केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी लखपति दीदी योजना रामपुर जिले में तेजी से आगे बढ़ रही है। डिजिटल आजीविका रजिस्टर (डीएआर) की चौथी तिमाही की रिपोर्ट के अनुसार, जिले के छह ब्लॉकों में 29,441 संभावित लखपति दीदी महिलाओं को चिह्नित कर मंजूरी दी गई है। योजना के तहत अब तक 28,165 अद्वितीय आजीविका प्रविष्टियां दर्ज की जा चुकी हैं। जनवरी से मार्च की चौथी तिमाही में 3,490 नई डिजिटल एंट्री दर्ज की गईं, जिनमें से 3,349 को विभागीय स्वीकृति मिली। यह कुल प्रविष्टियों का 95.96 प्रतिशत है। स्वार ब्लॉक ने 99.90 प्रतिशत स्वीकृति दर के साथ सबसे शानदार प्रदर्शन किया, जहां 976 प्रविष्टियों में से 975 को मंजूरी मिली। शाहबाद ब्लॉक में सर्वाधिक 5,907 महिलाओं को संभावित लखपति दीदी के रूप में चिह्नित किया गया। स्वार में 5,607 और मिलक में 5,546 महिलाओं को भी स्वीकृति मिली है। हालांकि, बिलासपुर ब्लॉक का प्रदर्शन कमजोर रहा, जहां 204 में से केवल 147 प्रविष्टियों को मंजूरी मिल सकी। आर्थिक रूप से सशक्त बनाना लक्ष्य योजना की सफलता में आजीविका सखियों (सीआरपी) की अहम भूमिका रही है। जिले में अब तक 567 सीआरपी ऑनबोर्ड की जा चुकी हैं, जिनमें मिलक में 129, शाहबाद में 112 और बिलासपुर में 110 सीआरपी कार्यरत हैं। विभाग के सामने अभी भी लगभग 25,951 महिलाओं का विस्तृत डेटा डिजिटल रजिस्टर में पूरी तरह दर्ज करने की चुनौती बनी हुई है। लखपति दीदी योजना का मुख्य उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं की वार्षिक आय को एक लाख रुपये तक पहुंचाना है। इसके लिए महिलाओं को कृषि, पशुपालन, स्वरोजगार और कौशल प्रशिक्षण से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है।


