जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की दो साल पुरानी मंत्रिपरिषद में मंगलवार को फेरबदल होगा। ऐसी संभावना है कि सभी मंत्री पदों पर नए चेहरों को शामिल किया जाएगा। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
फेरबदल से पहले, सभी मंत्रियों ने अपने इस्तीफे सौंप दिए, ताकि पार्टी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला और मुख्यमंत्री केंद्र शासित प्रदेश में सरकार चलाने के लिए एक नयी टीम तैयार कर सकें। हालांकि, जम्मू-कश्मीर सरकार ने नयी सूची को गुप्त रखा है, लेकिन अधिकारियों ने बताया कि नयी मंत्रिपरिषद में मुख्यमंत्री समेत कुल नौ मंत्री होंगे। उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली मंत्रिपिरषद में पिछली बार छह मंत्री थे।
नियमों के अनुसार, केंद्र शासित प्रदेश में मंत्रिपरिषद का आकार विधानसभा की कुल सदस्य संख्या का अधिकतम 10 प्रतिशत हो सकता है, और जम्मू-कश्मीर में विधानसभा की सदस्य संख्या 90 है। सरकार की सहयोगी कांग्रेस ने खुद को मंत्रिपरिषद से अलग कर लिया है और वह अपने इस रुख पर कायम है कि जब तक राज्य का दर्जा बहाल नहीं हो जाता, तब तक वह मंत्रिपरिषद में शामिल नहीं होगी। अधिकारियों ने बताया कि मंत्रिपरिषद के कुछ मंत्रियों के विभाग बदले या छीने जा सकते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर के हर क्षेत्र को प्रतिनिधित्व देने पर जोर दिया गया है। इससे पहले, पार्टी प्रवक्ता तनवीर सादिक ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘नए मंत्रियों का शपथग्रहण समारोह मंगलवार सुबह साढ़े दस बजे होगा।’’
सादिक ने कहा कि मंत्रिपरिषद में शामिल किए जाने वाले नए चेहरों के बारे में पार्टी आलाकमान फैसला करेगा, जिसमें मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और पार्टी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला शामिल हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि आज शाम तक यह स्पष्ट हो जाएगा कि कल कौन-कौन शपथ लेगा।’’
मुख्यमंत्री ने शनिवार को उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात की थी और मंत्रिपरिषद में फेरबदल एवं विस्तार के तहत नए मंत्रियों के शपथग्रहण के लिए समय मांगा था।

