Jaipur में सरकारी स्कूल पहुंची कॉजपा टीम पर हमला, वाहनों में तोड़फोड़ और पथराव का आरोप

Jaipur में सरकारी स्कूल पहुंची कॉजपा टीम पर हमला, वाहनों में तोड़फोड़ और पथराव का आरोप

राजस्थान के एक गांव में सरकारी स्कूल का निरीक्षण करने पहुंची कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) की टीम को ग्रामीणों ने कथित तौर पर भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर खदेड़ दिया, जिसके बाद झड़प हो गई। कॉजपा ने जयपुर जिले के रामपुरा कंवरपुरा गांव में हुई इस घटना को अपनी ‘स्कूल ठीक करो’ मुहिम में शामिल टीम पर हमला बताया। पार्टी के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि कार्यकर्ताओं पर पथराव किया गया लेकिन राजस्थान पुलिस ने हस्तक्षेप नहीं किया।

रांका ने आरोप लगाया कि कॉजपा टीम के सदस्यों की पिटाई की गई, वाहनों को क्षतिग्रस्त किया गया और महिला समर्थकों से अभद्रता की गई। कॉजपा संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि भाजपा के ‘‘गुंडे’’ आशुतोष (रांका) और कॉजपा के अन्य स्वयंसेवकों के पीछे पड़े हैं। उन्होंने सवाल किया कि राजस्थान पुलिस इस तरह के हमले कैसे होने दे सकती है।

हालांकि, बगरू के पुलिस उपाधीक्षक धर्मेंद्र शर्मा ने कहा कि उन्हें ऐसी किसी घटना की जानकारी नहीं मिली है। घटना से जुड़े वीडियो में बड़ी संख्या में लोगों को कॉजपा टीम के सदस्यों के साथ तीखी बहस करते, गांव में प्रवेश करने से रोकते और धक्का-मुक्की करते हुए देखा जा सकता है। कुछ वीडियो में कारों की टूटी हुई खिड़कियां भी नजर आईं, जिनके बारे में माना जा रहा है कि वे कॉजपा की टीम की थीं।

रांका ने पत्रकारों से कहा, ‘‘आज सारी हदें पार हो गईं। पिछले कई वर्ष से रामपुरा कंवरपुरा का स्कूल भैंसों के तबेले में स्थित है।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि निरीक्षण के लिए पहुंची टीम पर खुलेआम हमला व पथराव किया गया तथा कारों की खिड़कियां तोड़ दी गईं। कॉजपा नेता ने कहा कि टीम के सदस्यों के कपड़े फाड़े गए और खुद उनकी शर्ट फाड़ी गई है।

रांका ने दावा किया कि स्कूल भवन को ‘असुरक्षित’ घोषित किए जाने के बाद छात्रों के लिए बंद कर दिया गया है और पास के एक पशु बाड़े में कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। हालांकि, ग्रामीणों का दावा है कि सरकार ने मरम्मत कार्य के लिए पहले ही धनराशि मंजूर कर दी है और स्थानीय स्तर पर प्रयास करके मरम्मत कराई जा सकती है। रांका ने आरोप लगाया कि कॉजपा टीम पर हमला राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के निर्देश पर किया गया।

उन्होंने कहा, ‘‘मदन दिलावर को बच्चों का भैंसों के तबेले में पढ़ना स्वीकार्य है, लेकिन स्कूल की मरम्मत कराना मंजूर नहीं है।’’
रांका ने आरोप लगाया, ‘‘यह पूरी तरह से सुनियोजित था। यह मदन दिलावर के कहने पर हुआ है। लेकिन हम ऐसी गुंडागर्दी से डरने वाले नहीं हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘आज पूरे देश ने भाजपा की गुंडागर्दी को प्रत्यक्ष तौर पर देखा है।

राजस्थान में लोकतंत्र के लिए यह काला दिन है।’’
रांका ने कहा कि उनकी मांगें पूरी करने के लिए 48 घंटे का समय दिया गया है और इस दौरान सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने तथा स्कूलों में बाहरी लोगों के प्रवेश पर लगी पाबंदी का आदेश वापस लेने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसा नहीं होने पर आंदोलन शिक्षा के मुद्दे से आगे बढ़कर मदन दिलावर के खिलाफ भी किया जाएगा। कॉजपा की टीम अपनी ‘स्कूल ठीक करो’ मुहिम के तहत सरकारी स्कूलों की स्थिति का निरीक्षण करने तथा छात्रों व शिक्षकों से बातचीत करने गांव पहुंची थी।

रांका ने आरोप लगाया कि पुलिस को इलाके में पथराव की जानकारी थी, लेकिन उसने हस्तक्षेप नहीं किया। उन्होंने कहा, ‘‘वहां पहले ही पथराव शुरू हो गया था, लेकिन पुलिस ने हाथ खड़े कर दिए और कहा कि वह कुछ नहीं करेगी।’’
कॉजपा नेता ने आरोप लगाया, ‘‘वहां एक भी पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था। इसके बजाय भाजपा कार्यकर्ता मौजूद थे।’’
रांका ने कहा कि उन्होंने करीब एक साल पहले भी इस स्कूल का दौरा किया था और तब भी इसकी स्थिति ऐसी ही थी।

