मथुरा कोर्ट ने सुनाई फांसी की सजा:जेठानी के भाई ने किया था रेप का प्रयास,असफल रहने पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर लगा दी थी आग

मथुरा कोर्ट ने सुनाई फांसी की सजा:जेठानी के भाई ने किया था रेप का प्रयास,असफल रहने पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर लगा दी थी आग

मथुरा कोर्ट ने घर में घुसकर महिला के साथ रेप का प्रयास और असफल रहने पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर जिंदा जला देने के मामले के आरोपी को फांसी की सजा सुनाई है। आरोपी मृतिका की जेठानी का भाई था। जो मृतिका के घर में साड़ी पहनकर घुसा और महिला को अकेले पकड़ लिया। दिन में घर में घुसकर दिया था वारदात को अंजाम हरियाणा के पलवल के रहने वाले उमेश ने 11 मार्च को फरह क्षेत्र के एक गांव में रहने वाली अपनी बहन के घर में दिन के 12 बजे घुसा। उमेश घर में साड़ी पहनकर घुसा और उसने पहली मंजिल पर रह रही बहन की देवरानी को रेप करने की नीयत से पकड़ लिया। महिला ने जब विरोध किया तो उमेश ने उस पर ज्वालशील पदार्थ डाल दिया। जिसकी बजह से महिला 80 प्रतिशत से ज्यादा जल गई और आरोपी झुलस गया। आरोपी ने भागने का प्रयास किया तो वह पहली मंजिल से नीचे गिर गया जिसकी बजह से उसके पैर में फैक्चर हो गया। जिसके बाद मौके पर पहुंचे लोगों ने दोनों को इलाज के लिए फरह स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भर्ती कराया। जहां महिला की हालत गंभीर होने पर उसे इलाज के लिए आगरा के एस एन मेडिकल कॉलेज रैफर कर दिया। महिला ने मृत्यु पूर्व दिया बयान गंभीर हालत में पीड़िता से नायब तहसीलदार शुभ्रा अवस्थी ने बयान लिए। जिसमें पीड़िता ने बताया कि आरोपी उमेश ने उसके साथ रेप का प्रयास किया असफल होने पर आग लगा दी। इस बयान के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। वहीं देर रात इलाज के दौरान पीड़िता की मौत हो गई। जिसके बाद पीड़िता के पति ने आरोपी के खिलाफ थाना फरह में मुकद्दमा दर्ज कराया। पुलिस ने आरोपी को भेजा जेल इस मामले में पुलिस ने आरोपी उमेश को गिरफ्तार करने के बाद कोर्ट में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस ने मामले में तत्परता दिखाते हुए सभी साख्य एकत्रित किए,आरोपी के खिलाफ चार्जशीट बनाई। पुलिस द्वारा पेश किए गए सबूत और महिला के मृत्यु पूर्व दिए बयान के आधार पर जिला जज विकास कुमार की अदालत ने आरोपी को दोषी पाते हुए मंगलवार को फांसी की सजा सुनाई। इसके अलावा उस पर एक लाख 30 हजार रुपए का अर्थ दंड भी लगाया। 10 गवाहों ने दी गवाही DGC शिवराम सिंह तरकर ने बताया कि इस मामले में 10 गवाहों की गवाही हुई। जिसमें महिला उप निरीक्षक आरती,कांस्टेबल पीतम पाल,उप निरीक्षक तेजेन्द्र सिंह, पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टर परविंदर वर्मा, डॉ अंकित सिंह, नायब तहसीलदार शुभ्रा अवस्थी के अलावा वादी और मौके पर पहुंचे लोग थे। DGC शिवराम सिंह तरकर ने बताया कि आरोपी के बहन की देवरानी से संबंध थे इसको लेकर गांव में पंचायत हुई और आरोपी को गांव में न आने के लिए कहा गया। जिसकी बजह से आरोपी साड़ी पहनकर आया और महिला के भेष में वादी के घर में घुसकर जबरन वादी की पत्नी के साथ दुराचार करने का प्रयास किया। विरोध करने पर आरोपी ने ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी। आरोपी वर्तमान में जेल में था।

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