JEE एडवांस्ड में फेल फिर शुरू किया अपना ब्रांड:पहले प्रोजेक्ट में रोज मिले 100 से ज्यादा ऑर्डर, अब चला रहे 10 करोड़ का बिजनेस

JEE एडवांस्ड में फेल फिर शुरू किया अपना ब्रांड:पहले प्रोजेक्ट में रोज मिले 100 से ज्यादा ऑर्डर, अब चला रहे 10 करोड़ का बिजनेस

कुलदीप राठौर उन लोगों में से एक हैं जो अपनी हार को जीत में बदलने का हुनर जानते हैं। कुलदीप ने JEE की तैयारी के लिए एक साल का ड्रॉप लिया था लेकिन वे एग्जाम क्लियर नहीं कर सके। इसके बाद सितंबर 2023 में उन्होंने डाटा साइंस में IIT मद्रास से BS डिग्री प्रोग्राम किया। आईआईटी मद्रास दुनिया का पहला ऐसा संस्थान है जहां से 4-वर्षीय बैचलर ऑफ साइंस (BS) डिग्री प्रोग्राम ऑनलाइन और हाइब्रिड मोड में किया जाता है। इसके चलते ऑनलाइन फॉर्मेट की मदद से वे अपनी पढ़ाई जारी रखने के साथ-साथ इंटरप्रेन्योरशिप की बारिकियां भी सीख पाए। क्विक-कॉमर्स प्रोजेक्ट की शुरुआत कुलदीप ने अपने को-फाउंडर शिवांश शर्मा के साथ ZODOK नाम का फैशन क्विक-कॉमर्स प्रोजेक्ट शुरू किया। उन्होंने सूरत के निर्माताओं से संपर्क कर कम कीमत पर फैशन प्रोडक्ट्स उपलब्ध कराने का मॉडल विकसित किया। जोडोक को रोज मिलने लगे 100 से ज्यादा ऑर्डर अपने बिजनेस की शुरुआत में उन्होंने एक फ्लैट किराए पर लिया। अपनी वेबसाइट बनाई और डिलीवरी सिस्टम को बेहतर बनाना शुरू किया। जल्द ही जोडोक डेली 100 से ज्यादा ऑर्डर और 10,000 से ज्यादा यूजर तक पहुंच गया। उनके इस स्टार्टअप को KNOT ने खरीद लिया, जिससे कुलदीप को बिजनेस के बारे में और अनुभव हासिल करने का मौका मिला। इस अनुभव से उन्होंने ग्राहकों की मांग, ऑर्डर पूरा करने की प्रोसेस और एक फास्ट-कॉमर्स कंपनी चलाने के दौरान आने वाली मुश्किलों के बारे में बहुत कुछ सीखा। KNOT के माध्यम से कुलदीप ने सूरत, दिल्ली एनसीआर और चीन में सप्लाई नेटवर्क तैयार किए जिसके तहत वे 100 से ज्यादा मैन्युफैक्चरर्स से जुड़े। इस अनुभव से उन्हें प्रोडक्ट सोर्सिंग, प्राइवेट लेबल प्रोडक्ट डेवलपमेंट और सप्लाई चेन के क्षेत्र में अनुभव मिला। प्रोडक्ट्स को किफायती बनाया कुलदीप ने सोर्सिंग और बिजनेस प्रोसेस को बेहतर बनाने के तरीके भी खोजे, ताकि प्रोडक्ट्स को ज्यादा किफायती बनाया जा सके। अपने इन सारे अनुभव का फायदा उन्हें तीसरे प्रोजेक्ट SamanNow को आगे बढ़ाने में मिला। कंपनी 60 मिनट में उपलब्ध कराती है प्रोडक्ट्स SamanNow का लक्ष्य टियर-2 और टियर-3 शहरों में कस्टमर को रोजमर्रा के प्रोडक्ट्स लगभग 60 मिनट के अंदर उपलब्ध कराना है। कंपनी अपने प्रोडक्ट्स की कीमतों को किफायती रखने पर सबसे ज्यादा ध्यान देती है। इससे मिलने वाली कुल प्री सीड फंडिंग 1.1 मिलियन (9.5 से 10 करोड़) है। ये खबर भी पढ़ें करेंट अफेयर्स 24 अक्टूबर:सुनील कुमार ONGC के अगले चेयरमैन, तमिलनाडु में अब हर घर में ‘रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम जरूरी आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें

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