अजमेर में नरसिंह जयंती पर 30 अप्रैल को नया बाजार स्थित नरसिंह जी के नोहरा में प्रसिद्ध ‘लाल्या-काल्या का मेला’ भरेगा। मंदिर प्रबंधक साकेत बंसल ने बताया- यह परंपरा पिछले 350 सालों से चली आ रही है। इस बार भी इसे हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। दिन में भगवान नरसिंह का विशेष श्रृंगार किया जाएगा और फूल बंगला सजाया जाएगा। इसके बाद नरसिंह कथा के पश्चात महाआरती होगी। शाम को भगवान के विभिन्न स्वरूपों की झांकियों के साथ लीला महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। मेले की खास बात ‘लाल्या-काल्या’ की पारंपरिक झांकी रहेगी। इसमें काल्या रूप (हिरण्यकश्यप) भक्तों को गोद में उठाकर डराने का अभिनय करेगा, जबकि लाल्या रूप (वराह भगवान) भक्तों को गोद में उठाकर प्रसाद देंगे और उनके दुख-दर्द दूर करने का संदेश देंगे। वहीं, नकटी रूप (होलिका) भी लोगों का मनोरंजन करेगी। भगवान नरसिंह खंभे को फाड़कर प्रकट होंगे साकेत बंसल ने बताया कि आयोजन में हिरण्यकश्यप अपने अहंकार और शक्ति का प्रदर्शन करेगा, जबकि भक्त प्रह्लाद और भगवान ब्रह्मा-महेश भक्ति का संदेश देंगे। अंत में भगवान नरसिंह खंभे को फाड़कर प्रकट होंगे और भक्तों को विकराल रूप के दर्शन कराएंगे। साकेत बंसल के अनुसार, मान्यता है कि खंभे का कागज अपने पास रखने से घर में समृद्धि बनी रहती है और इसे पानी में घोलकर पीने से बीमारियों से भी राहत मिलती है।


