नालंदा में मारपीट में घायल मजदूर की मौत हो गई। अरवल जिले में काम करता था। मारपीट का आरोप ईंट भट्ठा मालिक और मुंशी पर है। मृतक की पहचान हिलसा थाना क्षेत्र के मोमिंदपुर निवासी राजेश मांझी(45) के तौर पर हुई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बिहार शरीफ सदर अस्पताल भेज दिया है। परिजनों का कहना है कि मामलू विवाद में 16 मार्च को ईंट भट्ठे पर बेरहमी से पिटाई की गई। पहले स्थानीय स्तर पर इलाज कराया। सुधार नहीं होने पर पटना लेकर गए। कुछ दिन पहले वहां से गांव लेकर आ गए थे, घर पर ही इलाज चल रहा था। बुधवार रात दम तोड़ दिया।
मौत से पहले बयां किया दर्द राजेश ने मौत से अपने बयान में कहा कि विवाद की शुरुआत तब हुई जब उसने ‘चिमनी उड़ा देंगे’ जैसी बात नशे की हालत में कही थी। जिससे मालिक नाराज हो गया। मालिक, मुंशी धर्मेंद्र, मुन्ना और शंकर ने मिलकर बाजार में घेर लिया और बुरी तरह पीटा। बेहोश होने तक लात-घूंसों और डंडों से मारा। मृतक के पुत्र सूरज कुमार ने बताया कि मेरे पिताजी अरवल में ईंट भट्ठा पर काम करते थे। काम के सिलसिले में बाजार गए थे, जहां भट्ठा मालिक और उसके गुर्गों ने उन पर हमला कर दिया। पटना में लंबे इलाज के बावजूद उनकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ। छानबीन में जुटी पुलिस हिलसा थानाध्यक्ष अभिजीत कुमार ने बताया कि मारपीट की घटना अरवल जिले में हुई थी। घायल की मौत पैतृक गांव में हुई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए बिहार शरीफ भेज दिया गया है। परिजनों से आवेदन लेकर ‘जीरो एफआईआर’ दर्ज की जा रही है। जिसे आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए संबंधित जिले (अरवल) के थाने को स्थानांतरित कर दिया जाएगा। नालंदा में मारपीट में घायल मजदूर की मौत हो गई। अरवल जिले में काम करता था। मारपीट का आरोप ईंट भट्ठा मालिक और मुंशी पर है। मृतक की पहचान हिलसा थाना क्षेत्र के मोमिंदपुर निवासी राजेश मांझी(45) के तौर पर हुई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बिहार शरीफ सदर अस्पताल भेज दिया है। परिजनों का कहना है कि मामलू विवाद में 16 मार्च को ईंट भट्ठे पर बेरहमी से पिटाई की गई। पहले स्थानीय स्तर पर इलाज कराया। सुधार नहीं होने पर पटना लेकर गए। कुछ दिन पहले वहां से गांव लेकर आ गए थे, घर पर ही इलाज चल रहा था। बुधवार रात दम तोड़ दिया।
मौत से पहले बयां किया दर्द राजेश ने मौत से अपने बयान में कहा कि विवाद की शुरुआत तब हुई जब उसने ‘चिमनी उड़ा देंगे’ जैसी बात नशे की हालत में कही थी। जिससे मालिक नाराज हो गया। मालिक, मुंशी धर्मेंद्र, मुन्ना और शंकर ने मिलकर बाजार में घेर लिया और बुरी तरह पीटा। बेहोश होने तक लात-घूंसों और डंडों से मारा। मृतक के पुत्र सूरज कुमार ने बताया कि मेरे पिताजी अरवल में ईंट भट्ठा पर काम करते थे। काम के सिलसिले में बाजार गए थे, जहां भट्ठा मालिक और उसके गुर्गों ने उन पर हमला कर दिया। पटना में लंबे इलाज के बावजूद उनकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ। छानबीन में जुटी पुलिस हिलसा थानाध्यक्ष अभिजीत कुमार ने बताया कि मारपीट की घटना अरवल जिले में हुई थी। घायल की मौत पैतृक गांव में हुई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए बिहार शरीफ भेज दिया गया है। परिजनों से आवेदन लेकर ‘जीरो एफआईआर’ दर्ज की जा रही है। जिसे आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए संबंधित जिले (अरवल) के थाने को स्थानांतरित कर दिया जाएगा।


