बिहार में पूर्ण शराबबंदी को लागू हुए 10 साल हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद राजधानी पटना के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले VVIP इलाके में शराब मिलने से हड़कंप मच गया है। शुक्रवार की सुबह मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के सरकारी आवास (5, देशरत्न मार्ग) से महज 400 मीटर की दूरी पर प्रीमियम ब्रांड की 12 विदेशी शराब की बोतलें बरामद की गई हैं। यह बोतलें देशरत्न उद्यान गेट के पास कचरे के ढेर में एक झोले (बैग) के अंदर रखी हुई थीं। सूचना मिलते ही सचिवालय थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और सभी 12 बोतलों को जब्त कर थाने ले गई। बरामद बोतलों में से दो बोतलें टूटी हुई थीं। ब्लैक मार्केट में 15 हजार तक है कीमत सड़क किनारे मिले बैग से दुनिया के सबसे महंगे और प्रीमियम ब्रांड्स जैसे शिवास रीगल (Chivas Regal), ब्लैक लेबल (Black Label), रेड लेबल (Red Label) और डबल ब्लैक (Double Black) की बोतलें मिली हैं। बिहार के ब्लैक मार्केट में इन प्रीमियम ब्रांड्स की एक-एक बोतल 10 से 15 हजार रुपये तक में बिकती है। सुरक्षा में भारी चूक, मंत्रियों के बंगलों के बीच मिली शराब जिस स्थान पर ये बोतलें मिली हैं, वह पटना का सबसे हाई-सिक्योरिटी जोन है। यहाँ 24 घंटे पुलिस की गश्ती होती है। इसके बावजूद इतनी बड़ी तादाद में शराब की बोतलें फेंके जाना सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करता है। आसपास रहने वाले VVIPs: 5, देशरत्न मार्ग: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का सरकारी आवास। 2, देशरत्न मार्ग: स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार का बंगला। समीप ही: बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह का आवास और कई अन्य मंत्रियों के बंगले। थानेदार का बयान: सचिवालय थाना प्रभारी गौतम कुमार ने बताया कि पुलिस मौके पर पहुंचकर बोतलें जब्त कर चुकी है। आसपास लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज को खंगाला जा रहा है। जिसने भी वीवीआईपी इलाके में यह बोतलें फेंकी हैं, उसे चिन्हित कर जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। VVIP इलाकों में पहले भी मिलती रही है शराब (हालिया मामले) यह कोई पहला मामला नहीं है जब बिहार के सबसे सुरक्षित सरकारी परिसरों में शराब मिली हो: मई 2026 (शुरुआत): पटना के विकास भवन (राज्य सचिवालय) में नगर विकास विभाग के संयुक्त सचिव कार्यालय के बाहर डस्टबिन से विदेशी शराब की खाली बोतल मिली थी। 14 मई 2026: बक्सर के डीटीओ (DTO) कार्यालय के अंदर अलमारी के पीछे से 7 भरी हुई और सैकड़ों खाली बोतलें बरामद हुई थीं। 30 नवंबर 2021: बिहार विधानसभा सत्र के दौरान मुख्यमंत्री कक्ष से महज 50 मीटर दूर पार्किंग एरिया में शराब की खाली बोतलें मिली थीं, जिस पर भारी हंगामा हुआ था। फरवरी 2017: पटना के बेऊर थाना क्षेत्र में पुलिसकर्मियों द्वारा ही शराब की खेप छोड़ने का मामला सामने आया था, जिसके बाद 29 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया था। आंकड़ों में शराबबंदी: सख्ती के बाद भी बढ़ रहे मामले बिहार में शराबबंदी कानून को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए पुलिस की अलग से विशेष विंग (मद्यनिषेध इकाई) बनाई गई है। पिछले 10 सालों में अब तक 17.18 लाख से अधिक गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, लेकिन सरकारी आंकड़े ही गवाही दे रहे हैं कि सख्ती के बाद भी कानून का उल्लंघन लगातार बढ़ रहा है। हाई-प्रोफाइल इलाके में इस तरह शराब मिलने के बाद अब बिहार की सियासत गरमा गई है और विपक्ष सरकार की ‘सफल शराबबंदी’ के दावों पर सवाल उठा रहा