मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने प्री-मानसून बारिश के दौरान शहर के कई इलाकों में जलभराव की शिकायतों को गंभीरता से लिया है। इस दौरान उन्होंने एक बैठक बुलाई। बैठाक में उन्होंने अब तक की तैयारियों की समीक्षा की और अधिकारियों को कमियों को तुरंत दूर करने के निर्देश दिए। मेयर ने साफ कहा कि मानसून के दौरान शहरवासियों को जलभराव की समस्या से जूझना न पड़े, यह प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए सभी विभागों को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने अर्बन फ्लड मैनेजमेंट सेल को 24 घंटे सक्रिय रखने को कहा, ताकि कहीं भी शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई हो सके। बैठक में संवेदनशील इलाकों की पहचान कर वहां लगातार निगरानी रखने और तुरंत समाधान करने पर जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे नियमित रूप से फील्ड में जाकर निरीक्षण करें और समस्याओं का मौके पर ही समाधान सुनिश्चित करें। साथ ही छोटे, बड़े और मझोले सभी नालों की नियमित सफाई कराने के आदेश दिए गए। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई। खुले नालों को ढकने के निर्देश मेयर ने कहा कि शहर के सभी खुले नालों को प्राथमिकता के आधार पर ढका जाए और उन पर स्लैब लगाए जाएं, ताकि हादसों से बचा जा सके। जहां निर्माण कार्य चल रहा है, वहां बैरिकेडिंग अनिवार्य रूप से की जाए, जिससे लोगों की सुरक्षा बनी रहे। नालियों को जोड़ने पर जोर जल निकासी को बेहतर बनाने के लिए मेयर ने निर्देश दिया कि जिन जगहों पर नालियां आपस में जुड़ी नहीं हैं, उन्हें तुरंत कनेक्ट किया जाए। इससे पानी का बहाव सही रहेगा और जलभराव की स्थिति नहीं बनेगी। उन्होंने शहरवासियों से भी अपील की कि नालियों में कचरा न डालें, ताकि जल निकासी व्यवस्था सुचारू बनी रहे। बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद बैठक में नगर आयुक्त अजय जैन, अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा, अतुल कुमार, प्रमोद कुमार, सहायक नगर आयुक्त सुरेंद्र प्रताप, रवि कुमार सिंह, अविनाश प्रताप सिंह, जलकल विभाग के महाप्रबंधक रघुवेंद्र कुमार और मुख्य अभियंता अमित शर्मा समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।


