जीविका कटिहार ने पोषण पखवाड़े में 104% उपलब्धि हासिल की:8वें पोषण पखवाड़े में 1.03 लाख लक्ष्य के मुकाबले 1.08 लाख गतिविधियां संपन्न

जीविका कटिहार ने पोषण पखवाड़े में 104% उपलब्धि हासिल की:8वें पोषण पखवाड़े में 1.03 लाख लक्ष्य के मुकाबले 1.08 लाख गतिविधियां संपन्न

जीविका कटिहार ने 8वें पोषण पखवाड़े में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। 9 से 23 अप्रैल 2026 तक चले इस अभियान में जिले ने निर्धारित लक्ष्य से अधिक गतिविधियां सफलतापूर्वक संपन्न कीं। कुल 1,03,500 गतिविधियों के लक्ष्य के मुकाबले 1,08,096 गतिविधियां पूरी की गईं, जो 104% उपलब्धि दर्शाती है। इस उपलब्धि के साथ, कटिहार जिले ने पोषण के प्रति जागरूकता फैलाने में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। अभियान में कदवा, आजमनगर और बारसोई प्रखंडों ने विशेष रूप से अव्वल प्रदर्शन किया। जिले के सभी 16 प्रखंडों में विविध गतिविधियां चलाई गईं। “8वें पोषण पखवाड़ा 2026” की मुख्य थीम “शुरुआती 6 वर्ष, जीवन की बुनियाद” थी। इस अभियान का उद्देश्य बच्चों के शुरुआती विकास पर जोर देना था, क्योंकि जीवन के पहले छह वर्षों में बच्चे का 80% मस्तिष्क विकास होता है। यह संदेश दिया गया कि बच्चों को केवल पेट भरने के लिए नहीं, बल्कि उनके मस्तिष्क के समुचित विकास के लिए सही पोषण मिलना आवश्यक है। जीविका दीदियों ने इस दौरान घर-घर जाकर माताओं को जागरूक किया। उन्हें संतुलित आहार, स्तनपान, पूरक आहार के महत्व और स्वच्छता बनाए रखने के तरीकों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। इन प्रयासों से समुदाय में पोषण संबंधी जागरूकता बढ़ी। जीविका कटिहार ने 8वें पोषण पखवाड़े में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। 9 से 23 अप्रैल 2026 तक चले इस अभियान में जिले ने निर्धारित लक्ष्य से अधिक गतिविधियां सफलतापूर्वक संपन्न कीं। कुल 1,03,500 गतिविधियों के लक्ष्य के मुकाबले 1,08,096 गतिविधियां पूरी की गईं, जो 104% उपलब्धि दर्शाती है। इस उपलब्धि के साथ, कटिहार जिले ने पोषण के प्रति जागरूकता फैलाने में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। अभियान में कदवा, आजमनगर और बारसोई प्रखंडों ने विशेष रूप से अव्वल प्रदर्शन किया। जिले के सभी 16 प्रखंडों में विविध गतिविधियां चलाई गईं। “8वें पोषण पखवाड़ा 2026” की मुख्य थीम “शुरुआती 6 वर्ष, जीवन की बुनियाद” थी। इस अभियान का उद्देश्य बच्चों के शुरुआती विकास पर जोर देना था, क्योंकि जीवन के पहले छह वर्षों में बच्चे का 80% मस्तिष्क विकास होता है। यह संदेश दिया गया कि बच्चों को केवल पेट भरने के लिए नहीं, बल्कि उनके मस्तिष्क के समुचित विकास के लिए सही पोषण मिलना आवश्यक है। जीविका दीदियों ने इस दौरान घर-घर जाकर माताओं को जागरूक किया। उन्हें संतुलित आहार, स्तनपान, पूरक आहार के महत्व और स्वच्छता बनाए रखने के तरीकों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। इन प्रयासों से समुदाय में पोषण संबंधी जागरूकता बढ़ी।  

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