KGMU में एक रिटायर प्रोफेसर के खिलाफ मिली शिकायतों की जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। कुलपति की मंजूरी के बाद कुलसचिव ने 10 सितंबर को इस संबंध में आदेश जारी किया। कमेटी को शिकायत में लगाए गए आरोपों की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट सौंपने की जिम्मेदारी दी गई है। मामले में नियुक्ति, पेंशन संबंधी लाभ, वित्तीय अनियमितताओं और कानून के उल्लंघन कर नियुक्ति किए जाने जैसे आरोप लगाए गए हैं। शपथपत्र देकर भी लगाए आरोप शिकायत 8 जून 2026 को की गई थी। इसके बाद 20 जुलाई और 23 जुलाई 2026 को दिए गए शपथपत्रों के जरिए भी आरोप सामने रखे गए। शिकायत में विभाग में लगातार मानसिक उत्पीड़न और प्रताड़ना किए जाने का आरोप भी लगाया गया है। अब कमेटी इन सभी आरोपों की जांच करेगी। प्रति कुलपति करेंगी कमेटी की अध्यक्षता कुलसचिव की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, कमेटी की अध्यक्षता KGMU की प्रति कुलपति करेंगी। इसमें डीन एकेडमिक्स, जनरल सर्जरी विभाग के डॉ. केके सिंह और पैथोलॉजी विभाग की डॉ. रश्मि कुशवाहा को सदस्य बनाया गया है। एनॉटमी विभाग की डॉ. ज्योति चोपड़ा को कमेटी का सदस्य सचिव बनाया गया है। दस्तावेजों के साथ पक्ष रखने के निर्देश कमेटी शिकायत से जुड़े सभी आरोपों की जांच करेगी। संबंधित पक्षों और उनके अधिवक्ताओं को जरूरी दस्तावेजों के साथ कमेटी के सामने अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया है। रिटायर प्रोफेसर के खिलाफ गंभीर आरोपों की जांच के लिए कमेटी गठित होने के बाद KGMU में मामला चर्चा का विषय बन गया है।