उन्होंने कहा, ‘‘आज भी भैंसों के तबेले में कक्षाएं ली जा रही हैं। हम स्कूल की मरम्मत कराना चाहते हैं, लेकिन आपने गुंडागर्दी की।’’
कॉजपा संस्थापक दीपके ने ‘एक्स’ पर एक अन्य पोस्ट में राजस्थान की स्थिति पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि भाजपा के ‘‘गुंडे’’ राकां और कॉजपा के अन्य स्वयंसेवकों को निशाना बना रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, कुछ महिलाओं ने कॉजपा की महिला सदस्यों पर कथित तौर पर कीचड़ फेंकी और उन्हें वहां से जाने को मजबूर किया।

सूत्रों ने बताया कि कॉजपा टीम के पहुंचने से पहले स्थानीय लोगों ने गांव तक जाने वाली मुख्य सड़क पर बैरिकेड लगा दिए थे और इलाके में प्रवेश करने वाले वाहनों की जांच करते देखे गए। बाद में ग्रामीणों ने स्कूल के बाहर धरना दिया और कॉजपा के खिलाफ नारे लगाए। सूत्रों के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ता भी मौजूद थे।

कॉजपा टीम का यह दौरा राजस्थान शिक्षा विभाग द्वारा सरकारी स्कूलों में बिना किसी विशेष कारण बाहरी लोगों और मीडियाकर्मियों के प्रवेश पर लगाए गए प्रतिबंध को लेकर जारी विवाद के बीच हुआ। कॉजपा ने इस प्रतिबंध का विरोध किया है और आरोप लगाया है कि राज्य सरकार सरकारी स्कूलों की स्थिति की सार्वजनिक जांच रोकने का प्रयास कर रही है। कॉजपा की ‘स्कूल ठीक करो’ मुहिम का उद्देश्य, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में, सरकारी स्कूलों के भवनों की स्थिति, शिक्षकों की उपलब्धता, अन्य सुविधाओं, शैक्षणिक व्यवस्थाओं और जमीनी स्थिति का आकलन करना है।

इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा, कॉजपा ने जंतर मंतर पर जिस प्रकार की गड़बड़… जैसे एक प्रकार से वहां अश्लील वातावरण बनाया था वह सबने देखा है। उस प्रकार का वातावरण ये राजस्थान में भी पैदा करना चाहते हैं। उन्होंने कहा,“राजस्थान की जनता जागरुक है।

अपने बच्चों की शिक्षा में व्यवधान पैदा करना कौन बर्दाश्त करेगा? इसलिए उन्होंने आज विरोध किया है।कॉजपा के लोग मुंह छिपाकर भागे हैं। ये अपनी झेंप मिटाने के लिए मदन दिलावर का इस्तीफा मांग रहे हैं।”
दिलावर ने कहा कि भाजपा चाहती है कि राजस्थान के बच्चे शिक्षित हों, उन्हें संस्कारपूर्ण व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले लेकिन कांग्रेस और कॉकरोच जनता पार्टी को यह बात पसंद नहीं है।

उन्होंने कहा, “कांग्रेस व कॉजपा को यह रास नहीं आ रहा है कि आखिर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में शिक्षा विभाग व पूरा राजस्थान निरंतर प्रगति क्यों कर रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में लगातार प्रगति क्यों हो रही है।”
मंत्री ने कहा, “राजस्थान में सबसे ज्यादा अंक लाने वाले विद्यार्थी सरकारी विद्यालयों के हैं इससे उनको पीड़ा हो रही है। हमारे बच्चों को अशिक्षित रखने व विद्यालयों में व्यवधान पैदा करने के लिए वे इस तरह की घटना करना चाहते हैं।

परंतु राजस्थान की जनता सब जानती है।”
वहीं कांग्रेस के नेताओं ने इस मुद्दे को लेकर राज्य सरकार व भाजपा की आलोचना की। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा, “ये अन्याय है। हमारे समाज में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है।

हिंसा नहीं होनी चाहिए। कॉजपा के कार्यकर्ता भी बच्चों की मांग उठा रहे हैं। उनको रोकना गलत है।”
उन्होंने कहा कि भाजपा वाले जो कर रहे हैं वह तरीका गलत है।

पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा कि जनता, नौजवानों व छात्रों में आक्रोश है लेकिन राज्य सरकार चाहती है कि उसकी नाकामी छुपी रहे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने तुगलकी फरमान जारी किया है जिसे वापस लेना पड़ेगा क्योंकि यह हमारे लोकतंत्र के लिए सही नहीं है। कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि कॉजपा से हाथापाई करने वाले भाजपा के कार्यकर्ता थे।

उन्होंने कहा, “वे भाजपा के कार्यकर्ता थे, ग्रामीण नहीं थे। भाजपा कार्यकर्ता जनहित से जुड़े हर काम का विरोध करेंगे। वे सिर्फ ऊपर से आने वाले आदेशों का पालन करेंगे।

अगर किसी को स्कूल जाने से रोका गया है या उस पर हमला किया गया है, तो हम इसकी निंदा करते हैं। कांग्रेस इस सरकार से त्रस्त हर व्यक्ति के साथ खड़ी रहेगी।

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