जमुई में विधिक जागरूकता कैंप:दिव्यांग बच्चों के अधिकारों पर फोकस, मुफ्त कानूनी सहायता की जानकारी, लोक अदालत में भाग लेने की अपील

जमुई में विधिक जागरूकता कैंप:दिव्यांग बच्चों के अधिकारों पर फोकस, मुफ्त कानूनी सहायता की जानकारी, लोक अदालत में भाग लेने की अपील

जमुई जिले के खैरा प्रखंड के हरनी गांव स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय में जिला विधिक सेवा प्राधिकार, जमुई द्वारा एक विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों, विशेषकर दिव्यांग बच्चों और उनके अभिभावकों को उनके कानूनी अधिकारों तथा सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करना था। शिविर का संचालन प्राधिकार के पैनल अधिवक्ता अंजनी कुमार और पारा विधिक सेवक रंजीत कुमार ने किया। कार्यक्रम का मुख्य विषय राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) की “दिव्यांग बच्चों के लिए विधिक सेवा योजना 2021” रहा। पैनल अधिवक्ता ने विस्तार से बताया कि भारतीय संविधान के तहत दिव्यांग बच्चों को समान अधिकार प्राप्त हैं। निशुल्क विधिक सेवा उपलब्ध कराई जाती है
उन्हें समाज में बराबरी का अवसर प्रदान करने के लिए विभिन्न कानूनी प्रावधान किए गए हैं। ऐसे बच्चों को अपने अधिकारों की रक्षा के लिए निशुल्क विधिक सेवा उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने यह भी बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में सक्रिय भूमिका निभाता है। अभिभावकों को सलाह दी गई कि वे किसी भी कानूनी सहायता के लिए अपने क्षेत्र के पैनल अधिवक्ता या पारा विधिक सेवक से संपर्क कर सकते हैं। प्राचार्य घनश्याम मुर्मू सहित कई ग्रामीण उपस्थित रहे
प्राधिकार जरूरतमंदों की शिकायत दर्ज कराने, न्यायालय में मुकदमों की पैरवी करने और निशुल्क कानूनी सलाह देने की सुविधा भी प्रदान करता है। शिविर के दौरान आगामी 9 मई को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के बारे में भी जानकारी दी गई और लोगों को इसमें अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य घनश्याम मुर्मू सहित कई ग्रामीण उपस्थित रहे। जमुई जिले के खैरा प्रखंड के हरनी गांव स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय में जिला विधिक सेवा प्राधिकार, जमुई द्वारा एक विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों, विशेषकर दिव्यांग बच्चों और उनके अभिभावकों को उनके कानूनी अधिकारों तथा सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करना था। शिविर का संचालन प्राधिकार के पैनल अधिवक्ता अंजनी कुमार और पारा विधिक सेवक रंजीत कुमार ने किया। कार्यक्रम का मुख्य विषय राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) की “दिव्यांग बच्चों के लिए विधिक सेवा योजना 2021” रहा। पैनल अधिवक्ता ने विस्तार से बताया कि भारतीय संविधान के तहत दिव्यांग बच्चों को समान अधिकार प्राप्त हैं। निशुल्क विधिक सेवा उपलब्ध कराई जाती है
उन्हें समाज में बराबरी का अवसर प्रदान करने के लिए विभिन्न कानूनी प्रावधान किए गए हैं। ऐसे बच्चों को अपने अधिकारों की रक्षा के लिए निशुल्क विधिक सेवा उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने यह भी बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में सक्रिय भूमिका निभाता है। अभिभावकों को सलाह दी गई कि वे किसी भी कानूनी सहायता के लिए अपने क्षेत्र के पैनल अधिवक्ता या पारा विधिक सेवक से संपर्क कर सकते हैं। प्राचार्य घनश्याम मुर्मू सहित कई ग्रामीण उपस्थित रहे
प्राधिकार जरूरतमंदों की शिकायत दर्ज कराने, न्यायालय में मुकदमों की पैरवी करने और निशुल्क कानूनी सलाह देने की सुविधा भी प्रदान करता है। शिविर के दौरान आगामी 9 मई को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के बारे में भी जानकारी दी गई और लोगों को इसमें अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य घनश्याम मुर्मू सहित कई ग्रामीण उपस्थित रहे।  

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