मधुबनी के खुटौना बाजार में अवैध रूप से संचालित नर्सिंग होम और जांच घरों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। शुक्रवार को सिविल सर्जन (सीएस) हरेंद्र कुमार के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कई संस्थानों में छापेमारी कर जांच की। टीम के पहुंचते ही कुछ नर्सिंग होम संचालक मौके से फरार हो गए। अधिकारियों ने दस्तावेजों की जांच के साथ मरीजों की स्थिति और संस्थानों में उपलब्ध दवाओं व उपकरणों की भी पड़ताल की। न्यू कृष्णा और राम-जानकी नर्सिंग होम की जांच स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सबसे पहले न्यू कृष्णा नर्सिंग होम, राम-जानकी नर्सिंग होम और भगवती हेल्थकेयर की जांच की। इन संस्थानों में डॉक्टर मौजूद मिले। हालांकि, जांच के दौरान कुछ जरूरी कागजात में कमी पाई गई। सीएस ने संचालकों को आवश्यक दस्तावेज दुरुस्त करने और नियमों का पालन करने का निर्देश दिया। मिथिला हेल्थकेयर पहुंचते ही संचालक फरार इसके बाद टीम सुगरवे नदी के पास स्थित मिथिला हेल्थकेयर पहुंची। टीम को देखते ही संचालक ने संस्थान में अंदर और बाहर से ताला लगा दिया और मौके से फरार हो गया। इसके बाद मजिस्ट्रेट अनुराग सौरव की मौजूदगी में मुख्य गेट का ताला खुलवाया गया। चार कमरों में बंद मिले करीब पांच मरीज अधिकारियों के मुताबिक, संस्थान के अंदर चार कमरों में करीब पांच मरीज बंद मिले। जांच के दौरान महिलाओं के ऑपरेशन, डीएनसी और गर्भपात किए जाने से जुड़ी जानकारी भी सामने आने की बात अधिकारियों ने कही। मामले में संस्थान में उपलब्ध संसाधनों और रिकॉर्ड की भी जांच की गई। 20 कार्टन दवाओं और उपकरणों की बनी सूची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मिथिला हेल्थकेयर से करीब 20 कार्टन दवाएं बरामद कीं। डिस्पेंसरी में रखी अलग-अलग दवाओं और ऑपरेशन में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों की भी सूची तैयार की गई। अधिकारियों ने संस्थान की गतिविधियों से संबंधित जरूरी जानकारी दर्ज की। नर्सिंग होम को किया गया सील जांच के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मिथिला हेल्थकेयर को सील कर दिया। वहां मिले सभी मरीजों को सीएचसी प्रभारी डॉ. विजय मोहन केशरी की देखरेख में सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, ताकि उनका इलाज जारी रह सके। आस्था हेल्थकेयर में भी बाहर से लगा था ताला जांच टीम आस्था हेल्थकेयर भी पहुंची, लेकिन वहां ताले लगे मिले। टीम ने खिड़की के जरिए अंदर की तस्वीरें लीं। अधिकारियों ने संस्थान के संबंध में आगे जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने की बात कही। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पटना अल्ट्रासाउंड, ग्लोबल अल्ट्रासाउंड, मां प्रमिला जांच घर और मैक्स अल्ट्रासाउंड की भी जांच की। पटना अल्ट्रासाउंड और मैक्स अल्ट्रासाउंड में डॉक्टर नहीं मिले। इसके बाद टीम ने दोनों संस्थानों के रजिस्टर जब्त कर लिए। सीएस बोले- लगातार जारी रहेगी जांच सिविल सर्जन हरेंद्र कुमार ने कहा कि खुटौना में अवैध रूप से संचालित संस्थानों की लगातार जांच की जाएगी। जांच में कमियां पाए जाने पर संबंधित संस्थानों के खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। मधुबनी के खुटौना बाजार में अवैध रूप से संचालित नर्सिंग होम और जांच घरों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। शुक्रवार को सिविल सर्जन (सीएस) हरेंद्र कुमार के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कई संस्थानों में छापेमारी कर जांच की। टीम के पहुंचते ही कुछ नर्सिंग होम संचालक मौके से फरार हो गए। अधिकारियों ने दस्तावेजों की जांच के साथ मरीजों की स्थिति और संस्थानों में उपलब्ध दवाओं व उपकरणों की भी पड़ताल की। न्यू कृष्णा और राम-जानकी नर्सिंग होम की जांच स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सबसे पहले न्यू कृष्णा नर्सिंग होम, राम-जानकी नर्सिंग होम और भगवती हेल्थकेयर की जांच की। इन संस्थानों में डॉक्टर मौजूद मिले। हालांकि, जांच के दौरान कुछ जरूरी कागजात में कमी पाई गई। सीएस ने संचालकों को आवश्यक दस्तावेज दुरुस्त करने और नियमों का पालन करने का निर्देश दिया। मिथिला हेल्थकेयर पहुंचते ही संचालक फरार इसके बाद टीम सुगरवे नदी के पास स्थित मिथिला हेल्थकेयर पहुंची। टीम को देखते ही संचालक ने संस्थान में अंदर और बाहर से ताला लगा दिया और मौके से फरार हो गया। इसके बाद मजिस्ट्रेट अनुराग सौरव की मौजूदगी में मुख्य गेट का ताला खुलवाया गया। चार कमरों में बंद मिले करीब पांच मरीज अधिकारियों के मुताबिक, संस्थान के अंदर चार कमरों में करीब पांच मरीज बंद मिले। जांच के दौरान महिलाओं के ऑपरेशन, डीएनसी और गर्भपात किए जाने से जुड़ी जानकारी भी सामने आने की बात अधिकारियों ने कही। मामले में संस्थान में उपलब्ध संसाधनों और रिकॉर्ड की भी जांच की गई। 20 कार्टन दवाओं और उपकरणों की बनी सूची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मिथिला हेल्थकेयर से करीब 20 कार्टन दवाएं बरामद कीं। डिस्पेंसरी में रखी अलग-अलग दवाओं और ऑपरेशन में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों की भी सूची तैयार की गई। अधिकारियों ने संस्थान की गतिविधियों से संबंधित जरूरी जानकारी दर्ज की। नर्सिंग होम को किया गया सील जांच के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मिथिला हेल्थकेयर को सील कर दिया। वहां मिले सभी मरीजों को सीएचसी प्रभारी डॉ. विजय मोहन केशरी की देखरेख में सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, ताकि उनका इलाज जारी रह सके। आस्था हेल्थकेयर में भी बाहर से लगा था ताला जांच टीम आस्था हेल्थकेयर भी पहुंची, लेकिन वहां ताले लगे मिले। टीम ने खिड़की के जरिए अंदर की तस्वीरें लीं। अधिकारियों ने संस्थान के संबंध में आगे जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने की बात कही। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पटना अल्ट्रासाउंड, ग्लोबल अल्ट्रासाउंड, मां प्रमिला जांच घर और मैक्स अल्ट्रासाउंड की भी जांच की। पटना अल्ट्रासाउंड और मैक्स अल्ट्रासाउंड में डॉक्टर नहीं मिले। इसके बाद टीम ने दोनों संस्थानों के रजिस्टर जब्त कर लिए। सीएस बोले- लगातार जारी रहेगी जांच सिविल सर्जन हरेंद्र कुमार ने कहा कि खुटौना में अवैध रूप से संचालित संस्थानों की लगातार जांच की जाएगी। जांच में कमियां पाए जाने पर संबंधित संस्थानों के खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

