मुंबई और पुणे के बीच यात्रा करने वालों के लिए अच्छी खबर है। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर बहुप्रतीक्षित ‘मिसिंग लिंक’ प्रोजेक्ट आखिरकार 1 मई से आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। करीब वर्षभर की देरी और तकनीकी चुनौतियों के बाद यह तैयार हुआ। महाराष्ट्र दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस इसका उद्घाटन करेंगे।
क्या है ‘मिसिंग लिंक’, क्यों था जरूरी?
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर यह 13.3 किमी लंबा एक नया खंड है जो मुंबई की ओर खोपोली को लोनावला के पास कुसगांव से जोड़ता है।
इसे खास तौर पर पुराने खंडाला घाट के घुमावदार और जाम वाले रास्ते को बायपास करने के लिए बनाया गया है, जहां अक्सर ट्रैफिक धीमा हो जाता था और दुर्घटनाओं का खतरा अधिक रहता था।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने किया दौरा-
एकनाथ शिंदे ने 26 अप्रैल को मिसिंग लिंक का दौरा किया और कहा, “तेज हवाओं, भारी बारिश और मुश्किल भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद इस परियोजना को सफलतापूर्वक पूरा किया गया है। यह सड़क लोनावला झील से 182 मीटर नीचे से गुजरेगी। इस परियोजना को पूरा करना एक चुनौती थी, लेकिन महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (MSRDC) को इस विशाल चुनौती को स्वीकार करने और परियोजना को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए विशेष रूप से सराहा जा रहा है।”
30 मिनट तक घटेगा सफर, दूरी भी होगी कम
इस नए मार्ग (मिसिंग लिंक) के शुरू होने से पुणे और मुंबई के बीच यात्रा का समय कम से कम 30 मिनट घटने की उम्मीद है। पीक आवर्स और छुट्टियों के दौरान यह समय बचत और ज्यादा हो सकती है। साथ ही कुल दूरी भी करीब 6 किमी कम हो जाएगी, जिससे सफर तेज और ज्यादा सुगम बनेगा।

मिसिंग लिंक के लिए नहीं देना होगा टोल
राहत की बात यह है कि इतने बड़े और महंगे प्रोजेक्ट के बावजूद यात्रियों को कोई अतिरिक्त टोल नहीं देना होगा। तलेगांव और खालापुर के मौजूदा टोल सिस्टम में कोई बदलाव नहीं किया गया है, यानी लोग बिना अतिरिक्त खर्च के तेज सफर का लाभ उठा सकेंगे।
6695 करोड़ की लागत से तैयार
करीब 6,695 करोड़ रुपये की लागत से बना मिसिंग लिंक 2019 से निर्माणाधीन था। घाट सेक्शन में भारी बारिश, तेज हवाओं और वैश्विक सप्लाई से जुड़ी दिक्कतों के कारण इसमें कई बार देरी हुई, लेकिन अब यह पूरी तरह तैयार है।

एशिया के सबसे लंबे टनल में शामिल
इस प्रोजेक्ट की सबसे खास बात इसके दो विशाल टनल हैं। इनमें से एक टनल 8.9 किलोमीटर लंबी है, जो इसे एशिया की सबसे लंबी सड़क सुरंगों में से एक बनाती है। जबकि दूसरी टनल 1.9 किलोमीटर लंबी है। दोनों टनल की चौड़ाई 23.75 मीटर है, जो इसे दुनिया की सबसे चौड़ी सड़क सुरंग में से एक बनाती है।
टाइगर वैली ब्रिज बना आकर्षण का केंद्र
मिसिंग लिंक में 650 मीटर लंबा केबल-स्टे ब्रिज भी शामिल है, जो टाइगर वैली के ऊपर बनाया गया है। करीब 182 मीटर ऊंचा यह पुल देश के सबसे ऊंचे सड़क पुलों में से एक है और आधुनिक इंजीनियरिंग का शानदार उदाहरण है।

शुरुआत में सिर्फ कार और बसों को अनुमति
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पहले छह महीनों तक इस नए मार्ग (मिसिंग लिंक) पर केवल कार और बसों को ही चलने की अनुमति दी जाएगी। भारी वाहन और खतरनाक सामग्री ले जाने वाले वाहन फिलहाल पुराने घाट मार्ग का ही उपयोग करेंगे।

ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत की उम्मीद
खंडाला घाट लंबे समय से ट्रैफिक का बड़ा बाधा बिंदु रहा है। नए मार्ग के शुरू होने से पुराने रास्ते पर ट्रैफिक करीब 70 फीसदी तक कम होने की उम्मीद है, जिससे पूरे एक्सप्रेसवे पर यातायात सुचारू और सुरक्षित बनेगा।

मुंबई-पुणे के बीच सफर करने वाले लाखों लोगों के लिए मिसिंग लिंक प्रोजेक्ट एक बड़ी सौगात है, जो न सिर्फ समय बचाएगा बल्कि सफर को भी ज्यादा सुरक्षित और आरामदायक बनाएगा। कुल मिलाकर 1 मई से मुंबई-पुणे के बीच का सफर अब पहले से कहीं अधिक तेज और सुरक्षित होने वाला है।



