जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड के शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने के मौके पर अपने तीनों बच्चों आकाश, ईशा और अनंत को मंच पर देखकर मुकेश अंबानी भावुक हो उठे और उनकी आंखों में आंसू आ गए। यह डिजिटल एवं प्रौद्योगिकी कारोबार अंबानी ने खड़ा किया है, जो देश में संपर्क का एक बड़ा माध्यम बन चुका है। भावुक कर देने वाले इस पल में देश के सबसे बड़े कारोबारी साम्राज्यों में से एक की बागडोर संभालने के लिए अगली पीढ़ी की तैयारी की झलक मिली।
उद्योगपति मुकेश अंबानी (69) अपनी पत्नी नीता अंबानी के साथ नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) में मौजूद रहे। इस दौरान आकाश, ईशा तथा अनंत अंबानी ने अपने पिता मुकेश अंबानी के योगदान को याद किया और दादा धीरूभाई अंबानी को श्रद्धांजलि दी। साथ ही परिवार की विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
बच्चों ने जियो की यात्रा के पीछे के त्याग, महत्वाकांक्षाओं तथा जिम्मेदारियों का जिक्र किया तो मुकेश अंबानी भावुक हो गए और बार-बार अपनी आंखों से आंसू पोंछते नजर आए। आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) से पहले की अधिकतर अवधि में रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन अंबानी ने निवेशकों के साथ बैठकों और रोडशो में अपेक्षाकृत कम सक्रियता दिखाई थी और अपने बड़े पुत्र आकाश को आगे रखा था। बुधवार को शेयर बाजार में सूचीबद्धता समारोह में भी उन्होंने अगली पीढ़ी को सुर्खियों में रहने दिया।
हालांकि, इस पूरी यात्रा पर उनकी छाप स्पष्ट थी। यह आईपीओ एक दशक से जारी उस प्रयास का नतीजा है जिसके तहत ऐसा डिजिटल मंच तैयार किया गया, जिसने भारत के दूरसंचार बाजार को नया रूप दिया और रिलायंस के पारंपरिक तेल शोधन एवं ऊर्जा कारोबार से आगे उसके व्यवसाय का विस्तार किया। जियो का शेयर अपने निर्गम मूल्य से 21.4 प्रतिशत ऊपर खुला और 23 प्रतिशत तक चढ़कर 1,375 रुपये पर पहुंच गया।
इससे कंपनी का मूल्यांकन 12.5 लाख करोड़ रुपये (131 अरब अमेरिकी डॉलर) से अधिक हो गया। 30,213 करोड़ रुपये (3.1 अरब डॉलर) का यह निर्गम देश का अबतक का सबसे बड़ा आईपीओ है। शेयर बाजार में शुरुआत के साथ जियो, रिलायंस इंडस्ट्रीज के बाद देश की दूसरी सबसे मूल्यवान सूचीबद्ध कंपनी बन गई।
रिलायंस जियो के चेयरमैन और जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रबंध निदेशक आकाश अंबानी ने कहा, ‘‘आज कंपनी का बाजार में सूचीबद्ध होना अंतिम पड़ाव नहीं, बल्कि शुरुआत है।’’
उन्होंने मूल कंपनी के रिकॉर्ड का उल्लेख करते हुए दशकों तक शेयरधारकों के लिए मूल्य सृजित करने का वादा किया। रिलायंस इंडस्ट्रीज की गैर-कार्यकारी निदेशक एवं जियो प्लेटफॉर्म्स की निदेशक ईशा ने इस सूचीबद्धता को परिवार के उस लंबे इतिहास का हिस्सा बताया, जिसमें आम भारतीयों को देश की आर्थिक वृद्धि में भागीदार बनाने पर जोर रहा है। उन्होंने 1977 में रिलायंस के पहले सार्वजनिक निर्गम में अपने पिता की शुरुआती भागीदारी को याद किया।
उस समय कंपनी ने 10 करोड़ रुपये के मूल्यांकन पर 2.82 करोड़ रुपये जुटाए थे। उन्होंने कहा कि उनके दादा का मानना था कि आम परिवारों को भारत की समृद्धि में केवल दर्शक के रूप में नहीं, बल्कि मालिक के रूप में भी भाग लेना चाहिए। आईपीओ में निवेश करने वाले लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘ करीब 50 साल बाद, वह भरोसा फिर से कायम हुआ है।’’
ईशा ने जियो मंच के निर्माण में आकाश की भूमिका का भी स्पष्ट उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि जियो की 13 साल की यात्रा के दौरान उन्हें एक भी ऐसा दिन याद नहीं है, जब आकाश आधी रात से पहले घर लौटे हों। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे तुम्हारी बहन होने पर इससे ज्यादा गर्व नहीं हो सकता।’’
ईशा ने मुकेश अंबानी के बारे में कहा कि उनके पिता ने बार-बार ऐसा भविष्य देखा, जिसकी दूसरे लोग कल्पना भी नहीं कर सकते थे और उन चीजों को बनाने का साहस दिखाया, जिन्हें दूसरे असंभव मानते थे। उन्होंने कहा, ‘‘अलग-अलग उद्योग।
अलग-अलग दशक। भारत में वही विश्वास। और यह महज शुरुआत है।’’
जियो प्लेटफॉर्म्स के निदेशक अनंत ने सूचीबद्धता को जनता के भरोसे और राष्ट्रीय प्रयास के रूप में पेश किया।
उन्होंने परिवार के बुजुर्गों के आशीर्वाद और आम भारतीयों की आकांक्षाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, ‘‘आज जियो भारत का साझा उद्यम है।’’
उन्होंने धीरूभाई अंबानी के साधारण शुरुआत से आगे बढ़ने, अपने पिता द्वारा रिलायंस के औद्योगिक कारोबार खड़े करने और फिर हर हाथ तक इंटरनेट पहुंचाने तथा हर गांव तक दुनिया को लाने की महत्वाकांक्षा तक कंपनी की यात्रा का जिक्र किया। अनंत ने जियो की परिकल्पना का श्रेय ईशा को और उस विचार को अपना बनाने का श्रेय आकाश को दिया।
उन्होंने कहा कि कंपनी भारत के लोगों ने बनाई है और इसने कक्षाओं, परिवारों, मरीजों तथा समुदायों को जोड़कर उनके जीवन में बदलाव किया है। उन्होंने कहा, ‘‘जियो आपने बनाया। आपके सपनों को पूरा करना हमारा सपना है।’’
उन्होंने खुद को और अपने भाई-बहनों को ‘‘तीन शरीर, लेकिन एक आत्मा’’ बताया, जो देश की सेवा करने और उसके लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने के संकल्प से एकजुट हैं।
उन्होंने डिजिटल इंडिया की परिकल्पना के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भी धन्यवाद दिया और कहा कि इसी ने जियो को उसका उद्देश्य दिया। अपने समापन संबोधन में आकाश ने माता-पिता के मार्गदर्शन के लिए उनका धन्यवाद किया और कहा कि उनका तथा उनके भाई-बहनों का सबसे बड़ा लक्ष्य माता-पिता का भरोसा तथा सम्मान अर्जित करना है। सूचीबद्धता की घंटी जियो के लिए एक वित्तीय उपलब्धि का संकेत थी।
अंबानी परिवार के लिए यह विरासत को सार्वजनिक रूप से अगली पीढ़ी को सौंपने का क्षण भी था।

