दरभंगा में 4,95,285 लोगों ने घर बैठे स्व-गणना (Self Enumeration) पूरी की है। जिसके बाद 2 मई से प्रगणकों की टीम घर-घर पहुंचकर सर्वे कर रही है। इस दौरान प्रगणक क्षेत्र में घूम-घूमकर मकानों की गणना और आवश्यक जानकारी जुटा रहे हैं। परिवार के मुखिया का नाम, सदस्यों की संख्या, मकान संख्या सहित अन्य बुनियादी जानकारियां दर्ज की जा रही हैं। इसके साथ ही क्षेत्र का एक ‘नजरी नक्शा’ भी तैयार किया जा रहा है। जिसमें आसपास के प्रमुख स्थलों जैसे तालाब, मंदिर, मस्जिद आदि को चिन्हित किया जा रहा है। पूरे राज्य में दरभंगा तीसरे स्थान पर जिलाधिकारी कौशल कुमार ने बताया कि पहली बार नागरिकों को मोबाइल ऐप के माध्यम से स्व-गणना (Self Enumeration) का विकल्प भी दिया गया था, जो 17 अप्रैल से 01 मई 2026 तक चला। इस अभियान में दरभंगा जिले ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पूरे बिहार में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। अब तक जिले में कुल 4,95,285 लोगों ने घर बैठे स्व-गणना पूरी की है। इस कार्य के सफल संचालन के लिए कुल 29 चार्ज बनाए गए हैं। जिनमें 18 ग्रामीण और 11 शहरी क्षेत्र शामिल हैं। इसके अंतर्गत 7655 मकान गणना ब्लॉक (HLB) गठित किए गए हैं। घर-घर सर्वे के लिए 7473 प्रगणकों की तैनाती की गई है, जबकि उनके पर्यवेक्षण के लिए 1268 पर्यवेक्षक लगाए गए हैं। इसके अतिरिक्त 801 प्रगणक और 143 पर्यवेक्षक रिजर्व में रखे गए हैं। जनगणना कार्य को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए 4 मास्टर ट्रेनर और 148 फील्ड ट्रेनर नियुक्त किए गए हैं। सभी संबंधित कर्मियों को प्रशिक्षण भी दिया गया है। मकान सूचीकरण के दौरान परिवार के मुखिया से कुल 33 प्रश्न पूछे जा रहे हैं। जिसके आधार पर डेटा संकलित किया जाएगा। निर्धारित फॉर्मेट नहीं मिला है प्रगणक आनंद अभिषेक ने बताया कि फिलहाल काम में किसी प्रकार की विशेष परेशानी नहीं आ रही है। स्थानीय लोगों का सहयोग मिल रहा है। बिना सहयोग के इस तरह का कार्य संभव नहीं है। जिससे घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करना आसान हो गया है। सरकार की ओर से पहले जागरूकता के उद्देश्य से 34 सवालों की जानकारी लोगों तक स्वजनगणना के माध्यम से पहुंचाई गई थी। मुख्य रूप से घर के मुखिया का नाम, परिवार के सदस्यों की संख्या जैसी बुनियादी जानकारी ली जा रही है, साथ ही मोबाइल नंबर भी दर्ज किया जा रहा है। अभी कोई निर्धारित फॉर्मेट उपलब्ध नहीं कराया गया है, लेकिन घर-घर जाकर नजरी नक्शा (स्केच मैप) तैयार किया जा रहा है, ताकि आगे जनगणना के कार्य में किसी प्रकार की परेशानी न हो। मकान गणना का कार्य पूरे महीने चलेगा। आगे सरकार से जो भी निर्देश मिलेगा, उसका पालन किया जाएगा। परिवार से जानकारी जुटा रहे हैं प्रगणक राम विजय कुमार ने बताया कि वर्तमान में टीम घर-घर जाकर मकानों की गिनती कर रही है। हम लोग मकान संख्या, परिवार के मुखिया का नाम और परिवार के सदस्यों की संख्या जैसी जानकारियां दर्ज कर रहे हैं। अभी कोई निर्धारित फॉर्मेट नहीं है, इसलिए रफ कॉपी में काम किया जा रहा है। साथ ही नजरी नक्शा भी तैयार किया जा रहा है। तीन दिन के अंदर नजरी नक्शा जाम करने के निर्देश दिए गए