भभुआ के सरदार वल्लभ भाई पटेल महाविद्यालय में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के कार्यकर्ताओं ने विभिन्न मांगों को लेकर प्राचार्य कक्ष के सामने धरना दिया। छात्रों का यह प्रदर्शन मुख्य रूप से परीक्षा के दौरान गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों द्वारा विद्यार्थियों के साथ की गई बदसलूकी और कॉलेज प्रशासन की लापरवाही के खिलाफ था। छात्र नेता अभय शुभम ने बताया कि कॉलेज में लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। उन्होंने लाइब्रेरी में नई किताबों की खरीद, कैंटीन में रेट लिस्ट और मेन्यू प्रदर्शित करने, तथा सभी छात्रों को अविलंब आईडी कार्ड जारी करने की मांग की। छात्रों ने आरोप लगाया कि पिछले दिनों परीक्षा के दौरान कर्मचारियों ने छात्रों के साथ अभद्र व्यवहार किया था, जिस पर प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की थी। प्रदर्शन की गंभीरता को देखते हुए कॉलेज के प्राचार्य ने छात्रों से वार्ता की। काफी देर तक चली चर्चा के बाद प्राचार्य ने छात्रों की सभी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों के व्यवहार की जांच की जाएगी और कैंटीन व लाइब्रेरी की व्यवस्थाओं में जल्द सुधार होगा। इस आश्वासन के बाद छात्रों ने अपना धरना समाप्त कर दिया। भभुआ के सरदार वल्लभ भाई पटेल महाविद्यालय में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के कार्यकर्ताओं ने विभिन्न मांगों को लेकर प्राचार्य कक्ष के सामने धरना दिया। छात्रों का यह प्रदर्शन मुख्य रूप से परीक्षा के दौरान गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों द्वारा विद्यार्थियों के साथ की गई बदसलूकी और कॉलेज प्रशासन की लापरवाही के खिलाफ था। छात्र नेता अभय शुभम ने बताया कि कॉलेज में लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। उन्होंने लाइब्रेरी में नई किताबों की खरीद, कैंटीन में रेट लिस्ट और मेन्यू प्रदर्शित करने, तथा सभी छात्रों को अविलंब आईडी कार्ड जारी करने की मांग की। छात्रों ने आरोप लगाया कि पिछले दिनों परीक्षा के दौरान कर्मचारियों ने छात्रों के साथ अभद्र व्यवहार किया था, जिस पर प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की थी। प्रदर्शन की गंभीरता को देखते हुए कॉलेज के प्राचार्य ने छात्रों से वार्ता की। काफी देर तक चली चर्चा के बाद प्राचार्य ने छात्रों की सभी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों के व्यवहार की जांच की जाएगी और कैंटीन व लाइब्रेरी की व्यवस्थाओं में जल्द सुधार होगा। इस आश्वासन के बाद छात्रों ने अपना धरना समाप्त कर दिया।


