मुंबई। महाराष्ट्र में अब खुले में तेल बेचने पर पाबंदी लगा दी गई है। अब तेल बंद पैकेट में ही बेचना होगा, जिस पर तेल से जुड़ी पूरी जानकारी दर्ज करनी होगी, ताकि ग्राहकों को उत्पाद के बारे में पूरी जानकारी मिल सके। इन नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भी प्रावधान किया गया है। नियमों का उल्लंघन करने पर 10 लाख रुपए तक का जुर्माना और उम्रकैद तक की सजा हो सकती है। महाराष्ट्र के खाद्य सुरक्षा आयुक्त तुकाराम मुंढे ने प्रेस वार्ता में इसकी जानकारी दी।
आदेश तुरंत प्रभाव से लागू
खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 के तहत तुकाराम मुंढे ने खाने के तेल और वसा के क्षेत्र में पूरे राज्य में नियमों का पालन सुनिश्चित करने और उन्हें लागू करने के लिए एक व्यापक आदेश जारी किया है। 14 बिंदुओं वाला यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है। यह सिर्फ खुदरा विक्रेताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि तेल निकालने वाली इकाइयों से लेकर ऑनलाइन विक्रेताओं तक पूरी आपूर्ति श्रृंखला पर लागू होगा। दरअसल, खाद्य एवं औषधि प्रशासन की ओर से की गई जांच में खाने के तेल की आपूर्ति श्रृंखला में नियमों के पालन को लेकर बड़े पैमाने पर और लगातार कमियां पाई गईं।
मिलीं थी शिकायतें
इनमें वैध लाइसेंस के बिना या गलत कारोबार श्रेणी के तहत काम करना, तेल में मिलावट, अम्ल मान और औद्योगिक ट्रांस-वसा की निर्धारित सीमा से अधिक खराब गुणवत्ता वाले तेल की बिक्री, सरसों के तेल का अनधिकृत मिश्रण, तेल के वास्तविक स्रोत और तारीख को छिपाने के लिए लेबल बदलना, समाप्ति तिथि के करीब पहुंच चुके तेल की दोबारा पैकेजिंग और खाद्य उपयोग के लिए मान्य नहीं होने वाली पैकेजिंग का इस्तेमाल शामिल है। इन्हीं शिकायतों को देखते हुए पूरे राज्य में नियमों के पालन के लिए एक समान और स्पष्ट ढांचा तैयार करने के लिए यह आदेश जारी किया गया है।
तेल के करीब 1,247 नमूने लिए गए
यह आदेश मुख्य रूप से तेल निकालने वाली इकाइयों, विलायक निष्कर्षण इकाइयों और तेल शोधन इकाइयों पर लागू होता है। वहीं तुकाराम मुंढे ने प्रेस वार्ता में कहा कि पिछले साल खाने के तेल के करीब 1,247 नमूने लिए गए थे। इनमें 1,142 मानक के अनुरूप, 77 मानक से कम, 13 असुरक्षित और 15 गलत लेबल वाले पाए गए थे। कुल 3,20,781 किलोग्राम तेल का स्टॉक था, जिसकी कीमत 5,31,00,000 रुपए थी। उन्होंने कहा कि ये पिछले साल के नतीजे हैं।
लोगों को सुरक्षित खाने का तेल मिल सके
उन्होंने कहा कि पिछले साल के आंकड़ों के आधार पर कार्रवाई बढ़ाई गई है और यह अनुपालन आदेश इस दिशा में अगला और मजबूत कदम है, ताकि लोगों को सुरक्षित खाने का तेल मिल सके। तेल न तो गलत लेबल वाला हो, न असुरक्षित और न ही मानक से कम गुणवत्ता वाला। इसे लागू करना जरूरी है। वहीं तुकाराम ने बताया कि अगर कोई इन नियमों का उल्लंघन करता हुआ पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर 10 लाख रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है और उम्रकैद तक की सजा का भी प्रावधान है।

