नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंत्रियों को साफ कहा है कि वह अनावश्यक विवादों से दूर रहें, फाइलें प्रक्रियाओं में उलझाने के बजाय तेजी से काम कर परिणाम लाएं और लोगों से जुड़े (जन केंद्रित) सुधारों पर ध्यान दें। जानकार सूत्रों के अनुसार पांच देशों से लौटकर माेदी ने गुरुवार शाम बुलाई गई मंत्री परिषद की बैठक में सुधारों पर जोर देते हुए कहा कि 2047 का विकसित भारत का संकल्प राष्ट्रीय संकल्प है। इसे साकार करने के लिए काम करना है। सेवातीर्थ (प्रधानमंत्री कार्यालय) में रात 10 बजे तक साढ़े चार घंटे चली मैराथन बैठक में उन्होंने सभी मंत्रियों से बकाया काम को शीघ्रता से पूरा करने के लिए कहा।
सूत्रों के अनुसार उन्होंने कहा कि पीछे क्या हुआ है उसकी चिंता नहीं करके भविष्य पर दृष्टि रखनी होगी। मोदी 3.0 सरकार के नौ जून को दो साल पूरा होने से पहले बुलाई गई इस बैठक में मोदी ने करीब आधा घंटे उद्बोधन दिया। उन्होंने मंत्रियों को निर्देश दिया कि सरकार के बारह साल पूरे होने के मौके पर सभी जनता के बीच जाएं और लोगों को बताएं कि सरकार ने उनके लिए क्या- क्या सुधार किए हैं। पीएम मोदी ने इससे पहले गत वर्ष 4 जून 2025 को मंत्री परिषद की बैठक बुलाई थी।
प्रधानमंंत्री ने ईंधन जरूरतों के लिए अन्य उपायों के साथ ही साथ बायोगैस के विस्तार पर भी जोर दिया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि फाइलों का निस्तारण तेजी से होना चाहिए और उन्हें अनावश्यक प्रक्रियाओं और देरी से बचाया जाना चाहिए। मंत्री कम समय में ज्यादा से ज्यादा काम निपटाएं, परिणाम सामने लाएं।
नौ मंत्रालयों, कैबिनेट सचिवालय व नीति आयोग का प्रजेंटेशन
बैठक में नौ मंत्रालयों, पर्यावरण, पेट्रोलियम, श्रम, उर्जा, कॉरपोरेट, कॉमर्स, सड़क-परिवहन, कृषि और विदेश मंत्रालय का पीएम दौरे पर प्रस्तुतिकरण हुआ। मंत्रालयों के प्रजेंटेशन में विधायी बदलाव, नियम कानूनों की सरलता, नीतिगत सुधार और प्रशासनिक सुधार के आधार पर कामकाज की समीक्षा बताई गई। नीति आयोग व कैबिनेट सचिवालय की ओर से भी प्रजेंटेशन दिया गया। जिन मंत्रालयों में सबसे तेजी के साथ फाइलों का निस्तारण हुआ उनके बारे में भी बताया गया।
जयशंकर ने बताया पीएम के दौरे का लाभ
बैठक में विदेश मंत्री एस.जयशंकर ने मंत्री परिषद को पीएम मोदी की हाल ही संपन्न पांच देशों की यात्रा और इसके महत्व के बारे में बताया। यह भी बताया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मूज के बंद होने व ताजा वैश्विक हालात के असर से निपटने में यह दौरा किस तरह से मददगार होगा। मंत्री परिषद ने प्रधानमंत्री के दौरे की सफलता पर उनका स्वागत भी किया।
यह भी दिए निर्देश
-पुराने और समय के साथ पटरी नहीं बैठने वाले अनावश्यक नियम-कायदों को हटाएं
– ईंधन जरूरतों के लिए बायोगैस सुविधा का भी विस्तार हो -मंत्री कम समय में ज्यादा से ज्यादा काम निपटाएं, परिणाम सामने लाएं।
– नागरिक के जीवन में सरकार का दखल कम से कम हो, जहां जरूरत हो वहां मदद करें


