Karnataka CEO ऑफिस के बाहर सीढ़ियों पर बैठे DK Shivakumar, न्याय मिलने तक धरने पर अड़े

Karnataka CEO ऑफिस के बाहर सीढ़ियों पर बैठे DK Shivakumar, न्याय मिलने तक धरने पर अड़े

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने राज्य के कई कैबिनेट मंत्रियों के साथ मिलकर गुरुवार को मुख्य चुनाव अधिकारी वी. अनबुकुमार के दफ़्तर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने मांग की कि वोटर लिस्ट के ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न’ (SIR) के दौरान कथित तौर पर धोखाधड़ी से वोटरों के नाम हटाने के मामले में FIR दर्ज की जाए। शिवकुमार और मंत्री मुख्य चुनाव अधिकारी के दफ़्तर के बाहर सीढ़ियों पर बैठ गए और ज़ोर दिया कि चुनाव आयोग उन लोगों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करे जिन्होंने कथित तौर पर वोटरों के नाम हटाने के लिए धोखाधड़ी से ‘फॉर्म 7’ एप्लीकेशन जमा किए थे।

इसे भी पढ़ें: CEC Gyanesh Kumar के खिलाफ प्रदर्शन से पहले Jantar Mantar पर बैरिकेडिंग, दिल्ली पुलिस से अभी तक नहीं मिली प्रोटेस्ट की अनुमति

शिवकुमार ने कहा कि जब तक वे अधिकारियों द्वारा की गई कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हो जाते, तब तक वे चुनाव आयोग का कार्यालय नहीं छोड़ेंगे। विरोध प्रदर्शन के दौरान शिवकुमार ने कहा कि जब तक मुझे न्याय नहीं मिल जाता, मैं इंतज़ार करूँगा। मैं इंतज़ार करता रहूँगा। उन्होंने आगे कहा कि जहां तक ​​कर्नाटक की बात है, नए SIR के बाद एक स्पेशल SIR शुरू किया गया है। कर्नाटक सरकार की ओर से हमने चुनाव आयोग का सहयोग किया… कर्नाटक में एक बड़ी साज़िश चल रही है… हमने पाया है कि 70% से ज़्यादा बूथों पर बीजेपी के अलग-अलग नेता बिना किसी पहचान-पत्र के ‘फॉर्म 7’ ले रहे हैं। पहले से छपे हुए फ़ॉर्म सप्लाई किए गए हैं और वे बीजेपी पार्टी के नेताओं को दिए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने यह भी सवाल उठाया कि वोटरों से जुड़ी जानकारी तक कैसे पहुँचा गया और कथित तौर पर उसका इस्तेमाल नाम हटाने की अर्ज़ी देने के लिए कैसे किया गया। शिवकुमार ने पूछा कि उनके पास गोपनीय जानकारी कैसे हो सकती है? उन्होंने आरोप लगाया कि कर्नाटक के सभी 224 विधानसभा क्षेत्रों में से हर एक में लगभग 10,000 वोट हटाने की कोशिश की जा रही थी। उन्होंने दावा किया कि यह कथित प्रक्रिया महादेपुरा से शुरू हुई थी और कहा कि उन्होंने कर्नाटक से शुरुआत की है।

इसे भी पढ़ें: Naveen Patnaik के रुख पर बोले Sasmit Patra, Election Commission में मतभेद के बाद CEC दें इस्तीफा

शिवकुमार ने कहा कि वह चाहते हैं कि चुनाव आयोग उन लोगों के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज करे और FIR करवाए, जिन्होंने कथित तौर पर फ़र्ज़ी ‘फ़ॉर्म 7’ आवेदन जमा किए थे। उन्होंने कहा कि जब तक मैं चुनाव आयोग द्वारा की गई कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हो जाता, तब तक मैं यहाँ से नहीं जाऊँगा। 
 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *