महाराणा प्रताप जयंती और हल्दीघाटी विजय के 450 साल पूरे होने पर उदयपुर में 17 जून को बड़ी राष्ट्र चेतना संकल्प सभा होगी। प्रताप गौरव केन्द्र ‘राष्ट्रीय तीर्थ’ की ओर से होने वाले इस बड़े कार्यक्रम की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस महासभा से पहले हर गांव तक हल्दीघाटी विजय की कहानी पहुंचाने के लिए एक बड़ा अभियान चलाया जाएगा, जिसके तहत लोगों को 2 लाख पत्रक (पर्चे) बांटे जाएंगे। प्रताप गौरव केन्द्र के निदेशक अनुराग सक्सेना ने बताया कि हल्दीघाटी विजय के गौरवशाली इतिहास को बताने वाले 2 लाख पर्चे छपवाए गए हैं। कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को अलग-अलग जिलों में भेजने के लिए इन पर्चों को पैक करने का काम पूरा कर लिया है। इस अभियान की शुरुआत बुधवार को बोहरा गणेशजी मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ की गई थी। इन जिलों और राज्यों में पहुंचेंगे पर्चे
अनुराग सक्सेना के मुताबिक, ये पर्चे उदयपुर के अलावा बांसवाड़ा, डूंगरपुर, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, भीलवाड़ा, सलूम्बर, अजमेर, ब्यावर, जयपुर, जोधपुर, कोटा और झालावाड़ जिलों में भेजे जा रहे हैं। इसके साथ ही मेवाड़ और वागड़ की सीमा से लगते गुजरात के साबरकांठा और मध्यप्रदेश के मंदसौर जैसे पड़ोसी जिलों में भी इन पर्चों को बांटा जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस गौरवगाथा से जुड़ सकें। 1000 साधु-संतों को न्योता
कार्यक्रम के संयोजक सीए महावीर चपलोत ने बताया कि गांधी ग्राउंड में होने वाली इस विशाल सभा के लिए तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। मैदान में गाड़ियों की पार्किंग से लेकर लोगों के बैठने की व्यवस्थाएं तय की जा रही हैं। इस महासभा को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहनराव भागवत मुख्य रूप से संबोधित करेंगे। सभा में शामिल होने के लिए देश भर के एक हजार से ज्यादा साधु-संतों और महात्माओं को खास तौर पर निमंत्रण भेजा जा रहा है। इसके अलावा राजस्थान के अलग-अलग समाजों के 5 हजार प्रबुद्ध लोगों और देश भर से 500 से अधिक नामचीन समाजसेवियों को गेस्ट के रूप में बुलाया जा रहा है।


