लखनऊ विश्वविद्यालय में हॉस्टल आवंटन में धांधली का आरोप लगाकर धरने पर बैठे छात्रों का धरना मंगलवार को 13वें दिन भी जारी रहा। इस दौरान तेज बुखार होने पर एक और छात्र को बलरामपुर अस्पताल ले जाना पड़ा। इससे पहले छात्र प्रांजल उपाध्याय की तबीयत बिगड़ने पर उसे भी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। चीफ प्रोवोस्ट से मिलेंगे छात्र धरनारत छात्रों को पूर्व लूटा अध्यक्ष और छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष डॉ.नीरज जैन ने समर्थन दिया। उन्होंने छात्र नेता रिशेंद्र प्रताप सिंह से चीफ प्रोवोस्ट को पत्र लिखकर मिलने का समय मांगने को कहा। डॉ. नीरज जैन की अगुवाई में छात्रों का प्रतिनिधिमंडल चीफ प्रोवोस्ट से मिलकर समस्या का समाधान निकालने की कोशिश करेगा। वहीं, छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर मानवाधिकार आयोग को पत्र भेजा है। पात्र छात्रों को हॉस्टल नहीं मिलने का आरोप छात्रों का आरोप है कि आवंटन प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई। पात्र होने के बावजूद कई स्टूडेंट्स को हॉस्टल नहीं मिला। छात्र हॉस्टलवार, पाठ्यक्रमवार और कैटेगिरी आवंटन सूची विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर जारी करने की मांग कर रहे हैं। साथ ही, खाली सीटों का ब्योरा सार्वजनिक करने और आवंटन प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी की है। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में बाधा नहीं डालेंगे छात्रों ने कहा कि 31 अक्टूबर को विश्वविद्यालय में प्रस्तावित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम में वे कोई बाधा नहीं डालेंगे। हालांकि, हॉस्टल आवंटन की पूरी सूची और खाली सीटों का ब्योरा सार्वजनिक होने तक धरना जारी रहेगा। छात्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय और लखनऊ के सांसद एवं रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से भी मामले में हस्तक्षेप की मांग कर चुके हैं।

