मुंबई: 10 मिनट में पूरा होगा भायखला से CSMT का सफर, दो नए फ्लाईओवर को मिली हरी झंडी

मुंबई: 10 मिनट में पूरा होगा भायखला से CSMT का सफर, दो नए फ्लाईओवर को मिली हरी झंडी

दक्षिण मुंबई के ट्रैफिक से जूझ रहे लाखों यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने मुंबई में दो नए फ्लाईओवर बनाने को मंजूरी दे दी है, जिससे भायखला से छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) के बीच का सफर घटकर महज 10 मिनट रह जाएगा।

इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य शहर के मध्य-दक्षिण भाग में होने वाली ट्रैफिक समस्या को कम करना और यात्रियों के समय की बचत करना है।

पीक आवर्स में जाम से मिलेगी राहत

बीएमसी प्रशासन के मुताबिक, यह दोनों फ्लाईओवर उन प्रमुख सड़कों पर बनाए जाएंगे जहां पीक आवर्स में भारी जाम की स्थिति रहती है। इन मार्गों का इस्तेमाल रोजाना हजारों व्यापारी-दुकानदार और ऑफिस जाने वाले लोग करते हैं। इसके साथ ही इस रूट पर भारी वाणिज्यिक वाहनों का भी भारी दबाव रहता है।

फ्लाईओवर बनने के बाद सिग्नल पर रुकने की जरूरत पहले के मुकाबले काफी कम होगी और वाहन सीधे एलिवेटेड कॉरिडोर से गुजर सकेंगे, जिससे समय और ईंधन दोनों की बचत होगी।

एलिवेटेड कॉरिडोर से बेहतर होगा ट्रैफिक फ्लो

परियोजना के तहत बनाए जाने वाले दोनों फ्लाईओवर ऐसे डिजाइन किए जाएंगे, जिससे मुख्य सड़कों पर मौजूद जंक्शनों को बायपास किया जा सके। इससे ट्रैफिक का दबाव कम होगा और शहर के कई हिस्सों में वाहनों की आवाजाही ज्यादा व्यवस्थित होगी।

अधिकारियों का कहना है कि यह प्रोजेक्ट मौजूदा सड़क और रेल नेटवर्क के साथ तालमेल बिठाते हुए तैयार किया जाएगा, ताकि यातायात का भार संतुलित तरीके से विभाजित हो सके।

स्थानीय इलाके और विरासत स्थलों का रखा जाएगा ध्यान

बीएमसी ने साफ कहा है कि निर्माण कार्य के दौरान पर्यावरण और सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन किया जाएगा। साथ ही आसपास के रिहायशी इलाकों और हेरिटेज स्ट्रक्चर को किसी भी तरह का नुकसान न पहुंचे, इसके लिए विशेष उपाय किए जाएंगे।

निर्माण कार्य को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा, ताकि ट्रैफिक पर कम से कम असर पड़े। इसके लिए अलग-अलग फेज में सड़क बंद करने और डायवर्जन की योजना बनाई जाएगी।

कम होगा ट्रैफिक, तेज होगी पब्लिक ट्रांसपोर्ट सेवा

इन फ्लाईओवर के शुरू होने के बाद न सिर्फ निजी वाहनों को राहत मिलेगी, बल्कि बस सेवाओं और लॉजिस्टिक्स मूवमेंट में भी तेजी आएगी। खासतौर पर पोर्ट और रेलवे स्टेशन से जुड़े इलाकों में माल ढुलाई आसान होगी।

अधिकारियों के अनुसार, प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद ट्रैफिक पैटर्न की लगातार निगरानी की जाएगी और जरूरत के मुताबिक सिग्नल टाइमिंग व रूट मैनेजमेंट में बदलाव किया जाएगा।

बीएमसी की इस परियोजना का उद्देश्य न सिर्फ ट्रैफिक कम करना है, बल्कि मुंबई की आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूती देना है।

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