Kerala New CM VD Satheesan: केरल की राजनीति में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। कांग्रेस ने अपने सबसे तेजतर्रार और रणनीतिक नेता वीडी सतीशन पर भरोसा जताते हुए उन्हें मुख्यमंत्री चेहरे के तौर पर चुन लिया है। 14 मई को कांग्रेस हाईकमान ने उनके नाम पर अंतिम मुहर लगा दी है। सतीशन वही नेता हैं जिन्होंने, पिनाराई विजयन की वामपंथी सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार और कुशासन का मुद्दा उठाया और यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट यानी यूडीएफ को 102 सीटों की ऐतिहासिक जीत दिलाई। कांग्रेस के साथ साथ गठबंधन के अन्य दल भी उन्हें सबसे मजबूत चेहरा मान रहे थे। आइए विस्तार से जानते हैं वीडी सतीशन के बारे में।

कौन हैं वीडी सतीशन?
वीडी सतीशन का पूरा नाम वडास्सेरी दामोदरन सतीशन है। उनका जन्म 31 मई, 1964 को कोच्चि के नेट्टूर इलाके में हुआ था। वह छात्र राजनीति से निकलकर विधानसभा तक पहुंचे हैं। सतीशन पिछले बीस सालों से ज्यादा समय से केरल की राजनीति में सक्रिय हैं। साल 2001 से वह लगातार पारावूर विधानसभा सीट से चुनाव जीतते आ रहे हैं। 2021 के चुनाव के बाद उन्हें विपक्ष का नेता बनाया गया था और अब वह राज्य की सत्ता संभालने जा रहे हैं। वीडी सतीशन की पत्नी का नाम आर लक्ष्मीप्रिया है और उनकी एक बेटी भी है। उनके करीबी बताते हैं कि, वह स्वभाव से शांत हैं लेकिन उनकी रणनीतिक सोच बहुत गहरी है।
कितने पढ़े लिखे हैं सतीशन
वीडी सतीशन की पढ़ाई-लिखाई का रिकॉर्ड बहुत शानदार है। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई पनंगड हाई स्कूल से पूरी की। इसके बाद उन्होंने सेक्रेड हार्ट कॉलेज से ग्रेजुएशन किया। उन्होंने सोशल वर्क में मास्टर डिग्री भी हासिल की है। इसके बाद उन्होंने कानून की पढ़ाई की और एलएलबी तथा एलएलएम की डिग्री पूरी की। राजनीति में कदम रखने से पहले सतीशन ने करीब दस साल तक केरल हाईकोर्ट में एक सफल वकील के रूप में काम किया। उन्हें केरल कांग्रेस के सबसे ज्यादा पढ़े लिखे नेताओं में गिना जाता है।
छात्र राजनीति से शुरू हुआ सफर
सतीशन ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत कॉलेज के दिनों से की थी। साल 1986 से 1987 के बीच वह महात्मा गांधी यूनिवर्सिटी यूनियन के अध्यक्ष रहे। इसके बाद उन्होंने एनएसयूआई में भी अहम जिम्मेदारी निभाई। हालांकि उनकी राजनीतिक शुरुआत इतनी आसान नहीं थी। साल 1996 में उन्होंने अपना पहला चुनाव लड़ा था लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। उस समय पारावूर सीट वामपंथियों का मजबूत गढ़ हुआ करती थी। लेकिन साल 2001 में उन्होंने शानदार वापसी की और पहली बार विधायक चुने गए। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। सतीशन 2001 से लेकर 2026 तक लगातार पारावूर सीट से जीत दर्ज कर चुके हैं।
मुख्यमंत्री पद के लिए सतीशन को ही क्यों चुना गया
वीडी सतीशन को कांग्रेस का नया चेहरा माना जा रहा है। उनके पास पुराना अनुभव और नई राजनीतिक रणनीति दोनों हैं। केरल में जहां कांग्रेस और लेफ्ट के बीच सीधी टक्कर होती है वहां सतीशन के आक्रामक अंदाज ने पार्टी में नई जान फूंक दी। संगठन से लेकर मीडिया और विधानसभा तक उनकी मजबूत पकड़ है। सतीशन को सीएम बनाने के पीछे कुछ खास कारण हैं।
- बड़ी जीत दिलाने वाले नेता: साल 2026 के चुनाव में 102 सीटें जीतना कोई आसान काम नहीं था। सतीशन ने जमीनी स्तर पर काम किया और पार्टी की गुटबाजी को खत्म किया जिसका इनाम उन्हें अब मिला है।
- बेदाग छवि: पुरानी सरकार पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच सतीशन एक साफ सुथरे और पढ़े लिखे नेता के रूप में जनता के सामने आए।
- कानून की समझ: वकील होने के कारण उन्हें कानून की गहरी समझ है। इसी वजह से वह मुश्किल मुद्दों को भी जनता के सामने बहुत ही आसान भाषा में समझा पाते हैं।


