लखनऊ विश्वविद्यालय ने चार साल के UG पाठ्यक्रम में बड़ा बदलाव किया है। अब चौथे वर्ष में छात्रों को शोध, उद्यमिता और ऑनर्स के तीन विकल्प मिलेंगे। नए विकल्पों से छात्रों को अपनी रुचि और करियर के अनुसार आगे की पढ़ाई का रास्ता चुनने की सुविधा मिलेगी। LU में सत्र 2021-22 से चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम संचालित हो रहा है। पहले चौथे वर्ष में केवल UG ऑनर्स विद रिसर्च का विकल्प था। इसके लिए न्यूनतम 7.5 CGPA अनिवार्य था। इसके चलते कम CGPA वाले कई छात्र चौथा वर्ष पूरा करने से वंचित रह जाते थे। अब विश्वविद्यालय ने विकल्प बढ़ाकर छात्रों को अपनी योग्यता के अनुसार मार्ग चुनने का अवसर दिया है। 7.5 से कम CGPA वालों को भी मिलेगा मौका कुलपति प्रो. जेपी सैनी के अनुसार नई व्यवस्था में 7.5 से कम CGPA वाले स्टूडेंट्स भी 160 क्रेडिट की चार वर्षीय UG डिग्री पूरी कर सकेंगे। इससे अधिक संख्या में छात्रों को चार वर्षीय पाठ्यक्रम का लाभ मिलेगा। विश्वविद्यालय ने UG ऑनर्स विद रिसर्च के लिए पहले छह सेमेस्टर में न्यूनतम 7.5 CGPA की शर्त रखी है। इसमें 12 क्रेडिट का रिसर्च प्रोजेक्ट पूरा करना अनिवार्य होगा। उद्यमिता में औद्योगिक प्रशिक्षण UG ऑनर्स विद उद्यमिता का विकल्प छह सेमेस्टर पास करने वाले सभी छात्रों के लिए उपलब्ध होगा। इसमें 12 क्रेडिट का इंडस्ट्रियल एक्सपोजर जरूरी है। वहीं सामान्य UG ऑनर्स विकल्प में सभी पात्र छात्रों के लिए 12 क्रेडिट के उन्नत पाठ्यक्रम पढ़ाए जाएंगे। सात सदस्यीय विशेषज्ञ समिति करेगी नियम तैयार इसके लिए सात सदस्यीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया है। समिति की अध्यक्षता प्रो. मुनका खन्ना करेंगी। समिति क्रेडिट संरचना, उद्योग से जुड़ाव और आगे की कार्ययोजना के दिशा-निर्देश तैयार कर अपनी रिपोर्ट मंजूरी के लिए सौंपेगी।

