कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने नीट पेपरलीक को लेकर केंद्र और बीजेपी पर निशाना साधने के साथ अपनी ही पार्टी के नेताओं पर भी तंज कसा। डोटासरा ने कहा- कांग्रेस में हम विधायक-मंत्री और सांसद बन जाते हैं। उसके बाद जमीन से 2 फीट ऊपर चलने लग जाते हैं। दिक्कत वहीं से शुरू हो जाती है। जिन सांसदों और संगठन के पदाधिकारियों की जिम्मेदारी है, वो अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रहे हैं। कांग्रेस की विचारधारा, कांग्रेस संविधान को मजबूत करने के लिए क्या काम कर रही है, लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई लड़ रही है, ये बातें ही अगर कांग्रेस के नेता और पदाधिकारी जनता के बीच लेकर जाएं तो भाजपा के पास इसका कोई जवाब नहीं होगा। पीएम काम की बात नहीं करते डोटासरा ने कहा- पीएम मोदी केवल मन की बात करते हैं, काम की बात कभी नहीं करते। परीक्षा पर चर्चा करते हैं, लेकिन परीक्षाओं के पेपर लीक होने से रोक नहीं पाते। उन्होंने कहा- जरा सोचिए अगर डॉक्टर ही फर्जी बनने लगेंगे तो देश में क्या होगा? वक्त आ गया है, युवाओं के पेपर आउट करने वालों को सत्ता से आउट किया जाए। अब इन्हें ही आउट करना पड़ेगा। डोटासरा जयपुर के आरएएस क्लब में कांग्रेस के चिकित्सा प्रकोष्ठ की बैठक में बोल रहे थे। डोटासरा ने कहा- साल 2024, 2025 के नीट पेपर भी आउट थे। नीट का पेपर लगातार तीन बार आउट हो गया। चार दिन तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान सामने ही नहीं आए। राजस्थान के लोगों ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ( एनटीए) को बाकायदा प्रमाण दिया कि पेपर आउट हुआ है, तब जाकर एजेंसियां हरकत में आईं। 23 लाख बच्चों का भविष्य बर्बाद, पीएम ने ट्वीट तक नहीं किया डोटासरा ने कहा- नीट पेपर लीक में 23 लाख बच्चों का भविष्य बर्बाद हो गया, लेकिन प्रधानमंत्री ने इसे लेकर एक ट्वीट तक नहीं किया है। धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा होना चाहिए था, लेकिन सब चुप्पी साधकर बैठे हुए हैं। धर्मेंद्र प्रधान ने ही एनटीए में गलत लोगों की नियुक्ति की थी, इसके लिए जिम्मेदारी तो बनती ही है।


