किशनगंज सांसद ने की अलग राज्य की मांग:बिहार के पिछड़ेपन का दिया हवाला, केंद्र सरकार के फैसले का करेंगे स्वागत

किशनगंज सांसद ने की अलग राज्य की मांग:बिहार के पिछड़ेपन का दिया हवाला, केंद्र सरकार के फैसले का करेंगे स्वागत

भारत-नेपाल और बांग्लादेश सीमा से सटे किशनगंज सहित अन्य सीमावर्ती जिलों को मिलाकर अलग राज्य बनाने की चर्चाओं के बीच कांग्रेस सांसद डॉ. मोहम्मद जावेद आज़ाद ने बड़ा बयान दिया है। किशनगंज में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि यदि अलग राज्य बनता है तो वह इसका स्वागत करेंगे। गौरतलब है कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के हालिया आगमन के बाद सीमांचल को अलग राज्य बनाने की इन चर्चाओं ने जोर पकड़ा था। क्षेत्र की समस्याओं पर नहीं दिया जाता ध्यान डॉ. जावेद ने बताया कि बिहार के अंतिम छोर पर स्थित होने के कारण यह इलाका काफी पिछड़ा हुआ है और राज्य सरकार की नजर यहां तक नहीं पहुंच पाती। उन्होंने कहा कि पटना से उनके क्षेत्र की दूरी लगभग 400 से 450 किलोमीटर है, जिससे इस क्षेत्र की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जाता। सांसद ने पहले भी सदन में अलग राज्य बनाने की मांग की थी। उन्होंने झारखंड का उदाहरण देते हुए कहा कि जब तक वह बिहार का हिस्सा था, तब तक उसकी स्थिति अच्छी नहीं थी, लेकिन अलग राज्य बनने के बाद वहां काफी सुधार हुआ है। डॉ. जावेद ने विश्वास व्यक्त किया कि यदि बिहार से 8 जिलों को काटकर एक अलग राज्य बनाया जाता है, तो यहां के लोगों की स्थिति काफी बेहतर हो जाएगी। मतदाता पुनरीक्षण कार्य पर साधा निशाना इसी दौरान, डॉ. जावेद ने पश्चिम बंगाल में चल रहे मतदाता पुनरीक्षण कार्य को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह राजनीति के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि मतदाता पुनरीक्षण के नाम पर बंगाल में मंत्रियों तक के नाम काटे गए हैं, जो निंदनीय है। भारत-नेपाल और बांग्लादेश सीमा से सटे किशनगंज सहित अन्य सीमावर्ती जिलों को मिलाकर अलग राज्य बनाने की चर्चाओं के बीच कांग्रेस सांसद डॉ. मोहम्मद जावेद आज़ाद ने बड़ा बयान दिया है। किशनगंज में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि यदि अलग राज्य बनता है तो वह इसका स्वागत करेंगे। गौरतलब है कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के हालिया आगमन के बाद सीमांचल को अलग राज्य बनाने की इन चर्चाओं ने जोर पकड़ा था। क्षेत्र की समस्याओं पर नहीं दिया जाता ध्यान डॉ. जावेद ने बताया कि बिहार के अंतिम छोर पर स्थित होने के कारण यह इलाका काफी पिछड़ा हुआ है और राज्य सरकार की नजर यहां तक नहीं पहुंच पाती। उन्होंने कहा कि पटना से उनके क्षेत्र की दूरी लगभग 400 से 450 किलोमीटर है, जिससे इस क्षेत्र की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जाता। सांसद ने पहले भी सदन में अलग राज्य बनाने की मांग की थी। उन्होंने झारखंड का उदाहरण देते हुए कहा कि जब तक वह बिहार का हिस्सा था, तब तक उसकी स्थिति अच्छी नहीं थी, लेकिन अलग राज्य बनने के बाद वहां काफी सुधार हुआ है। डॉ. जावेद ने विश्वास व्यक्त किया कि यदि बिहार से 8 जिलों को काटकर एक अलग राज्य बनाया जाता है, तो यहां के लोगों की स्थिति काफी बेहतर हो जाएगी। मतदाता पुनरीक्षण कार्य पर साधा निशाना इसी दौरान, डॉ. जावेद ने पश्चिम बंगाल में चल रहे मतदाता पुनरीक्षण कार्य को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह राजनीति के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि मतदाता पुनरीक्षण के नाम पर बंगाल में मंत्रियों तक के नाम काटे गए हैं, जो निंदनीय है।  

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