है। बिहार में पूर्ण शराबबंदी को लागू हुए 10 साल हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद राजधानी पटना के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले VVIP इलाके में शराब मिलने से हड़कंप मच गया है। शुक्रवार की सुबह मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के सरकारी आवास (5, देशरत्न मार्ग) से महज 400 मीटर की दूरी पर प्रीमियम ब्रांड की 12 विदेशी शराब की बोतलें बरामद की गई हैं। यह बोतलें देशरत्न उद्यान गेट के पास कचरे के ढेर में एक झोले (बैग) के अंदर रखी हुई थीं। सूचना मिलते ही सचिवालय थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और सभी 12 बोतलों को जब्त कर थाने ले गई। बरामद बोतलों में से दो बोतलें टूटी हुई थीं। ब्लैक मार्केट में 15 हजार तक है कीमत सड़क किनारे मिले बैग से दुनिया के सबसे महंगे और प्रीमियम ब्रांड्स जैसे शिवास रीगल (Chivas Regal), ब्लैक लेबल (Black Label), रेड लेबल (Red Label) और डबल ब्लैक (Double Black) की बोतलें मिली हैं। बिहार के ब्लैक मार्केट में इन प्रीमियम ब्रांड्स की एक-एक बोतल 10 से 15 हजार रुपये तक में बिकती है। सुरक्षा में भारी चूक, मंत्रियों के बंगलों के बीच मिली शराब जिस स्थान पर ये बोतलें मिली हैं, वह पटना का सबसे हाई-सिक्योरिटी जोन है। यहाँ 24 घंटे पुलिस की गश्ती होती है। इसके बावजूद इतनी बड़ी तादाद में शराब की बोतलें फेंके जाना सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करता है। आसपास रहने वाले VVIPs: 5, देशरत्न मार्ग: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का सरकारी आवास। 2, देशरत्न मार्ग: स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार का बंगला। समीप ही: बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह का आवास और कई अन्य मंत्रियों के बंगले। थानेदार का बयान: सचिवालय थाना प्रभारी गौतम कुमार ने बताया कि पुलिस मौके पर पहुंचकर बोतलें जब्त कर चुकी है। आसपास लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज को खंगाला जा रहा है। जिसने भी वीवीआईपी इलाके में यह बोतलें फेंकी हैं, उसे चिन्हित कर जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। VVIP इलाकों में पहले भी मिलती रही है शराब (हालिया मामले) यह कोई पहला मामला नहीं है जब बिहार के सबसे सुरक्षित सरकारी परिसरों में शराब मिली हो: मई 2026 (शुरुआत): पटना के विकास भवन (राज्य सचिवालय) में नगर विकास विभाग के संयुक्त सचिव कार्यालय के बाहर डस्टबिन से विदेशी शराब की खाली बोतल मिली थी। 14 मई 2026: बक्सर के डीटीओ (DTO) कार्यालय के अंदर अलमारी के पीछे से 7 भरी हुई और सैकड़ों खाली बोतलें बरामद हुई थीं। 30 नवंबर 2021: बिहार विधानसभा सत्र के दौरान मुख्यमंत्री कक्ष से महज 50 मीटर दूर पार्किंग एरिया में शराब की खाली बोतलें मिली थीं, जिस पर भारी हंगामा हुआ था। फरवरी 2017: पटना के बेऊर थाना क्षेत्र में पुलिसकर्मियों द्वारा ही शराब की खेप छोड़ने का मामला सामने आया था, जिसके बाद 29 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया था। आंकड़ों में शराबबंदी: सख्ती के बाद भी बढ़ रहे मामले बिहार में शराबबंदी कानून को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए पुलिस की अलग से विशेष विंग (मद्यनिषेध इकाई) बनाई गई है। पिछले 10 सालों में अब तक 17.18 लाख से अधिक गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, लेकिन सरकारी आंकड़े ही गवाही दे रहे हैं कि सख्ती के बाद भी कानून का उल्लंघन लगातार बढ़ रहा है। हाई-प्रोफाइल इलाके में इस तरह शराब मिलने के बाद अब बिहार की सियासत गरमा गई है और विपक्ष सरकार की ‘सफल शराबबंदी’ के दावों पर सवाल उठा रहा है।


