शहडोल जिले में बुधवार को अलग-अलग इलाकों में खंड वर्षा हुई। इसके बाद मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में भारी बारिश, गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की चेतावनी दी है। बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के बीच पूर्वी मध्यप्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है। कहीं बारिश, कहीं बादल छाने के बाद भी सूखा बुधवार को जिले के कुछ इलाकों में बारिश से मौसम ठंडा हुआ, जबकि कुछ जगह बादल छाने के बावजूद बारिश नहीं हुई। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, पूर्वी मध्यप्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। तूफान दूर, फिर भी मौसम पर पड़ सकता है असर चक्रवाती तूफान के दौरान समुद्र से बड़ी मात्रा में नमी वातावरण में पहुंचती है। तूफान आगे बढ़ने और कमजोर होने के बाद भी उससे जुड़ा मौसमी सिस्टम आसपास के इलाकों में बादल और बारिश की स्थिति बना सकता है। हालांकि, शहडोल में हुई बारिश की सटीक वजह और मात्रा का आकलन स्थानीय मौसम के आंकड़ों से ही किया जा सकेगा। अलग-अलग इलाकों में बारिश की मात्रा अलग जिले के सभी इलाकों में बारिश नहीं हुई। स्थानीय स्तर पर बादलों के अलग-अलग जगह बनने और नमी के असमान वितरण के कारण ऐसा हो सकता है। इसी वजह से एक इलाके में अच्छी बारिश होती है, जबकि आसपास के गांवों में बारिश नहीं होती। किसानों को फायदा, तेज बारिश से नुकसान की आशंका बारिश से खेतों में नमी बढ़ सकती है। इससे रबी फसलों की बोवनी की तैयारी कर रहे किसानों को फायदा मिल सकता है। हालांकि, हल्की बारिश से पर्याप्त नमी मिलने की गारंटी नहीं है। तेज बारिश और हवा से खेतों में पानी भरने, सब्जियों और खुले में रखी कृषि उपज को नुकसान पहुंचने की आशंका है।

