मथुरा में पुलिस ने 20 हजार रुपए का इनामी बदमाश हम्बीर मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस की जवाबी फायरिंग में आरोपी के बाएं पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। पुलिस के अनुसार, मंगलवार रात मुखबिर से सूचना मिली थी कि थाना बलदेव क्षेत्र के नगला उदय सिंह निवासी 28 वर्षीय हम्बीर आपराधिक घटना को अंजाम देने की फिराक में है। सूचना पर बलदेव पुलिस और रिवार्डिड टीम ने दौलतपुर अंडरपास सर्विस रोड पर चेकिंग शुरू की। रात करीब 9:05 बजे संदिग्ध हम्बीर को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन उसने पुलिस टीम पर तमंचे से फायरिंग कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें हम्बीर के बाएं पैर में गोली लगी। घायल अवस्था में उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। तलाशी के दौरान उसके पास से एक अवैध .315 बोर का तमंचा, एक जिंदा कारतूस और दो खोखा कारतूस बरामद किया गया। पढ़िए पूरी खबर… अखिलेश के हमले पर डिप्टी सीएम बृजेश पाठक का पलटवार, बोले- पहले अपनी सरकार के घोटाले याद करिए सपा प्रमुख अखिलेश यादव के स्वास्थ्य विभाग को लेकर किए गए हमले पर डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर सपा सरकार के कार्यकाल में हुए कथित घोटालों और स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली का मुद्दा उठाया। बृजेश पाठक ने लिखा- अखिलेश यादव को दूसरों पर सवाल उठाने से पहले अपनी सरकार के कार्यकाल को याद करना चाहिए। सपा सरकार के दौरान 102 और 108 समाजवादी एम्बुलेंस योजना में हजारों करोड़ रुपए की गड़बड़ियां सामने आई थीं। स्वास्थ्य विभाग की भर्तियों में भी बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा हुआ था। एक ही व्यक्ति की पहचान और दस्तावेजों का इस्तेमाल कर 6 अलग-अलग जिलों में फर्जी नियुक्तियां की गईं और सालों तक अवैध रूप से वेतन निकाला जाता रहा। सपा सरकार के समय विश्व बैंक पोषित करीब 700 करोड़ रुपए के ‘यूपी हेल्थ सिस्टम स्ट्रेंथनिंग प्रोजेक्ट’ में भी घोटाले के आरोप लगे थे। उन्होंने डॉक्टरों और विशेषज्ञों की कमी, ग्रामीण क्षेत्रों में बदहाल स्वास्थ्य केंद्रों तथा महामारी और मौसमी बीमारियों के कुप्रबंधन के लिए भी पिछली सपा सरकार को जिम्मेदार ठहराया। दरअसल, अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट कर स्वास्थ्य मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा था कि क्या उन्होंने कभी अपने विभाग की स्थिति पर सवाल पूछा है। स्वास्थ्य विभाग की खराब स्थिति सरकार की दायित्वहीनता, उदासीनता और अक्षमता को दर्शाती है। कानपुर में 10 करोड़ का 600 किलो गांजा जब्त: आटा-मैदा लदे कंटेनर में छिपाकर उड़ीसा से आगरा जा रहा था कानपुर में आटा लदे कंटेनर में गांजा की बड़ी खेप पकड़ी गई है। तस्करों ने इसे अलग रंग की बोरियों में भर रखा था। पकड़े गए गांजा का वजन 600 किलो से अधिक है। बाजार में इसकी कीमत करीब 10 करोड़ रुपए है। पुलिस ने इस कंटेनर को करीब 15 किमी पीछा करके पकड़ा है। कंटेनर का मालिक ही गाड़ी को ड्राइव कर रहा था। उसके दो साथी पुलिस को चकमा देकर भाग गए। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि गांजा की यह खेप उड़ीसा से लाई गई थी। इसे आगरा पहुंचाया जाना था। उसके पहले ही कानपुर में पुलिस ने इसे पकड़ लिया।पढ़ें पूरी खबर


