पीतांबरा पीठ की ऑनलाइन पूजा और मिर्ची अनुष्ठान पर आपत्ति:आचार्य बोले- शास्त्रों में नहीं मान्यता, कुछ लोग श्रद्धालुओं को गुमराह कर रहे

पीतांबरा पीठ की ऑनलाइन पूजा और मिर्ची अनुष्ठान पर आपत्ति:आचार्य बोले- शास्त्रों में नहीं मान्यता, कुछ लोग श्रद्धालुओं को गुमराह कर रहे

दतिया स्थित श्री पीतांबरा पीठ में रविवार को आयोजित प्रेस वार्ता में पीठ के आचार्य विष्णुकांत मुड़िया और प्रबंधक महेश दुबे ने ऑनलाइन पूजा-पाठ और तथाकथित ‘मिर्ची अनुष्ठान’ को लेकर गंभीर आपत्ति जताई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शास्त्रों में ऑनलाइन पूजा या लाल मिर्च से जुड़े किसी भी अनुष्ठान का कोई उल्लेख नहीं है और इस तरह की गतिविधियां पीठ की परंपराओं व मर्यादाओं के विरुद्ध हैं। आचार्य मुड़िया ने बताया कि पीठ की स्थापना तप, साधना और जनकल्याण के उद्देश्य से हुई है, जहां विधिवत दीक्षा और शास्त्रसम्मत अनुष्ठानों की परंपरा रही है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि कुछ दीक्षित व्यक्ति ही निजी स्वार्थ के चलते इस परंपरा को तोड़ रहे हैं और लोगों को भ्रमित कर रहे हैं। ऐसे लोग पीठ के नाम का दुरुपयोग कर अंधविश्वास फैलाते हुए अनर्गल प्रचार कर रहे हैं और श्रद्धालुओं से धन वसूल रहे हैं। शास्त्रों में हवन सामग्री में लाल मिर्च का स्थान नहीं
उन्होंने विशेष रूप से ‘लाल मिर्ची अनुष्ठान’ का जिक्र करते हुए कहा कि शास्त्रों में हवन सामग्री में लाल मिर्च का कोई स्थान नहीं है। दुर्गा सप्तशती सहित अन्य ग्रंथों में हवन की विधि स्पष्ट रूप से वर्णित है, लेकिन कुछ लोग मनमाने प्रयोग कर श्रद्धालुओं को गुमराह कर रहे हैं, जिससे भ्रम की स्थिति बन रही है। प्रबंधक महेश दुबे ने बताया कि पीठ प्रशासन पहले भी ऐसे लोगों को चेतावनी दे चुका है कि वे पीठ का नाम इस्तेमाल न करें, लेकिन वे नाम में बदलाव कर या अन्य शब्द जोड़कर अपनी गतिविधियां जारी रखे हुए हैं। उन्होंने डिजिटल माध्यम से किए जा रहे पूजा-पाठ पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि “डिजिटल हवन” जैसी कोई अवधारणा शास्त्रों में नहीं है और यह पूरी तरह भ्रामक है। घर बैठे हवन करना शास्त्रसम्मत नहीं है। आंतरिक और बाहरी लोगों की संलिप्तता सामने आई
पीठ प्रशासन के अनुसार, 24 अप्रैल को आयोजित एक अनुष्ठान में कुछ आंतरिक और बाहरी लोगों की संलिप्तता सामने आई है, जिसकी जांच की जा रही है। दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने यह भी निर्णय लिया है कि इस मामले में जिला प्रशासन को शिकायत की जाएगी और एसपी व कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की जाएगी। अंत में पीठ प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के भ्रामक प्रचार, ऑनलाइन पूजा या अवैज्ञानिक अनुष्ठानों से दूर रहें और केवल शास्त्रसम्मत व परंपरागत विधियों का ही पालन करें।

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