पन्ना के दक्षिण वनमंडल में विश्व तेंदुआ दिवस के अवसर पर एक तेंदुए को पाइप से सुरक्षित निकाला गया। रविवार 3 मई को अमानगंज बफर रेंज से सटे हिनौती गांव में एक तेंदुआ पाइप में फंस गया था, जिसे वन विभाग और पन्ना टाइगर रिजर्व (PTR) की टीम ने छह घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद जंगल में छोड़ दिया। यह घटना सुबह की है जब तेंदुआ एक आवारा कुत्ते का पीछा करते हुए एक संकरे पाइप में जा घुसा। कुत्ता तो बच निकला, लेकिन तेंदुआ पाइप के भीतर फंस गया। ग्रामीणों ने तुरंत सतर्कता दिखाते हुए पाइप के दोनों सिरों को पत्थरों से बंद कर दिया और वन विभाग को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही दक्षिण पन्ना वनमंडल का अमला और पन्ना टाइगर रिजर्व की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। तेंदुए को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए एक रणनीति बनाई गई। टीम ने पाइप के एक सिरे पर लोहे का पिंजरा लगाया और तेंदुए को पिंजरे की ओर धकेलने के लिए पाइप में पानी की बौछार और कटीली झाड़ियों का उपयोग किया। हालांकि, तेंदुआ टस से मस नहीं हुआ। इस पर डीएफओ अनुपम शर्मा ने बताया कि टीम ने एक अनूठा तरीका अपनाया। उन्होंने पाइप के आकार के टायरों को आपस में बांधकर रस्सियों की मदद से पाइप के अंदर धकेला। इस दबाव के कारण तेंदुआ धीरे-धीरे आगे बढ़ा और सीधे पिंजरे में जा फंसा। रेस्क्यू के तुरंत बाद वन्यप्राणी चिकित्सक डॉ. संजीव गुप्ता ने तेंदुए का परीक्षण किया। प्राथमिक जांच में तेंदुआ पूरी तरह स्वस्थ और चोटमुक्त पाया गया। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर उसे आबादी से दूर सुरक्षित प्राकृतिक वन क्षेत्र में छोड़ दिया गया। इस सफल ऑपरेशन में पवई रेंज ऑफिसर नितेश पटेल के नेतृत्व में पूरी टीम ने सराहनीय कार्य किया। जिसमे बी.के. खरे, रामजी गर्ग, मनीष वर्मा, सचेंद्र मोहन, दिनेश राठौर, सतेंद्र भदौरिया, मनीष यादव, राहुल पटेल एवं अन्य। PTR रेस्क्यू टीम में उदयमणि सिंह परिहार, अरविंद रैकवार, तफसील खान और अर्जुल पाल शामिल रहे वही भीड़ को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन भी मुस्तैद रहा।


