मेघालय में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (यूडीपी) के चार में से तीन विधायक सोमवार को नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) में शामिल हो सकते हैं। इससे 60 सदस्यीय विधानसभा में मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा की पार्टी के विधायकों की संख्या 33 से बढ़कर 36 हो जाएगी। यूडीपी के एक नेता ने यह जानकारी दी।
यह घटनाक्रम विधानसभा अध्यक्ष द्वारा यूडीपी के आठ विधायकों के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने को मान्यता दिए जाने के कुछ दिन बाद सामने आया है। यूडीपी में एक वक्त 12 विधायक थे लेकिन अगर तीन विधायक भी इससे किनारा कर लेते हैं तो पार्टी में मात्र एक विधायक रह जाएगा और वह होंगे पार्टी अध्यक्ष मेतबाह लिंगदोह। वह कोनराड संगमा सरकार में मंत्री भी हैं।
भाजपा और यूडीपी, दोनों ही एनपीपी नीत मेघालय लोकतांत्रिक गठबंधन के घटक दल हैं। यूडीपी नेता पॉल लिंगदोह ने कहा कि पार्टी के चार में से तीन विधायक सोमवार को एनपीपी में शामिल होंगे। इस नए राजनीतिक फेरबदल से मेघालय विधानसभा का समीकरण और बदलने की संभावना है।
राज्य में सत्तारूढ़ गठबंधन में एनपीपी सबसे बड़ी पार्टी है। हाल में हुए विलय के बाद भाजपा के विधायकों की संख्या दो से बढ़कर 10 हो गई थी। आठ विधायक 23 सितंबर को नयी दिल्ली में भाजपा में शामिल हुए थे और इसके दो दिन बाद उन्होंने मेघालय विधानसभा को इसकी जानकारी देते हुए पत्र सौंपा था।
मेघालय विधानसभा अध्यक्ष थॉमस ए संगमा ने 16 अक्टूबर को एक आदेश जारी कर इन्हें मान्यता दी थी। पूर्वोत्तर के इस राज्य में विधानसभा चुनाव 2028 की शुरुआत में होना है।

