केरल हाईकोर्ट ने सोमवार को एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज और मर्सिडीज के मालिक पिता के खिलाफ केस दर्ज करने की अनुमति दे दी। जज पर मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 199ए के तहत केस दर्ज हुआ है। हाईकोर्ट ने मामले में रिपोर्ट भी मांगी है। जज के 17 वर्षीय बेटे की कार से रविवार सुबह चेरानल्लूर में 55 वर्षीय दुकानदार जयबालकृष्णन की मौत हो गई थी। पुलिस ने पहले उस पर लापरवाही से मौत का केस दर्ज कर थाने से जमानत दे दी थी। परिवार और स्थानीय लोगों के विरोध के बाद गैर-इरादतन हत्या की धारा जोड़ी गई और उसे दोबारा हिरासत में लेकर जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में पेश किया गया। बोर्ड ने उसे फिर जमानत दे दी थी। इसके बाद मृतक के परिवार ने थाने के सामने धरना जारी रखा। यह मुद्दा सोमवार को केरलम विधानसभा में भी उठा। गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने माना कि पुलिस की शुरुआती कार्रवाई सही नहीं थी। मृतक का परिवार बोला- शरीर के टुकड़े-टुकड़े हो गए मृतक की रिश्तेदार जयलक्ष्मी थंकराज ने कहा कि जयबालकृष्णन उनके अंकल थे। वह मैकेनिकल इंजीनियर थे और अपने शौक के कारण डोसा की दुकान चलाते थे। हादसे के समय वह दुकान बंद कर घर लौट रहे थे। उनके शरीर के टुकड़े-टुकड़े हो गए। जयलक्ष्मी ने सरकार और पुलिस से आरोपी का पासपोर्ट और दूसरे दस्तावेज जब्त करने की मांग की। उनका कहना है कि आरोपी प्रभावशाली परिवार से है और देश छोड़कर भाग सकता है। उन्होंने अधिकारियों से आरोपी के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का आरोप लगाने और गंभीर धाराएं जोड़ने की भी मांग की। 30 साल से चला रहे थे खाने का स्टॉल, घर लौटते समय हादसा हादसे में जान गंवाने शख्स की पहचान जयबालकृष्णन के रूप में हुई है। वह करीब 30 साल से अपनी पत्नी मंजू के साथ सड़क किनारे खाने का स्टॉल चला रहे थे। रिपोर्ट के मुताबिक, जयबालकृष्णन ने शनिवार रात चित्तूर मंदिर के पास अपना स्टॉल बंद किया था। वह रोज शाम करीब 4 बजे दुकान खोलते थे और वहां मुख्य रूप से डोसा सहित शाकाहारी खाना बेचते थे। जयबालकृष्णन और उनकी पत्नी रोज स्कूटी से करीब 20 किलोमीटर का सफर तय करके दुकान पहुंचते थे। उनकी पत्नी वैरिकोज वेन्स के इलाज के कारण एक सप्ताह की छुट्टी पर थीं। हादसे के समय जयबालकृष्णन अकेले घर लौट रहे थे। मंत्री बोले- पुलिस से चूक हुई, जमानत रद्द कराने के निर्देश दिए केरलम के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने सोमवार को माना कि पुलिस की शुरुआती कार्रवाई में चूक हुई है। सोमवार को विधानसभा में उन्होंने कहा कि पुलिस को शुरुआत में ही गैर-इरादतन हत्या समेत उचित धाराएं लगानी चाहिए थीं। चेन्निथला ने कहा कि DGP और ADGP ने मामले में दखल किया। इसके बाद केस में संबंधित धारा जोड़ी गई। उन्होंने पुलिस को नाबालिग की जमानत रद्द करने का निर्देश दिया है। ———- ये खबर भी पढ़ें… जज का नाबालिग बेटा 200kmph स्पीड से मर्सिडीज चलाता था:रील्स डिलीट कीं केरलम के कोच्चि में जज के नाबालिग बेटे की मर्सिडीज की टक्कर से इंजीनियर की मौत मामले में नए खुलासे हुए हैं। नाबालिग ने पुलिस से कहा था कि उसने पहली बार कार चलाई और यूट्यूब से ड्राइविंग सीखी। पूरी खबर पढ़ें…
जज पिता पर केस दर्ज करने हाईकोर्ट की मंजूरी:केरलम में नाबालिग बेटे ने मर्सिडीज से स्कूटर सवार को मारी थी टक्कर, मौत

