राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने कर्नाटक के बेलगावी जिले की एक झील में प्रदूषण के कारण बड़ी संख्या में मछलियों की मौत के मामले में राज्य सरकार और अन्य पक्षों से जवाब मांगा है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण एक स्थानीय निवासी द्वारा दायर की गई उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें दावा किया गया था कि जिले के अठानी शहर की एक झील में 29 जनवरी को ‘‘बड़े पैमाने पर मछलियों की मौत’’ देखी गई थी। याचिका में दावा किया गया है, नाले के पानी, नगरपालिका के कचरे और संभावित रासायनिक अपशिष्टों के कारण झील का पानी अत्यधिक प्रदूषित हो गया और उसमें ऑक्सीजन की भारी कमी हो गई, जिसके कारण सैकड़ों मृत मछलियां (जिनमें बड़ी मछलियां भी शामिल थीं) सतह पर उतराती पाई गईं।
इसमें दावा किया गया है, यह अठानी नगर पालिका अधिकारियों की लापरवाही का नतीजा है, जिन्होंने गटर के अनुपचारित पानी को झील में बहाने, कचरा फेंकने और रखरखाव में अनदेखी की, जिससे पर्यावरण कानूनों का उल्लंघन हुआ। न्यायिक सदस्य न्यायमूर्ति अरुण कुमार त्यागी और विशेषज्ञ सदस्य ए. सेंथिल वेल की पीठ ने 10 अगस्त के अपने आदेश में कहा कि इस मामले ने पर्यावरण से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न खड़े किए हैं। इसकी प्रति सोमवार को उपलब्ध हुई।
पीठ ने कहा, याचिका में किए गए दावों को ध्यान में रखते हुए, हम कर्नाटक सरकार, बेलगावी के जिला मजिस्ट्रेट, अठानी नगर परिषद, कर्नाटक झील संरक्षण एवं विकास प्राधिकरण और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से जवाब मांगना उचित समझते हैं। अधिकरण ने इस मामले को कार्यवाही के लिए चेन्नई स्थित एनजीटी की दक्षिणी क्षेत्र की पीठ को स्थानांतरित करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 31 अगस्त को होगी।

