नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA ने 3 मई को हुई NEET 2026 परीक्षा रद्द कर दी है। परीक्षा की नई डेट्स जल्द जारी की जाएंगी। NTA ने कहा है कि केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद परीक्षा रद्द की गई है। बिहार में NEET परीक्षा में सॉल्वर गैंग एक्टिव थी। 60 लाख रुपए में एक सीट की डील हुई थी। एग्जाम से ठीक पहले पुलिस ने इस पूरे मामले का खुलासा किया था। इसका मास्टरमाइंड एक MBBS स्टूडेंट था। नालंदा पुलिस ने गिरोह के 7 लोगों को गिरफ्तार किया था। गैंग किस तरह से सॉल्वर बिठाने की तैयारी कर रही थी? कितने में डील हुई? कैसे गैंग पकड़ा गया? पढ़िए पूरी रिपोर्ट… गाड़ी की चेकिंग के दौरान मिले ID कार्ड 3 मई की रात नालंदा की पावापुरी थाना पुलिस ने गाड़ी चेकिंग के दौरान दो लग्जरी गाड़ियों (स्कॉर्पियो-N और ब्रेजा) से तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें मुख्य आरोपी विम्स मेडिकल कॉलेज का MBBS छात्र अवधेश कुमार है। उसके मोबाइल की जांच में कई अहम सुराग मिले, जिसके बाद पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ। NEET परीक्षा में सॉल्वर बैठाकर पास कराने वाले संगठित गिरोह के 7 लोग अरेस्ट हुए थे। इस मामले में पहले गिरफ्तार सरगना की निशानदेही पर पुलिस ने मुजफ्फरपुर समेत कई जिलों में छापेमारी कर 4 और आरोपियों को गिरफ्तार किया था। अब तक इस मामले में कुल 7 बदमाशों को पकड़कर जेल भेजा जा चुका है। 50-60 लाख में होती थी सॉल्वर बैठाने की डील पुलिस की जांच में सामने आया कि गिरोह NEET परीक्षा पास कराने के लिए एक कैंडिडेट से 50 से 60 लाख रुपए तक वसूलता था। इसमें से 1.5 से 2 लाख रुपए एडवांस के तौर पर पहले ही ले लिए जाते थे। इसके बाद परीक्षा केंद्र पर असली कैंडिडेट की जगह सॉल्वर बैठाने की तैयारी की जाती थी। मुजफ्फरपुर समेत कई जिलों में छापेमारी मास्टरमाइंड की निशानदेही पर पुलिस ने औरंगाबाद, जमुई और मुजफ्फरपुर समेत अलग-अलग जिलों में छापेमारी कर 4 और आरोपियों को गिरफ्तार किया था। ये सभी परीक्षा में सॉल्वर बैठाने वाले थे, लेकिन मुख्य आरोपी के गिरफ्तार होने से पूरे गिरोह के मनसूबे पर पानी फिर गया। डॉक्टर का बेटा समेत 4 गिरफ्तार पुलिस ने जिन 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें सीतामढ़ी के डॉ. नरेश कुमार दास का बेटे हर्षराज, मुजफ्फरपुर का मनोज कुमार (पिता- सुरेंद्र प्रसाद यादव) शामिल है। इसके अलावा बोचहां निवासी गौरव कुमार (पिता- अभिषेक रंजन) और हथौरी थाना क्षेत्र के बलुआ निवासी सुभाष कुमार (पिता- कुशेश्वर साह) को अरेस्ट किया गया। चारों को गिरफ्तार कर जेल में भेज दिया गया है। एडवांस लेकर करते थे सेटिंग पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि परीक्षा से पहले ही 1.5 से 2 लाख रुपए एडवांस सरगना को दिए जाते थे। पास कराने के लिए 50-60 लाख रुपए तक की डील फाइनल होती थी। इस गिरोह में उज्ज्वल राज उर्फ राजा बाबू, अवधेश कुमार और अमन कुमार सिंह मुख्य भूमिका में थे। सभी को भेजा गया जेल, फरार की तलाश जारी गिरफ्तार आरोपियों को 5 मई को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया था। पुलिस का कहना है कि अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। इस नेटवर्क से जुड़े और भी लोगों का खुलासा हो सकता है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA ने 3 मई को हुई NEET 2026 परीक्षा रद्द कर दी है। परीक्षा की नई डेट्स जल्द जारी की जाएंगी। NTA ने कहा है कि केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद परीक्षा रद्द की गई है। बिहार में NEET परीक्षा में सॉल्वर गैंग एक्टिव थी। 