Nepal flash floods and landslides: बाढ़ और भूस्खलन से नेपाल में हुई तबाही को देखते हुए अमेरिका और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) उसकी मदद के लिए आगे आए हैं। अमेरिका ने बाढ़ प्रभावित समुदायों के लिए 5 लाख अमेरिकी डॉलर की सहायता देने की घोषणा की है, जबकि WHO ने आपातकालीन चिकित्सा सामग्री भेजी है। अमेरिकी विदेश विभाग की राजनीतिक मामलों की अंडर सेक्रेटरी एलिसन एम. हूकर ने बताया कि उन्होंने नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल से चल रहे खोज और बचाव अभियानों को लेकर बातचीत की। इस दौरान नेपाल में लापता अमेरिकी नागरिकों का पता लगाने के लिए किए जा रहे तत्काल प्रयासों पर भी चर्चा हुई।
हूकर ने स्थानीय समयानुसार गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, ‘मैंने आज सुबह नेपाल के विदेश मंत्री खनाल से उनके खोज और बचाव अभियानों के बारे में बात की, जिसमें हमारे लापता नागरिकों का पता लगाने के तत्काल प्रयास भी शामिल हैं।’
उन्होंने कहा कि अमेरिकी विदेश विभाग बाढ़ प्रभावित समुदायों के लिए 5 लाख डॉलर की सहायता तेजी से उपलब्ध करा रहा है। वहीं, नेपाल स्थित अमेरिकी दूतावास स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय कर अमेरिकी नागरिकों की मदद कर रहा है। हूकर ने यह भी कहा, ‘अमेरिका इस कठिन समय में नेपाल की जनता के साथ खड़ा है और राहत एवं पुनर्वास प्रयासों में लगातार सहयोग करता रहेगा।’
उधर, नेपाल के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, विदेश मंत्री खनाल ने जारी खोज और बचाव अभियानों की जानकारी दी और अमेरिकी सरकार की सहायता की पेशकश के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि नेपाल सरकार खोज, बचाव और राहत अभियानों के लिए अपने सभी उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल कर रही है।
WHO ने भेजी जरूरी चिकित्सा सामग्री
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस ने बताया कि WHO के नेपाल कार्यालय ने स्वास्थ्य सेवाओं को जारी रखने के लिए जरूरी आपातकालीन चिकित्सा सामग्री जुटाकर भेजी है। इनमें दवाइयां और बहुउद्देश्यीय टेंट शामिल हैं।
टेड्रोस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘नेपाल-चीन सीमा क्षेत्र में आई फ्लैश फ्लड और भूस्खलन के बाद WHO का नेपाल कार्यालय जरूरी चिकित्सा सामग्री भेज रहा है।’ उन्होंने कहा कि WHO की टीम नेपाल के अधिकारियों और अन्य सहयोगी संगठनों के साथ मिलकर आगे की जरूरतों का आकलन कर रही है। उन्होंने राहत अभियान में शामिल सभी लोगों का आभार जताया, विशेष रूप से उन लोगों का जो कठिन परिस्थितियों के बावजूद घटनास्थल पर काम कर रहे हैं।
इस बीच, ब्रिटेन के किंग चार्ल्स तृतीय ने भी नेपाल में हुई त्रासदी पर गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि नेपाल-चीन सीमा पर आई भीषण बाढ़ की खबर सुनकर वह और उनकी पत्नी क्वीन कैमिला बेहद दुखी हैं।

