भाई प्रतीक यादव के निधन पर राजभर का अखिलेश पर बड़ा हमला, बोले- ‘कम से कम तेरहवीं तक तो रुक जाते, इतनी क्या राजनीति?’

भाई प्रतीक यादव के निधन पर राजभर का अखिलेश पर बड़ा हमला, बोले- ‘कम से कम तेरहवीं तक तो रुक जाते, इतनी क्या राजनीति?’

Om Prakash Rajbhar News: उत्तर प्रदेश की राजनीति में इन दिनों बयानों के तीर जमकर चल रहे हैं। यूपी सरकार में नए मंत्रियों के विभागों के बंटवारे में हो रही देरी को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव ने ‘पर्ची’ वाला तंज कसा, तो योगी सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर उन पर तरह भड़क गए। राजभर ने अखिलेश यादव को परिवार के दुख की याद दिलाते हुए मर्यादा में रहने की नसीहत दे डाली और साथ ही एक ऐसा ऑफर दे दिया जिसकी चर्चा हर तरफ हो रही है।

भाई के निधन की दिलाई याद, बोले- ‘कम से कम तेरहवीं तक तो रुक जाते’

ओपी राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर हिंदी और भोजपुरी दोनों में पोस्ट लिखकर अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला।
राजभर ने लिखा कि मैं ‘अखिलेश अभी आपके भाई का देहांत हुआ है और पूरा परिवार परेशानी में है। यही वजह है कि मैं भी अपके दुख में शामिल हूं और आपकी समाज को बांटने वाली राजनीति पर कहना-लिखना बंद कर दिया था। लेकिन आप इतने सत्ता लोलुप हैं कि परिवार की ‘गमी’ के बीच भी राजनीति सूझ रही है, दूसरों के घरों में क्या चल रहा है इसकी आपको ज्यादा चिंता है। लगता है आपने लोकलाज त्याग दिया है।’

राजभर का बड़ा तंज- ‘सुभासपा में आ जाओ, योगी जी से लड़कर मंत्री बनवा दूंगा’

अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए राजभर ने आगे लिखा कि ‘जरा तेरहवीं तक रुक जाइए फिर विचारों की राजनीति कर ली जाएगी, कुछ आप हमें कह लीजिएगा, कुछ हम आपको सुनाएंगे… लेकिन इस व्यवहार को गोलोकगामी भाई देख रहा होगा तो, क्या सोच रहा होगा… थोड़ा तो लिहाज कर लीजिए। रही बात मंत्रिमंडल विस्तार के बाद विभाग के बंटवारे की तो, आपको क्या लगता है कि कोई विभाग आपको भी मिल जाए? अगर इच्छुक हैं तो सुभासपा ज्वाइन कर लीजिए, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से झगड़ा कर लूंगा, लेकिन आपको एक विभाग का मंत्री बनवा कर रहूंगा।’

आखिर अखिलेश यादव ने क्या कहा था, जिसपर मचा बवाल?

दरअसल, इस पूरे विवाद की शुरुआत अखिलेश यादव के एक सोशल मीडिया पोस्ट से हुई थी। यूपी में नए मंत्रियों के शपथ लेने के बाद भी विभागों का बंटवारा न होने पर अखिलेश ने तंज कसा था। उन्होंने सवाल उठाया था कि क्या मंत्रियों के नाम की तरह अब उनके विभागों की ‘पर्ची’ भी दिल्ली (ऊपर) से ही आएगी?

अखिलेश ने आरोप लगाया था कि मंत्रालयों के बंटवारे में देरी की असली वजह ‘कमीशन और कमाई’ का झगड़ा है, जिसमें डबल इंजन आपस में टकरा रहे हैं। नए मंत्री तो बस दर्शक बनकर बैठे हैं। और गेंद को इधर-उधर आते-जाते देख रहे हैं। अखिलेश के इसी ‘पर्ची और कमीशन’ वाले वार पर अब राजभर ने पलटवार करते हुए यूपी की राजनीति का पारा गरमा दिया है।

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