महोबा में नीट की तैयारी कर रही मध्य प्रदेश की छात्रा निशा अहिरवार संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई है। परिजनों ने गांव के ही कुछ लोगों पर अपहरण का आरोप लगाया है। इस मामले में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने भी दखल दिया है। मध्य प्रदेश के पठा गांव की 25 वर्षीय निशा अहिरवार महोबा में किराए पर रहकर नीट परीक्षा की तैयारी कर रही थी। वह 30 अप्रैल की शाम को लाइब्रेरी पढ़ने गई थी, जिसके बाद से वह वापस नहीं लौटी। बसपा के जिलाध्यक्ष गंगादीन अहिरवार के नेतृत्व में पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर छात्रा की जल्द बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है। निशा की मां मन्नू ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी का अपहरण गांव के अंकित और मोहित ने किया है। परिजनों के अनुसार, यह मामला पुरानी रंजिश से जुड़ा है। करीब 16 महीने पहले भी इन्हीं आरोपियों ने निशा के साथ छतरपुर जाते समय छेड़खानी की थी, जिसका मुकदमा दर्ज है। आरोप है कि आरोपी लगातार निशा पर केस वापस लेने का दबाव बना रहे थे और महोबा में भी उसका पीछा कर रहे थे। छात्रा ने गायब होने से दो दिन पहले अपनी मां को फोन पर बताया था कि उसे रास्ते में रोककर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया गया और बर्बाद करने की धमकी दी गई थी। निशा की नीट की परीक्षा 3 मई को थी और परीक्षा से ठीक पहले उसका गायब होना किसी बड़ी साजिश की ओर इशारा करता है। उधर, पुलिस का कहना है कि गुमशुदगी दर्ज कर ली गई है। सीओ अरुण कुमार सिंह खुद मामले की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। पुलिस की टीमें सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज के जरिए छात्रा की लोकेशन ट्रेस करने में जुटी हैं। लेकिन चार दिन बीत जाने के बाद भी निशा का कोई सुराग न मिलना पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर रहा है।


