बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने बड़ी कार्रवाई की है। ग्रामीण कार्य प्रमंडल, झाझा (जमुई) में पदस्थापित कार्यपालक अभियंता गोपाल कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है। शनिवार सुबह सुबह पटना और जमुई समेत चार ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की। यह मामला आर्थिक अपराध इकाई थाना कांड संख्या-08/26, दिनांक 15 मई 2026 के तहत दर्ज किया गया है। EOU की जांच और सत्यापन में प्रथम दृष्टया पाया गया कि अधिकारी ने अपनी ज्ञात आय से लगभग 81.5 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित की है। जांच में करीब 2 करोड़ 61 हजार रुपये की अवैध संपत्ति का खुलासा हुआ है। पटना सहित जमुई के चार ठिकानों पर चल रही तलाशी इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(बी) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। आर्थिक अपराध इकाई ने विशेष न्यायालय निगरानी, पटना से तलाशी वारंट प्राप्त करने के बाद यह कार्रवाई की। शनिवार सुबह पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारियों के नेतृत्व में गठित टीमों ने चार स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। EOU की टीम जिन ठिकानों पर कार्रवाई कर रही है, उनमें— बैंक खातों, जमीन और निवेश से जुड़े दस्तावेजों की जांच सूत्रों के अनुसार, छापेमारी के दौरान बैंक खातों, जमीन और निवेश से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है। टीमों ने नकदी, आभूषण, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और वित्तीय लेन-देन से संबंधित कागजात भी खंगाले। अधिकारियों को तलाशी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिलने की संभावना है। EOU अधिकारियों ने बताया कि तलाशी अभियान समाप्त होने के बाद जब्त दस्तावेजों और बरामद संपत्तियों का विस्तृत मूल्यांकन किया जाएगा। इसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने बड़ी कार्रवाई की है। ग्रामीण कार्य प्रमंडल, झाझा (जमुई) में पदस्थापित कार्यपालक अभियंता गोपाल कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है। शनिवार सुबह सुबह पटना और जमुई समेत चार ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की। यह मामला आर्थिक अपराध इकाई थाना कांड संख्या-08/26, दिनांक 15 मई 2026 के तहत दर्ज किया गया है। EOU की जांच और सत्यापन में प्रथम दृष्टया पाया गया कि अधिकारी ने अपनी ज्ञात आय से लगभग 81.5 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित की है। जांच में करीब 2 करोड़ 61 हजार रुपये की अवैध संपत्ति का खुलासा हुआ है। पटना सहित जमुई के चार ठिकानों पर चल रही तलाशी इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(बी) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। आर्थिक अपराध इकाई ने विशेष न्यायालय निगरानी, पटना से तलाशी वारंट प्राप्त करने के बाद यह कार्रवाई की। शनिवार सुबह पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारियों के नेतृत्व में गठित टीमों ने चार स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। EOU की टीम जिन ठिकानों पर कार्रवाई कर रही है, उनमें— बैंक खातों, जमीन और निवेश से जुड़े दस्तावेजों की जांच सूत्रों के अनुसार, छापेमारी के दौरान बैंक खातों, जमीन और निवेश से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है। टीमों ने नकदी, आभूषण, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और वित्तीय लेन-देन से संबंधित कागजात भी खंगाले। अधिकारियों को तलाशी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिलने की संभावना है। EOU अधिकारियों ने बताया कि तलाशी अभियान समाप्त होने के बाद जब्त दस्तावेजों और बरामद संपत्तियों का विस्तृत मूल्यांकन किया जाएगा। इसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


