Kota में दो कोचिंग छात्रों की मौत, JEE अभ्यर्थी ने लगाया फंदा तो NEET छात्र की इलाज के दौरान गई जान

Kota में दो कोचिंग छात्रों की मौत, JEE अभ्यर्थी ने लगाया फंदा तो NEET छात्र की इलाज के दौरान गई जान

(कॉपी में मामूली बदलाव के साथ रिपीट)
कोटा, 26 अक्टूबर कोचिंग का केंद्र कहलाने वाले कोटा में छात्रों की मौत की दो अलग-अलग घटनाओं ने एक बार फिर उनकी सेहत और सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। इनमें से एक छात्र के परिवार ने छात्रावास प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। जेईई की तैयारी कर रहे मध्यप्रदेश के 16-वर्षीय छात्र का शव रविवार रात उसके पेइंग गेस्ट (पीजी) आवास में फंदे से लटका मिला, जबकि बिहार के 19-वर्षीय नीट अभ्यर्थी को शनिवार रात उसके छात्रावास के बाथरूम में बेहोशी की हालत में पाया गया और रविवार दोपहर इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

शिवपुरी जिले का रहने वाला छात्र जवाहर नगर थाना क्षेत्र के महावीर नगर-1 स्थित पीजी आवास के अपने कमरे के अंदर फंदे से लटका मिला। पुलिस को संदेह है कि यह आत्महत्या का मामला हो सकता है। पुलिस क्षेत्राधिकारी मुकेश मीणा ने बताया कि पीड़ित इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिले के लिए होने वाली संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) की तैयारी के लिए छह महीने पहले कोटा आया था।

उन्होंने बताया कि पीड़ित रविवार दोपहर एक कोचिंग संस्थान में नियमित मॉक टेस्ट में शामिल हुआ और फिर पीजी लौटने के बाद उसने फोन कॉल का जवाब देना बंद कर दिया। मीणा के मुताबिक, बार-बार दरवाजा खटखटाने के बावजूद पीड़ित ने जब कमरा नहीं खोला, तो पीजी संचालक ने खिड़की से झांककर देखा और उसे (पीड़ित को) फंदे से लटका हुआ पाया। मीणा ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और छात्र के शव को एमबीएस अस्पताल पहुंचवाने के साथ ही परिजन को सूचित किया।

उन्होंने बताया कि मृतक के कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है और इस कदम के पीछे की वजह का अभी तक पता नहीं चल पाया है। मीणा के अनुसार, पोस्टमार्टम के बाद बाकी औपचारिकताएं पूरी कर शव परिजन को सौंप दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और मामले की जांच जारी है।

दूसरी घटना में दरभंगा जिले का नीट अभ्यर्थी गौतम कुमार कुन्हाड़ी थाना क्षेत्र के लैंडमार्क इलाके में स्थित छात्रावास के कमरे के बाथरूम में बेहोश मिला। पुलिस के मुताबिक, गौतम को एमबीएस अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, गौतम पिछले दो साल से कोटा में रह रहा था और उसने मेडिकल कॉलेज में दाखिले के लिए दो बार राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (नीट) दी थी।

गौतम के शोक संतप्त परिजन ने उसकी मौत के हालात को लेकर संदेह जताया। उसके रिश्ते के भाई अखिलेश ने मुर्दाघर के बाहर संवाददाताओं से कहा, ‘‘यहां कोई भी जिम्मेदारी नहीं ले रहा है-न तो छात्रावास और न ही कोचिंग संस्थान।’’
अखिलेश ने कहा, ‘‘हमें नहीं पता कि क्या हुआ-वह बाथरूम में गिर गया, गलती से कोई जहरीली चीज खा ली या उसके साथ कुछ और हुआ।’’
उसने आरोप लगाया कि दिन में चार बार दिए जाने वाले भोजन के समय गौतम की अनुपस्थिति पर भी छात्रावास प्रबंधन ने कोई ध्यान नहीं दिया। अखिलेश के मुताबिक, इस घटना के बारे में तब पता चला, जब शनिवार रात परिजन ने पास के ही एक छात्रावास में रहने वाले उसके चचेरे भाई से संपर्क कर उसका हालचाल लेने को कहा।

परिजन के अनुसार, गौतम अच्छे से तैयारी कर रहा था और उस पर पढ़ाई को लेकर कोई दबाव या तनाव नहीं था। परिजन ने छात्रावास प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई। पुलिस क्षेत्राधिकारी देवेश भारद्वाज ने बताया कि घटना के सिलसिले में संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।

उन्होंने कहा कि मौत के कारण को लेकर पुलिस अभी किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है और मामले की जांच जारी है।

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