बिजनौर की जिलाधिकारी जसजीत कौर ने नगीना क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित नर्सिंग होम और अस्पतालों की शिकायतों को गंभीरता से लिया है। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को तत्काल इस मामले की जांच कराने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने सीएमओ से नगीना सीएचसी में तैनात नोडल अधिकारी के कार्यकाल की अवधि की रिपोर्ट भी प्रस्तुत करने को कहा है। यह निर्देश जनप्रतिनिधियों और अन्य लोगों से मिली शिकायतों के बाद दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, शाइनिंग हॉकी क्लब नगीना ने एमएम इंटर कॉलेज के खेल मैदान में पानी भरने की शिकायत की थी। इस पर जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी नगीना और उपयुक्त मनरेगा को मैदान का निरीक्षण कर तत्काल भराव कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी जसजीत कौर आज तहसील नगीना के हॉल में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस की अध्यक्षता कर रही थीं, जहां उन्होंने ये निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन के निर्देशों के अनुपालन में आयोजित होने वाले संपूर्ण समाधान दिवस का उद्देश्य जिला स्तरीय समस्याओं का एक ही स्थान पर उपस्थित अधिकारियों द्वारा मौके पर निस्तारण करना है। यदि यह संभव न हो, तो शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण एक सप्ताह के भीतर किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार की स्पष्ट मंशा है कि जनसामान्य की शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हो ताकि उन्हें राहत मिल सके। डीएम ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को चेतावनी दी कि यदि कोई शिकायतकर्ता अपनी शिकायत दोबारा प्रस्तुत करता है, तो इसका अर्थ है कि उसकी शिकायत को गंभीरता से नहीं सुना गया या उसका गुणवत्तापूर्ण निस्तारण नहीं हुआ। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे विभागीय जन शिकायतों का पूर्ण गुणवत्ता और मानक के अनुरूप निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि अधिकारी मौके पर जाकर शिकायतकर्ता और स्थानीय लोगों से संपर्क करें, ताकि शिकायत की सत्यता प्रमाणित हो सके और उसका गुणवत्तापरक निस्तारण सुनिश्चित किया जा सके। शिकायतों के निस्तारण के प्रति उत्तर प्रदेश
सरकार अति संवेदनशील एवं गंभीर है और उच्च स्तर से शिकायतों की गुणवत्ता की सीधे जांच की जाती है, अतः सभी विभागीय अधिकारी शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें।
आज तहसील दिवस के मौके पर कुल 25 शिकायतें दर्ज की गयीं। जिन में 04 शिकायतों का मौके पर ही विभागीय अधिकारियों के माध्यम से निराकरण करा दिया गया तथा शेष के गुणवत्तापरक व समयबद्ध निस्तारण के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।
इस अवसर पर उप जिलाधिकारी विजय शंकर, उप जिलाधिकारी न्यायिक आशुतोष जैसवाल, तहसीलदार अमरपाल सहित अन्य सभी विभागों के जिला स्तरीय एवं स्थानीय अधिकारी मौजूद थे।


