मिडिल-ईस्ट की सुरक्षा में नया मोड़, सऊदी और UAE को मिला तेहरान के सस्ते ड्रोन का तोड़!

मिडिल-ईस्ट की सुरक्षा में नया मोड़, सऊदी और UAE को मिला तेहरान के सस्ते ड्रोन का तोड़!

Low-cost defense Technology: मध्य-पूर्व में भले ही ईरान और अमेरिका इजरायल के बीच दो हफ्ते का सीजफायर प्लान तैयार हो गया हो, लेकिन सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात ने अपनी सुरक्षा पर ध्यान देना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में खाड़ी के देश ईरानी के ड्रोन से मुकाबला करने के लिए नए और किफायती तरीके पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, ये देश $2,500 ( लगभग 2,31,450 रुपए) की कीमत वाले एक यूक्रेनी-डिजाइन इंटरसेप्टर ड्रोन (Interceptor Drone) को अपनाने की योजना बना रहे हैं, जो अमेरिकी निर्मित महंगी मिसाइलों का एक सस्ता विकल्प साबित हो सकता है। यह जानकारी इस ड्रोन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेचने और प्रमोट कर रही जापानी कंपनी टेरा ड्रोन की ओर से दी गई है। हालांकि दोनों देशों की तरफ से इसको लेकर कोई टिप्पणी नहीं की गई है।

खाड़ी देश क्यों कर रहे विचार?

टेरा ड्रोन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी तोरू तोकुशिगे ने कहा कि अब हर कोई गणित लगा रहा है। महंगी मिसाइलों से सस्ते ड्रोनों को मार गिराना आर्थिक रूप से तर्कसंगत नहीं है। उन्होंने बताया कि टेरा ड्रोन के प्रत्येक इंटरसेप्टर ड्रोन की कीमत 2,526 डॉलर है। तुलनात्मक रूप से, जमीन से लॉन्च की जाने वाली पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों की कीमत लगभग 40 लाख डॉलर प्रति मिसाइल ( करीब 33 करोड़ रुपए प्रति मिसाइल) हो सकती है, जबकि शाहेद ड्रोन की अनुमानित कीमत मात्र 20,000 डॉलर (लगभग 18.51 लाख रुपए) है।

जंग की बदलती रणनीति से बढ़ा दबाव

अमेरिका-इजरायल से संघर्ष में ईरान ने बड़े पैमाने पर सस्ते ड्रोनों का उपयोग किया है। मध्य पूर्व युद्ध के पहले सप्ताह में ही ईरान ने 1,000 से अधिक ड्रोन लॉन्च किए थे। उधर, विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान हर महीने 10,000 ड्रोन बनाने की क्षमता रखता है। इन सस्ते ड्रोनों से किए गए हमले उन्नत वायु रक्षा प्रणालियों (जैसे पैट्रियट) के भंडार को तेजी से खत्म कर रही हैं, जिससे सुरक्षा बलों पर आर्थिक और सामरिक दबाव बढ़ रहा है।

ट्रेरा ड्रोन ने यूक्रेन की कंपनी से किया है अनुबंध

टेरा ड्रोन ने पिछले महीने यूक्रेन की एक स्टार्टअप कंपनी अमेजिंग ड्रोन्स के साथ साझेदारी करके सैन्य बिक्री क्षेत्र में कदम रखा है। कंपनी ने रूस द्वारा यूक्रेन पर किए गए शाहेद हमलों का मुकाबला करने के लिए टेरा ए1 नामक एक इंटरसेप्टर ड्रोन डिजाइन किया है। हालांकि यह अभी तक युद्ध में परीक्षण नहीं हुआ है। उम्मीद है कि आने वाले महीनों में इसे परीक्षण के लिए यूक्रेन की सेना को सौंप दिया जाएगा। यहां यह बता दें कि टेरा ड्रोन पहले से ही सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी अरामको को सर्वेक्षण और निरीक्षण ड्रोन की आपूर्ति करती है।

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