कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खड़गे ने बुधवार को नंदी इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरिडोर एंटरप्राइजेज (NICE) प्रोजेक्ट को लेकर केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी के आरोपों की आलोचना की और कहा कि जलन और नाराजगी का कोई इलाज नहीं है। मीडिया से बात करते हुए खड़गे ने कहा कि अगर NICE प्रोजेक्ट गैर-कानूनी है, तो कुमारस्वामी को यह मामला सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सामने उठाना चाहिए। खड़गे ने यह भी आरोप लगाया कि लोगों के निजी मामलों पर लगातार टिप्पणी करना बीजेपी और जेडी(एस) की आदत बन गई है। कुमारस्वामी केंद्रीय मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री हैं। उन्हें दो दशक मिले और वे दो बार मुख्यमंत्री रहे। तब उन्होंने इस बारे में बात क्यों नहीं की? जलन और नाराज़गी का कोई इलाज नहीं है। पिछले तीन महीनों में आपने कर्नाटक के बारे में कितनी बात की है? आपने डीके शिवकुमार के बारे में कितनी बात की है? अगर NICE गैर-कानूनी है, तो इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या गृह मंत्री अमित शाह के सामने ले जाएं। आप खुद केंद्रीय मंत्री हैं। आपको किसने रोका है?
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उन्होंने कहा जब आपके पास अधिकार था, तब आपने इनमें से किसी भी बात पर कुछ नहीं कहा। निजी मामलों पर बात करना BJP और JD(S) की आदत बन गई है। आइए सभी की संपत्ति पर चर्चा करें — किसके पास कितनी संपत्ति है, आपके पास कितनी है, सबने अपनी संपत्ति कैसे और कब बनाई। आइए इसके लिए एक विशेष सत्र बुलाएं। आइए चर्चा करें कि आपके रिश्तेदारों के पास कितनी संपत्ति है, डी.के. शिवकुमार के पास कितनी है, मेरे पास कितनी है, आपके पास कितनी है, संपत्ति कैसे बनाई गई और क्या-क्या बनाया गया। लोगों को सब कुछ पता चलना चाहिए। केंद्र सरकार में आपके दोस्तों ने मुख्यमंत्री के खिलाफ IT और ED के छापे मारे थे, है ना? क्या उन्होंने उन्हें जेल नहीं भेजा था? क्या हुआ? अब उनके खिलाफ कौन सा मामला लंबित है? आप केंद्र सरकार में हैं; आपके पास सारी ताकत है। कृपया प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को बताएं।
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खड़गे की यह टिप्पणी केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी के उस आरोप के बाद आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि बेंगलुरु-मैसूर इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरिडोर प्रोजेक्ट (BMICP), जिसे आमतौर पर NICE रोड कहा जाता है, के कार्यान्वयन के दौरान कथित धोखाधड़ी के कारण उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार की संपत्ति 4 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,444 करोड़ रुपये हो गई। कुमारस्वामी के आरोपों के बाद, कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने इन दावों को खारिज कर दिया और सवाल किया कि क्या उन्हें और उनके बच्चों को संपत्ति हासिल करने का अधिकार नहीं है, साथ ही उन्होंने जोर देकर कहा कि उन्होंने अपनी सारी संपत्ति कानून के दायरे में रहकर बनाई है। उन्होंने मेरी संपत्ति के बारे में बात की है। एक किसान और उद्यमी के बेटे के तौर पर, क्या मेरे पास संपत्ति नहीं होनी चाहिए? क्या मेरे बच्चे एसेट्स (संपत्ति) नहीं खरीद सकते? मैंने कानून के तहत मिले मौकों का इस्तेमाल करके संपत्ति बनाई है इसमें क्या गलत है? क्या कुमारस्वामी कोई इनकम टैक्स ऑफिसर हैं? उन्हें इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को जानकारी देने दें। क्या सिर्फ़ गांव से आए लोग ही यहां हर जगह प्रॉपर्टी खरीद सकते हैं? BMIC प्रोजेक्ट, NICE रोड स्कीम के तहत क्या वहां उनकी प्रॉपर्टी नहीं है? किन-किन लोगों ने प्रॉपर्टी खरीदी है? उनकी सारी प्रॉपर्टी अलग-अलग जगहों पर क्यों फैली हुई हैं। बिदादरी टाउनशिप स्कीम के तहत प्रॉपर्टी कैसे आई? कुमारस्वामी जो चाहें करें; मुझे इसकी कोई चिंता नहीं है। मेरे पास एसेट्स हैं, और अगर मेरे बच्चों में क्षमता है, तो वे और एसेट्स बनाएंगे। कानून में मौका है, उनमें खरीदने की काबिलियत है, वे रहते हैं।

