कर्नाटक भर के विभिन्न प्रतिष्ठानों में कथित रूप से बाल श्रम में लगे आठ सौ बच्चों को शनिवार को चलाए गए एक विशेष अभियान के दौरान मुक्त कराया गया। अधिकारियों ने यह जानकार दी। उन्होंने बताया कि राज्यभर के 962 पुलिस थानों ने यह अभियान चलाया, जिसके दौरान विभिन्न जिलों में 16,951 परिसरों की जांच की गई।
अधिकारियों ने बताया कि बच्चों को मजदूरी पर रखने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी शुरू की गई। बच्चों को पुलिस ने मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार के निर्देश पर चलाए गए राज्यव्यापी अभियान के तहत बचाया। मुख्यमंत्री ने बेंगलुरु के एपीएमसी यार्ड के हालिया दौरे के दौरान बच्चों को काम करते देखा था, जिसके बाद उन्होंने बाल मजदूरों की पहचान के लिए अभियान चलाने का निर्देश दिया था।
पुलिस के अनुसार, बेंगलुरु में ही शहर पुलिस आयुक्त सीमांत कुमार सिंह के निर्देश पर पुलिस की 12 डिवीजन की टीमों द्वारा चलाए गए विशेष अभियानों के दौरान 503 बच्चों को बचाया गया। पुलिस ने बताया कि अभियान के बाद बेंगलुरु में दुकानों में बच्चों से काम कराने वाले 18 दुकान मालिकों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए। अभियान का उद्देश्य बाल श्रम को रोकना और ऐसे बच्चों की पहचान कर उन्हें बचाना था।
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, मैसूरु शहर में 13 बच्चों को बचाया गया, जबकि हुब्बल्ली-धारवाड़ में 10, मंगलुरु में तीन, कलबुर्गी में 22 और बेंगलुरु ग्रामीण में नौ बच्चों को बचाया गया। सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए मुख्यमंत्री शिवकुमार ने कहा कि हर बच्चे को ऐसा बचपन मिलना चाहिए, जिसमें सीखने, सुरक्षा और सपने देखने की आजादी हो। बेंगलुरु के यशवंतपुर एपीएमसी बाजार के अपने हालिया दौरे को याद करते हुए उन्होंने कहा कि यह जानकर उन्हें गहरी चिंता हुई कि कुछ दुकानों पर 14 साल से कम उम्र के बच्चों से काम कराया जा रहा था।
उन्होंने आठ सितंबर के अपने दौरे का जिक्र करते हुए कहा, “मैंने तुरंत अधिकारियों को सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया, जिसके परिणामस्वरूप 19 बच्चों को बचाया गया। दुकान मालिकों के खिलाफ चार प्राथमिकी भी दर्ज की गई हैं।”
पुलिस के अनुसार, बेंगलुरु में सेंट्रल क्षेत्र से 63 बच्चों को, दक्षिण क्षेत्र से 54, पश्चिम क्षेत्र से 84, उत्तर क्षेत्र से 62, दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र से 17, उत्तर-पश्चिम क्षेत्र से 14, पूर्व क्षेत्र से 71, उत्तर-पूर्व क्षेत्र से 55, दक्षिण-पूर्व क्षेत्र से 13, इलेक्ट्रॉनिक सिटी से तीन, व्हाइटफील्ड से 22 और केंद्रीय अपराध शाखा (सीसीबी) के अधिकार क्षेत्र से 45 बच्चों को बचाया गया। पुलिस के अनुसार, राज्य के सभी पुलिस थाना क्षेत्रों में गोदामों, बाजारों, होटलों, लॉज, बेकरी, बस स्टॉप, रेलवे स्टेशनों, अपार्टमेंट, निर्माण स्थलों आदि की जांच के लिए श्रम निरीक्षकों सहित अधिकारियों के नेतृत्व में टीमें गठित की गई थीं।
बेंगलुरु के पुलिस आयुक्त कार्यालय ने एक बयान में कहा, “कुल 5,897 परिसरों की जांच की गई और वहां मजदूरी कर रहे 503 बच्चों को बचाया गया।”
पुलिस ने बताया कि मामले में जांच जारी है।