60 लाख रुपए में एक सीट की डील हुई थी। एग्जाम से ठीक पहले पुलिस ने इस पूरे मामले का खुलासा किया था। इसका मास्टरमाइंड एक MBBS स्टूडेंट था। नालंदा पुलिस ने गिरोह के 7 लोगों को गिरफ्तार किया था। गैंग किस तरह से सॉल्वर बिठाने की तैयारी कर रही थी? कितने में डील हुई? कैसे गैंग पकड़ा गया? पढ़िए पूरी रिपोर्ट… गाड़ी की चेकिंग के दौरान मिले ID कार्ड 3 मई की रात नालंदा की पावापुरी थाना पुलिस ने गाड़ी चेकिंग के दौरान दो लग्जरी गाड़ियों (स्कॉर्पियो-N और ब्रेजा) से तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें मुख्य आरोपी विम्स मेडिकल कॉलेज का MBBS छात्र अवधेश कुमार है। उसके मोबाइल की जांच में कई अहम सुराग मिले, जिसके बाद पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ। NEET परीक्षा में सॉल्वर बैठाकर पास कराने वाले संगठित गिरोह के 7 लोग अरेस्ट हुए थे। इस मामले में पहले गिरफ्तार सरगना की निशानदेही पर पुलिस ने मुजफ्फरपुर समेत कई जिलों में छापेमारी कर 4 और आरोपियों को गिरफ्तार किया था। अब तक इस मामले में कुल 7 बदमाशों को पकड़कर जेल भेजा जा चुका है। 50-60 लाख में होती थी सॉल्वर बैठाने की डील पुलिस की जांच में सामने आया कि गिरोह NEET परीक्षा पास कराने के लिए एक कैंडिडेट से 50 से 60 लाख रुपए तक वसूलता था। इसमें से 1.5 से 2 लाख रुपए एडवांस के तौर पर पहले ही ले लिए जाते थे। इसके बाद परीक्षा केंद्र पर असली कैंडिडेट की जगह सॉल्वर बैठाने की तैयारी की जाती थी। मुजफ्फरपुर समेत कई जिलों में छापेमारी मास्टरमाइंड की निशानदेही पर पुलिस ने औरंगाबाद, जमुई और मुजफ्फरपुर समेत अलग-अलग जिलों में छापेमारी कर 4 और आरोपियों को गिरफ्तार किया था। ये सभी परीक्षा में सॉल्वर बैठाने वाले थे, लेकिन मुख्य आरोपी के गिरफ्तार होने से पूरे गिरोह के मनसूबे पर पानी फिर गया। डॉक्टर का बेटा समेत 4 गिरफ्तार पुलिस ने जिन 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें सीतामढ़ी के डॉ. नरेश कुमार दास का बेटे हर्षराज, मुजफ्फरपुर का मनोज कुमार (पिता- सुरेंद्र प्रसाद यादव) शामिल है। इसके अलावा बोचहां निवासी गौरव कुमार (पिता- अभिषेक रंजन) और हथौरी थाना क्षेत्र के बलुआ निवासी सुभाष कुमार (पिता- कुशेश्वर साह) को अरेस्ट किया गया। चारों को गिरफ्तार कर जेल में भेज दिया गया है। एडवांस लेकर करते थे सेटिंग पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि परीक्षा से पहले ही 1.5 से 2 लाख रुपए एडवांस सरगना को दिए जाते थे। पास कराने के लिए 50-60 लाख रुपए तक की डील फाइनल होती थी। इस गिरोह में उज्ज्वल राज उर्फ राजा बाबू, अवधेश कुमार और अमन कुमार सिंह मुख्य भूमिका में थे। सभी को भेजा गया जेल, फरार की तलाश जारी गिरफ्तार आरोपियों को 5 मई को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया था। पुलिस का कहना है कि अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। इस नेटवर्क से जुड़े और भी लोगों का खुलासा हो सकता है।