हैं। दरभंगा में 4,95,285 लोगों ने घर बैठे स्व-गणना (Self Enumeration) पूरी की है। जिसके बाद 2 मई से प्रगणकों की टीम घर-घर पहुंचकर सर्वे कर रही है। इस दौरान प्रगणक क्षेत्र में घूम-घूमकर मकानों की गणना और आवश्यक जानकारी जुटा रहे हैं। परिवार के मुखिया का नाम, सदस्यों की संख्या, मकान संख्या सहित अन्य बुनियादी जानकारियां दर्ज की जा रही हैं। इसके साथ ही क्षेत्र का एक ‘नजरी नक्शा’ भी तैयार किया जा रहा है। जिसमें आसपास के प्रमुख स्थलों जैसे तालाब, मंदिर, मस्जिद आदि को चिन्हित किया जा रहा है। पूरे राज्य में दरभंगा तीसरे स्थान पर जिलाधिकारी कौशल कुमार ने बताया कि पहली बार नागरिकों को मोबाइल ऐप के माध्यम से स्व-गणना (Self Enumeration) का विकल्प भी दिया गया था, जो 17 अप्रैल से 01 मई 2026 तक चला। इस अभियान में दरभंगा जिले ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पूरे बिहार में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। अब तक जिले में कुल 4,95,285 लोगों ने घर बैठे स्व-गणना पूरी की है। इस कार्य के सफल संचालन के लिए कुल 29 चार्ज बनाए गए हैं। जिनमें 18 ग्रामीण और 11 शहरी क्षेत्र शामिल हैं। इसके अंतर्गत 7655 मकान गणना ब्लॉक (HLB) गठित किए गए हैं। घर-घर सर्वे के लिए 7473 प्रगणकों की तैनाती की गई है, जबकि उनके पर्यवेक्षण के लिए 1268 पर्यवेक्षक लगाए गए हैं। इसके अतिरिक्त 801 प्रगणक और 143 पर्यवेक्षक रिजर्व में रखे गए हैं। जनगणना कार्य को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए 4 मास्टर ट्रेनर और 148 फील्ड ट्रेनर नियुक्त किए गए हैं। सभी संबंधित कर्मियों को प्रशिक्षण भी दिया गया है। मकान सूचीकरण के दौरान परिवार के मुखिया से कुल 33 प्रश्न पूछे जा रहे हैं। जिसके आधार पर डेटा संकलित किया जाएगा। निर्धारित फॉर्मेट नहीं मिला है प्रगणक आनंद अभिषेक ने बताया कि फिलहाल काम में किसी प्रकार की विशेष परेशानी नहीं आ रही है। स्थानीय लोगों का सहयोग मिल रहा है। बिना सहयोग के इस तरह का कार्य संभव नहीं है। जिससे घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करना आसान हो गया है। सरकार की ओर से पहले जागरूकता के उद्देश्य से 34 सवालों की जानकारी लोगों तक स्वजनगणना के माध्यम से पहुंचाई गई थी। मुख्य रूप से घर के मुखिया का नाम, परिवार के सदस्यों की संख्या जैसी बुनियादी जानकारी ली जा रही है, साथ ही मोबाइल नंबर भी दर्ज किया जा रहा है। अभी कोई निर्धारित फॉर्मेट उपलब्ध नहीं कराया गया है, लेकिन घर-घर जाकर नजरी नक्शा (स्केच मैप) तैयार किया जा रहा है, ताकि आगे जनगणना के कार्य में किसी प्रकार की परेशानी न हो। मकान गणना का कार्य पूरे महीने चलेगा। आगे सरकार से जो भी निर्देश मिलेगा, उसका पालन किया जाएगा। परिवार से जानकारी जुटा रहे हैं प्रगणक राम विजय कुमार ने बताया कि वर्तमान में टीम घर-घर जाकर मकानों की गिनती कर रही है। हम लोग मकान संख्या, परिवार के मुखिया का नाम और परिवार के सदस्यों की संख्या जैसी जानकारियां दर्ज कर रहे हैं। अभी कोई निर्धारित फॉर्मेट नहीं है, इसलिए रफ कॉपी में काम किया जा रहा है। साथ ही नजरी नक्शा भी तैयार किया जा रहा है। तीन दिन के अंदर नजरी नक्शा जाम करने के निर्देश दिए गए हैं।


