Mohammad Riyas ने CMRL धन ट्रांसफर की खबर को झूठा बताया, करेंगे कानूनी कार्रवाई

Mohammad Riyas ने CMRL धन ट्रांसफर की खबर को झूठा बताया, करेंगे कानूनी कार्रवाई

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) नेता पी. ए. मोहम्मद रियास ने बृहस्पतिवार को उस खबर का खंडन किया, जिसमें दावा किया गया था कि उनकी पत्नी और केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की बेटी वीणा टी. ने सीएमआरएल से प्राप्त धन को दूसरे खातों में भेजने के लिए उनके बैंक खाते का इस्तेमाल किया। विधायक रियास ने ‘फेसबुक’ पर एक पोस्ट में कहा कि एक खबर में आरोप लगाया गया है कि कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) से सेवाओं के बदले वीणा को मिली राशि उनके बैंक खाते के जरिए कई लोगों के खातों में भेजी गई और इस मामले में उनसे दो बार फोन पर पूछताछ भी की गई। उन्होंने इस खबर को ‘पूरी तरह झूठा’ बताया और कहा कि वह इस मीडिया रिपोर्ट के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे।

उन्होंने कहा कि जांच जारी रहने और मामले को कानूनी तरीके से संभालने के कारण वह रोजाना सामने आ रही खबरों पर प्रतिक्रिया देने से बचते रहे। उन्होंने कहा, ‘‘ मैंने कुछ भी गलत नहीं किया है इसलिए मुझमे इसका कानूनी रूप से सामना करने की ताकत है।’’ रियास ने कहा कि वह और उनकी पार्टी पहले ही इस मामले के राजनीतिक पहलुओं को सामने रख चुके हैं। रियास की यह प्रतिक्रिया ईडी की ओर से बुधवार को बयान जारी करने के बाद आई है।

ईडी ने कहा था कि मई में वीणा के ठिकानों पर तलाशी के दौरान कुछ ‘हस्तलिखित’ नोट मिले थे, जिनमें दुबई धन हस्तांतरण से संबंधित कुछ विवरण दर्ज थे। जांच एजेंसी ने यह भी दावा किया कि तलाशी के दौरान जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों में एक ऐसे सिम कार्ड की तस्वीर मिली, जिसे किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर लिया गया था। ईडी के अनुसार, वीणा ने कथित तौर पर इस सिम कार्ड का इस्तेमाल इंटरनेट आधारित कॉल करने के लिए किया।

केंद्रीय एजेंसी ने बताया कि उसने वीणा के हस्तलिखित नोट में जिन लोगों के नाम दर्ज थे उनके खिलाफ और कथित रूप से उन्हें सिम कार्ड उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति के खिलाफ 18 अगस्त को कोझिकोड में नए सिरे से तलाशी अभियान शुरू किया। धनशोधन का यह मामला केरलम की खनन कंपनी सीएमआरएल और वीणा द्वारा प्रवर्तित एवं अब बंद हो चुकी कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस से जुड़ा है। जांच सीएमआरएल द्वारा एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड को कथित तौर पर बिना कोई सेवा प्राप्त किए 2.78 करोड़ रुपये का भुगतान किए जाने के आरोपों से संबंधित है।

ईडी इस मामले की जांच के तहत वीणा और सीएमआरएल के निदेशक मंडल के सदस्यों से कई बार पूछताछ कर चुकी है।

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