Nepal Flood: नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ में कम से कम 469 लोगों की मौत हो गई है, जबकि सैकड़ों लोग अब भी लापता हैं। इस भयावह आपदा के बाद भारत समेत दुनिया के कई देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने आधिकारिक और अनौपचारिक तौर पर राहत-बचाव दल भेजने की पेशकश की थी। हालांकि, नेपाल सरकार ने इन प्रस्तावों को अस्वीकार कर दिया है। नेपाल सरकार का कहना है कि राहत और बचाव अभियान की अगुवाई नेपाली सुरक्षा एजेंसियां ही करेंगी।
भारत-चीन समेत कई देशों ने मदद की पेशकश की
‘द काठमांडू पोस्ट’ की रिपोर्ट के मुताबिक, नेपाल के विदेश मंत्रालय को कई देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों की ओर से राहत-बचाव दल भेजने के अनुरोध मिले थे। हालांकि, नेपाल सरकार ने फैसला किया है कि बचाव अभियान का नेतृत्व नेपाली एजेंसियां ही करेंगी।
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत, चीन, अमेरिका, ब्रिटेन, जापान, दक्षिण कोरिया, श्रीलंका और बांग्लादेश ने नेपाल को मदद की पेशकश की थी। भारतीय नागरिकों के लापता होने की खबरों के बाद भारत की ओर से NDRF की टीम भेजने की अनुमति भी मांगी गई थी, लेकिन नेपाल ने इसे ठुकरा दिया।
रॉयटर्स के मुताबिक, नेपाल के विदेश मंत्रालय ने कहा कि उसे बचाव अभियान के लिए दूसरे देशों से मदद की जरूरत नहीं है। नेपाल के विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने ‘द काठमांडू पोस्ट’ से कहा कि चीन और अन्य देशों से भी बचाव दल भेजने के अनुरोध मिले थे, लेकिन नेपाल को उन्हें अस्वीकार करना पड़ा।
अब तक 469 लोगों की मौत
नेपाल पुलिस के मुताबिक, शुक्रवार तक बाढ़ में 469 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 1,545 लोगों को सुरक्षित बचाया गया है। नेपाल के आपदा प्रबंधन अधिकारियों के अनुसार, करीब 1,000 लोग अब भी लापता हैं। इनमें नेपाल पुलिस के 28 जवान भी शामिल हैं। नेपाल पुलिस ने सर्च और रेस्क्यू अभियान के लिए 4,348 जवानों को तैनात किया है। अधिकारियों के मुताबिक, रसुवा से 644, नुवाकोट से 898 और धादिंग से तीन लोगों को सुरक्षित निकाला गया है।
कई विदेशी नागरिक भी लापता
नेपाल में अचानक आई बाढ़ के कारण कई विदेशी नागरिकों के भी लापता होने की खबर है। ‘द काठमांडू पोस्ट’ के मुताबिक, 178 भारतीय, 65 अमेरिकी, 51 मलेशियाई, 53 यूक्रेनी, 33 ब्रिटिश, 35 ऑस्ट्रेलियाई और 25 कनाडाई नागरिकों का अब तक पता नहीं चल पाया है। इसके अलावा दर्जनों अन्य देशों के नागरिक भी लापता हैं। चीनी अधिकारियों ने भी कहा है कि कम से कम 100 चीनी नागरिकों से अब तक संपर्क नहीं हो पाया है।

