Justice Surya Kant ने कहा: पुलिस और अदालतें न्याय व्यवस्था में एक ही कड़ी

Justice Surya Kant ने कहा: पुलिस और अदालतें न्याय व्यवस्था में एक ही कड़ी

भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने बुधवार को कहा कि न्याय व्यवस्था में पुलिस और अदालतों का काम एक ही कड़ी का हिस्सा है। भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के पूर्व अधिकारी ओपी मिश्रा की किताब ‘बियॉन्ड द यूनिफॉर्म : ड्यूटी, डिस्क्रीशन एंड पब्लिक ट्रस्ट’ के विमोचन के मौके पर न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि सावधानी से दर्ज की गई प्राथमिकी या निष्पक्षता से की गई जांच से अदालत में न्याय मिलने की संभावना मजबूत होती है। उन्होंने कहा कि इसके उलट, कोई भी अदालत-चाहे वह कितनी भी ईमानदार क्यों न हो-उस नुकसान की पूरी तरह भरपाई नहीं कर सकती, जो तब होता है, जब प्रक्रिया के शुरुआती कदम ही गड़बड़ा जाते हैं।

न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने राष्ट्रीय राजधानी में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए पुलिस की सराहना भी की। उन्होंने कहा, “न्याय व्यवस्था में पुलिस और अदालतों का काम एक ही कड़ी का हिस्सा है। असल में न्यायपालिका उसी चीज को आगे बढ़ाती है, जो पुलिस उसके सामने पेश करती है।”
प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि पुलिस के लिए कर्तव्य का मतलब केवल कानून में लिखी बातों का पालन करना नहीं, बल्कि उस उद्देश्य के प्रति भी निष्ठावान रहना है, जिसके लिए कानून पुलिस अधिकारी को अधिकार प्रदान करता है।

उन्होंने कहा, “जांच करने, गिरफ्तारी करने, आवाजाही को नियंत्रित करने और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने का अधिकार न तो पद की शोभा है और न ही अपने आप में कोई लक्ष्य। अंततः यह जनता की ओर से सौंपी गई जिम्मेदारी है।

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