-अलग दावे पुलिस के अनुसार, एक आरोपी ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि वह सिर्फ खाना देने गया था। उसके दोस्त उसे फंसा रहे हैं। वहीं, दूसरे आरोपी ने कहा कि वह सिर्फ मौके पर मौजूद था, लेकिन उसने किसी तरह की आपराधिक हरकत नहीं की। हालांकि, पुलिस इन बयानों की सत्यता की जांच कर रही है और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले को आगे बढ़ा रही है। SDPO प्रांजल ने बताया, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान उन्होंने अलग-अलग दावे किए हैं। इस मामले में वैज्ञानिक जांच जल्द पूरी कर स्पीडी ट्रायल के जरिए आरोपियों को सजा दिलाई जाएगी। वहीं, अभी तक हमारे पास मेडिकल रिपोर्ट नहीं आई है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। “3 दिनों तक 6 दरिंदों ने मुझे सुनसान जगह पर बंधक बनाए रखा। थोड़ी-थोड़ी देर पर मेरे साथ कोई न कोई रेप करता था। मैं रोती रही, गिड़गिड़ाती रही, छोड़ देने की गुहार लगाती रही, लेकिन किसी ने मुझे नहीं छोड़ा। मुझे न ठीक से खाना दिया, न ही सोने दे रहे थे। मुझे ये भी नहीं पता था कि मैं किस हालत में घर लौटूंगी। जिंदा बचूंगी भी या ये सभी दरिंदे मुझे मार डालेंगे।” ये कहना है गोपालगंज की गैंगरेप पीड़िता का, जिसके साथ 6 लड़कों ने मिलकर 3 दिनों तक रेप किया। आरोपियों ने सिर्फ महिला बल्कि उसकी नाबालिग ननद को भी अपनी हवस का शिकार बनाया। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि चार अब भी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। घटना जादोपुर थाना क्षेत्र की है। अब घटना से जुड़ी तस्वीरें देखिए… अब सिलसिलेवार तरीके से पढ़िए पूरी खबर… शादी के बाद भी प्रेमी के संपर्क में थी महिला पुलिस के अनुसार, पीड़िता की शादी 2024 में गोपालगंज में हुई थी। शादी से पहले उसका एक युवक से प्रेम संबंध था। वह उसी से लव मैरिज करना चाहती थी। दोनों करीब पांच सालों से एक-दूसरे के संपर्क में थे, लेकिन परिवार की असहमति के कारण महिला की शादी कहीं और कर दी गई। शादी के बाद महिला अपने पुराने प्रेमी के संपर्क में रही। 2025 में उसका पति मजदूरी के लिए विदेश चला गया। घर में उसकी नाबालिग ननद और बुजुर्ग ससुर रहते थे। इस दौरान महिला और उसके प्रेमी के बीच मुलाकातों का सिलसिला फिर शुरू हो गया। पुलिस के मुताबिक, दोनों अक्सर देर रात घर के लोगों के सो जाने के बाद मिला करते थे। कभी-कभी बाजार जाने के बहाने भी उनकी मुलाकात होती थी। हालांकि, महिला के पति को इस संबंध की कोई जानकारी नहीं थी। आधी रात को मिलने गई, रास्ते में हो गई वारदात पुलिस जांच में सामने आया है कि 22 अप्रैल की रात करीब 8.30 बजे महिला अपनी नाबालिग ननद को साथ लेकर घर से करीब 100 मीटर दूर एक बगीचे में अपने प्रेमी से मिलने गई थी। उसी समय गांव के 6 युवक वहां कुछ दूरी पर पहले से मौजूद थे। उन्होंने महिला और उसके प्रेमी को अकेले में देखा और मौका पाकर वहां पहुंच गए। आरोपियों ने सबसे पहले महिला के प्रेमी के साथ मारपीट की और उसे वहां से भगा दिया। इसके बाद उन्होंने नाबालिग लड़की को पकड़ लिया और उसके साथ गैंगरेप किया। ननद को धमका कर छोड़ा, महिला को अगवा कर ले गए घटना के बाद आरोपियों ने पीड़ित ननद को धमकाते हुए कहा कि अगर उसने किसी को कुछ बताया तो उसकी भाभी की हत्या कर दी जाएगी। डर के कारण वह चुपचाप घर लौट आई और किसी को कुछ नहीं बताया। वहीं आरोपी महिला को अपने साथ दियारा इलाके में ले गए, जहां एक सुनसान जगह पर मौजूद एक झोपड़ी में उसे बंधक बनाकर रखा गया। तीन दिनों तक महिला के साथ दुष्कर्म पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने महिला को तीन दिनों तक बंधक बनाकर रखा और उसके साथ लगातार सामूहिक दुष्कर्म करते रहे। इस दौरान महिला को बाहर निकलने का कोई मौका नहीं दिया गया। उधर, घर नहीं लौटने पर महिला के ससुर को चिंता हुई। उन्होंने पहले दिन ही थाने में जाकर गुमशुदगी की शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी थी, लेकिन असली घटना का खुलासा नहीं हो पाया था। डर के कारण ननद ने नहीं बताई सच्चाई दूसरे दिन जब महिला घर नहीं लौटी तो उसके ससुर ने नाबालिग बेटी से पूछताछ की, लेकिन उसने डर के कारण झूठ बोल दिया कि उसे कुछ नहीं पता है। आरोपियों की धमकी और भय के कारण वह लगातार चुप रही। यही वजह रही कि घटना का खुलासा होने में देरी हुई और आरोपी महिला को तीन दिनों तक बंधक बनाकर अपने साथ ही रखने में कामयाब रहें। रात में मौका मिलते ही भाग निकली महिला 25 अप्रैल की रात करीब 3 बजे महिला को भागने का मौका मिला। आरोपियों के सो जाने के बाद उसने खिड़की खोली और किसी तरह वहां से निकलने में सफल हो गई। वह सीधे अपने घर पहुंची और ससुर को पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिवार के लोग तुरंत उसे लेकर थाने पहुंचे। 26 अप्रैल को महिला ने अपने ससुर के साथ थाने पहुंचकर अपने नाम से लिखित शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर तेजी से कार्रवाई शुरू की। उसी दिन शाम तक पुलिस ने दो आरोपियों अनुज कुमार और नीतीश कुमार को गिरफ्तार कर लिया। जानिए महिला ने पुलिस को क्या बताया वो तीन दिन मेरे लिए किसी नरक से कम नहीं थे। छह लड़कों ने मुझे सुनसान जगह पर बंधक बनाकर रखा। मैं बार-बार हाथ जोड़कर छोड़ देने की गुहार लगाती रही, रोती रही, लेकिन किसी ने मेरी एक नहीं सुनी। आरोपियों ने बारी-बारी से मेरे साथ दरिंदगी की और लगातार तीन दिनों तक गैंगरेप करते रहे। मैं दर्द से तड़पती रही, चीखती रही, लेकिन वहां मेरी आवाज सुनने वाला कोई नहीं था। जब भी मैं विरोध करती, आरोपी मुझे मारते-पीटते और जान से मारने की धमकी देते थे। मुझे कहा गया कि अगर मैंने किसी को कुछ बताया तो मेरे परिवार को भी नहीं छोड़ेंगे। मुझे तीन दिनों तक खाने-सोने नहीं दिया महिला ने बताया, “उन तीन दिनों में मुझे न ठीक से खाने दिया गया, न सोने दिया गया। मैं पूरी रात जागकर रोती रहती थी। मेरे मन में यही डर था कि ये लोग मुझे मार देंगे।” तीसरी रात जब सभी आरोपी गहरी नींद में सो गए, तब मैंने हिम्मत जुटाई। किसी तरह खिड़की खोली और अंधेरे का फायदा उठाकर वहां से भाग निकली। घर पहुंचते ही मैं फूट-फूटकर रोने लगी।” चार आरोपी अब भी फरार इस मामले में नामजद अन्य चार आरोपी पवन कुमार श्रीवास्तव, बादल कुमार, बुलेट कुमार और अजय कुमार फिलहाल फरार हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया है। इसमें सदर-1 एसडीपीओ और जादोपुर थाना पुलिस शामिल है। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और एफएसएल टीम को बुलाकर वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए। तकनीकी और मानवीय दोनों आधारों पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। मेडिकल जांच और सबूत जुटाने पर फोकस दोनों पीड़िताओं को मेडिकल जांच के लिए सदर अस्पताल भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट, FSL रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर केस को मजबूत किया जाएगा, ताकि आरोपियों को सख्त सजा दिलाई जा सके। पूछताछ में आरोपियों के अलग-अलग दावे पुलिस के अनुसार, एक आरोपी ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि वह सिर्फ खाना देने गया था। उसके दोस्त उसे फंसा रहे हैं। वहीं, दूसरे आरोपी ने कहा कि वह सिर्फ मौके पर मौजूद था, लेकिन उसने किसी तरह की आपराधिक हरकत नहीं की। हालांकि, पुलिस इन बयानों की सत्यता की जांच कर रही है और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले को आगे बढ़ा रही है। SDPO प्रांजल ने बताया, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान उन्होंने अलग-अलग दावे किए हैं। इस मामले में वैज्ञानिक जांच जल्द पूरी कर स्पीडी ट्रायल के जरिए आरोपियों को सजा दिलाई जाएगी। वहीं, अभी तक हमारे पास मेडिकल रिपोर्ट नहीं आई है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।  

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