Strait of Hormuz: मिडिल ईस्ट में बढ़ रहे तनाव के बीच भारत से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। इसके अनुसार ओमान तट के पास संदिग्ध ड्रोन हमले में एक भारतीय जहाज डूब गया है। विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को इस घटना की जानकारी देते हुए इसकी कड़ी निंदा की है। मंत्रालय ने बयान जारी करते हुए यह साफ किया है कि इस तरह के हमलों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बयान के अनुसार यह हमला बुधवार को हुआ था और घटना के समय जहाज पर 14 क्रू मेंबर मौजूद थे जिन्हें सुरक्षित बचा लिया गया है।
गुजरात के सलाया बंदरगाह में पंजीकृत था जहाज
हाजी अली नामक यह कार्गो जहाज गुजरात के देवभूमि द्वारका जिले के सलाया बंदरगाह में पंजीकृत था। जहाज पशुधन लेकर सोमालिया से शारजाह जा रहा था। इसी बीच करीब तीन बजकर तीस मिनट पर अचानक जहाज से मिसाइल या ड्रोन जैसा हथियार टकराया जिसके बाद उसमें आग लग गई। टक्कर के बाद जहाज में आग फैल गई और कुछ समय में वह डूबने लगा। इसके बाद चालक दल ने संकट संदेश भेजा और ओमान कोस्टगार्ड ने तुरंत कार्रवाई करते हुए भारतीय जहाज तक मदद पहुंचाई। लाइफबोट के जरिए चालक दल को बाहर निकाला गया। इस दौरान सभी भारतीय नाविकों को ओमान कोस्ट गार्ड ने सुरक्षित बचा लिया। इसके लिए भारतीय विदेश मंत्रालय ने ओमान के अधिकारियों का धन्यवाद भी कहा है।
विदेश मंत्रालय ने घटना को अस्वीकार्य बताया
विदेश मंत्रालय (MEA) ने घटना को अस्वीकार्य बताते हुए कहा कि व्यावसायिक जहाजों और नागरिक नाविकों को निशाना बनाया जाना गंभीर चिंता का विषय है। मंत्रालय ने कहा कि समुद्री व्यापार और नौवहन की स्वतंत्रता को प्रभावित करने वाली गतिविधियों से बचना जरूरी है। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और उन्हें बचाने के लिए ओमानी अधिकारियों का आभार व्यक्त किया। फिलहाल हमले के जिम्मेदार पक्ष की पहचान नहीं हुई है और ओमान प्रशासन मामले की जांच कर रहा है।
एक सप्ताह में दूसरी घटना
हाजी अली के डूबने की घटना एक सप्ताह के भीतर गुजरात से जुडे दूसरे समुद्री हादसे के रूप में सामने आई है। इससे पहले सलाया का एक अन्य जहाज अल फैज नूर सुलेमानी-1 भी कथित तौर पर क्षेत्रीय संघर्ष के बीच क्रॉसफायर में फंसकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में डूब गया था। दो घटनाओं ने गुजरात के समुद्री व्यापार से जुडे कारोबारियों और जहाज संचालकों की चिंता बढा दी है। भारतीय सेलिंग वेसल्स एसोसिएशन के महासचिव आदम भाया ने सरकार से नाविकों की वापसी के प्रयास तेज करने की मांग की है।


